TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सुप्रीमकोर्ट ने डेटा लिक को लेकर दी कड़ी चेतावनी

    डेटा प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, व्हाट्सएप के खिलाफ सख्त चेतावनी

    किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर तीखा वार

    किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट शेयर कर राहुल गांधी को दिया करारा जवाब

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    99 हिंदू परिवारों को नई जिंदगी

    CM योगी का पुनर्वास प्लान: 99 विस्थापित हिंदू परिवारों को मिलेगा नया ठिकाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    विदेशी डेटा सेंटर कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    केंद्र सरकार ने वायरल दावों को किया खारिज

    केंद्रीय बजट 2026–27 लीक हुआ? केंद्र सरकार ने वायरल दावों को किया खारिज

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सुप्रीमकोर्ट ने डेटा लिक को लेकर दी कड़ी चेतावनी

    डेटा प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, व्हाट्सएप के खिलाफ सख्त चेतावनी

    किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर तीखा वार

    किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट शेयर कर राहुल गांधी को दिया करारा जवाब

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    99 हिंदू परिवारों को नई जिंदगी

    CM योगी का पुनर्वास प्लान: 99 विस्थापित हिंदू परिवारों को मिलेगा नया ठिकाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    विदेशी डेटा सेंटर कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    केंद्र सरकार ने वायरल दावों को किया खारिज

    केंद्रीय बजट 2026–27 लीक हुआ? केंद्र सरकार ने वायरल दावों को किया खारिज

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वक्फ बोर्ड विवाद: जब भगवान श्रीकृष्ण की राजधानी रही बेट द्वारका को वक्फ ने बताया था अपनी ज़मीन

गुजरात वक्फ बोर्ड ने सूरत नगर निगम के मुख्यालय वाली ऐतिहासिक बिल्डिंग पर भी अपना दावा ठोक दिया था।

khushbusingh1 द्वारा khushbusingh1
25 March 2025
in इतिहास
बेट द्वारका को बेयत द्वारका भी कहा जाता है और भगवान श्रीकृष्ण जिस समय गुजरात में शासन करते थे, उस समय यहाँ उनकी राजधानी थी

बेट द्वारका को बेयत द्वारका भी कहा जाता है और भगवान श्रीकृष्ण जिस समय गुजरात में शासन करते थे, उस समय यहाँ उनकी राजधानी थी

Share on FacebookShare on X

संसद के चालू सत्र में वक्फ संशोधन बिल पेश किए जाने की उम्मीद है। हालाँकि, मुस्लिम नेताओं से लेकर मुस्लिम संगठनों तक इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस विधेयक के जरिए सरकार मुस्लिमों के अधिकारों को हड़पने की कोशिश कर रही है। वहीं, जमीयत उलेमा ए हिंद से लेकर AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी तक अफवाह फैला रहे हैं कि सरकार इस विधेयक के जरिए मुस्लिमों के मस्जिदों से लेकर उनकी संपत्तियों पर कब्जा कर लेगी। इस तरह के दावे करके ये लोग मुस्लिमों को गलत जानकारी दे रहे हैं और अफवाह फैलाकर उन्हें भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

हमने अपने कई आलेखों में बताया कि इस तरह की अफवाह फैलाने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या है। वहीं, वक्फ बोर्ड को पिछली कांग्रेस सरकारों ने इतना अधिकार दे दिया था कि ये समानांतर व्यवस्था चलाने लगे थे। वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को अपनी बताकर उस पर कब्जा कर लेता था और वक्फ कानून के तहत उसके इस दावों को कोर्ट में चुनौती तक नहीं दी जा सकती है। वक्फ बोर्ड के इन्हीं असीमित अधिकारों को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक पास किया है, जिसे संसद के दोनों सदनों से पास कराया जाना बाकी है। हमने अपने पिछले आलेख में बताया था कि वक्फ ने अनियंत्रित शक्तियों के दुरुपयोग करते हुए तमिलनाडु और कर्नाटक में कई गाँवों, सरकारी इमारतों, किलों और मंदिरों को संपत्ति घोषित कर दी।

संबंधितपोस्ट

नरेंद्र मोदी: वडनगर से विश्व मंच तक, राजनीति के नए युग की कहानी

अदालत का बड़ा फैसला: वक्फ़ अधिनियम पर बरकरार रहा अस्तित्व, लेकिन कई धाराओं पर लगी रोक

अब दुनिया के देशों में जो EV चलेगी, उस पर लिखा होगा मेड इन इंडिया : PM मोदी

और लोड करें

आज हम इस आर्टिकल में गुजरात वक्फ बोर्ड की बात करेंगे। गुजरात वक्फ बोर्ड भी जमीन कब्जाने में तमिलनाडु या कर्नाटक वक्फ बोर्ड से पीछे नहीं है। इसने तो भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के इलाके पर ही अपना दावा ठोक दिया। दरअसल, द्वारका में बेट द्वारका कुल 8 द्वीपों का एक समूह है। इन्हीं पर गुजरात सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अपना दावा ठोकते हुए साल 2021 में गुजरात हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका जैसे ही कोर्ट में जज के सामने आया तो वे बिफर पड़े। कोर्ट ने कहा, “क्या आप जानते हैं कि आप क्या कह रहे हैं? वक्फ बोर्ड कृष्णा नगरी में भूमि के स्वामित्व का दावा कैसे कर सकता है?।” इसके बाद याचिका खारिज कर दी थी।

बेट द्वारका को बेयत द्वारका भी कहा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण जिस समय गुजरात में शासन करते थे, उस समय यहाँ उनकी राजधानी थी। बेट द्वारका हिंदुओं के पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। यहाँ पहुँचने में ओखा से नाव के जरिए करीब 30 मिनट का वक्त लगता है। इस छोटे से द्वीप में लगभग 7,000 परिवार रहते हैं, जिनमें से लगभग 6,000 परिवार मुस्लिम परिवार हैं। साल 2005 में यहाँ सिर्फ 6 मस्जिदें थीं, जो पिछले साल दिसंबर तक 100 के करीब हो चुकी थीं। वक्फ बोर्ड के दावे को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया तो गुजरात सरकार ने वहाँ अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया। साल 2022 से लेकर फरवरी 2025 तक के अभियान में वहाँ सैकड़ों अवैध मस्जिद, मजार, कब्रिस्तान और मुस्लिमों के घर-दुकानों को तोड़ा गया। ये सारे अवैध रूप से बनाए गए थे। इतना ही नही, पाकिस्तान के कराची से सिर्फ 105 किलोमीटर दूर होने की वजह से यह अवैध गतिविधियों का अड्डा भी बनते जा रहा था। यही कारण था कि इन द्वीपों पर वक्फ बोर्ड अपना एकछत्र राज्य चाह रहा था। इसलिए उसने दावा ठोका था।

गुजरात का एक ही दूसरा मामला सूरत नगर निगम का है। दरअसल, गुजरात वक्फ बोर्ड ने सूरत नगर निगम (SMC) के मुख्यालय वाली ऐतिहासिक बिल्डिंग पर अपना दावा ठोक दिया था। इसके तहत साल 2016 में इसकी मुख्य इमारत का नाम बदलकर ‘हुमायूँ सराय’ रखने की माँग करते हुए सूरत के अब्दुल्ला जरुल्लाह नाम के एक व्यक्ति ने एक याचिका दायर की गई थी। अब्दुल्ला ने वक्फ अधिनियम की धारा 36 का हवाला देते पूरी बिल्डिंग को वक्फ बोर्ड की संपत्ति के रूप में पंजीकृत करने की माँग की थी। याचिका में दावा किया गया था कि इस इमारत का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहाँ के शासनकाल में हुआ था। शाहजहाँ के भरोसेमंद व्यक्ति इशाक बेग यज़्दी उर्फ हकीकत खान ने इस इमारत को 1644 ईस्वी में 33,081 रुपए में बनवाया था। उस समय इसका नाम ‘हुमायूँ सराय’ था। इसके बाद इसे शाहजहाँ की बेटी जहाँआरा बेगम को जागीर में दे दी गई थी।

याचिका में आगे कहा गया था कि हकीकत खान ने इस इमारत को हज यात्रियों के लिए दान कर दी थी, क्योंकि सूरत एक प्रमुख बंदरगाह था और वहाँ से यात्रियों की बड़ी आवाजाही होती थी। इस दावे को लेकर याचिकाकर्ता अब्दुल्ला ने 17 विभिन्न दस्तावेज़ पेश किकए थे। इन दस्तावेजों में कहा गया था कि यह इमारत चार शताब्दी पुरानी है और इसका उपयोग 1867 तक हज के जाने वाले हज यात्रियों के लिए होता था। इसके बाद अंग्रेजों ने इसे नगरपालिका का कार्यालय बना दिया। बाद में यह इमारत सूरत नगर निगम का मुख्य कार्यालय बन गई। याचिकाकर्ता अब्दुल्ला जारुल्लाह ने शरिया कानून का हवाला देते हुए माँग की कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर धार्मिक उद्देश्यों के लिए दान की गई संपत्ति पर वक्फ बोर्ड का अधिकार होना चाहिए। उसने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया था कि एक बार हुई वक्फ संपत्ति, हमेशा के लिए वक्फ हो जाती है।

इसके बाद साल 2021 में कार्यालय भवन को ‘वक्फ बोर्ड संपत्ति’ के रूप में पंजीकृत कर दिया गया। इसके साथ इस इमारत के प्रबंधन का काम सूरत नगर निगम से लेकर गुजरात राज्य वक्फ बोर्ड को देने के लिए कहा गया था। इसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया और इसको लेकर जमकर विवाद हुआ। मामला वक्फ ट्रिब्यूनल तक पहुँचा। ट्रिब्यूनल ने कहा, “इमारत बंदरगाह से प्राप्त कर और राजस्व के पैसे से बनाई गई थी, न कि शाहजहाँ या इशाक बेग की व्यक्तिगत आय से। इसलिए, यह संपत्ति मुगलों की स्व-अर्जित संपत्ति की परिभाषा में नहीं आती है। इसके चलते बंदरगाह के कर और राजस्व आय से बनी संपत्ति को वक्फ के नाम नहीं किया जा सकता।”

वक्फ ट्रिब्यूनल ने कहा कि वक्फ बोर्ड द्वारा संपत्ति को ‘हुमायूँ सराय वक्फ संपत्ति’ के रूप में पंजीकृत करने का आदेश दिया गया था, जो कि अवैध है। इस संपत्ति को निर्माण के बाद से ‘मुगलसराय’ के नाम से जाना जाता है। सूरत शहर के वार्ड नंबर 11 में ‘हुमायूँ सराय’ नाम की कोई इमारत नहीं है। सिटी सर्वे नंबर 1504 की संपत्ति को अतीत में कभी भी ‘हुमायूँ सराय’ के नाम से नहीं जाना जाता था। इसके बाद वक्फ ट्रिब्यूनल ने सूरत नगर निगम के मुख्य कार्यालय को वक्फ संपत्ति घोषित करने के वक्फ बोर्ड के फैसले को रद्द कर दिया।

गुजरात के सूरत में वक्फ बोर्ड की कारस्तानी का एक बड़ा मामला है। यह मामला है शिव शक्ति सोसायटी का। यह सूरत में चारुयसी तालुका के कंथा क्षेत्र में हजीरा के पास स्थित है। इस सोसायटी में कुछ लोग नमाज पढ़ रहे थे, जिसे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रुकवा दिया था। इसके बाद जनवरी 2022 में सूरत के कांग्रेस पार्षद असलम साइकलवाला ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि ‘शिव शक्ति सोसायटी’ के भीतर मस्जिद है और वह वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। यह पूरा विवाद मुस्लिमों को प्लॉट बेचने से शुरू हुआ था। ‘शिव शक्ति सोसायटी’ के कुछ प्लॉट्स मुस्लिमों को बेचे गए थे। इनमें से एक मुस्लिम ने खरीदे गए अपने प्लॉट पर मस्जिद खड़ी कर दी और उसे साल 2020 में कोरोना की पहली लहर के दौरान वक्फ बोर्ड में पंजीकृत करा दिया। मस्जिद बन जाने के बाद पहले सोसायटी के मुस्लिम आकर नमाज़ पढ़ते, फिर बाहर के भी मुस्लिम आकर नमाज़ पढ़ने लगे। इस तरह यह वहाँ के लोगों के एक बड़ी समस्या बन चुकी है। वहाँ के लोगों ने इसके खिलाफ कई बार शिकायत भी दी।

स्रोत: गुजरात, बेट द्वारका, वक्फ संशोधन बिल, वक्फ बोर्ड, Gujarat, Bet Dwarka, Waqf Amendment Bill, Waqf Board,
Tags: Bet DwarkaGujaratWaqf Amendment BillWaqf Boardगुजरातबेट द्वारकावक्फ बोर्डवक्फ संशोधन बिल
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सांसदों का हुआ धांसू अप्रेजल, 24% बढ़ने के बाद इतना हुआ हर महीने का वेतन; जानें और क्या मिलती हैं सुविधाएं?

अगली पोस्ट

दिल्ली में पहली बार ₹1 लाख करोड़ का बजट: महिलाओं के लिए खोला खजाना, ₹5 में भरपेट खाना, यमुना सफाई-साफ पानी-स्वच्छ हवा पर फोकस

संबंधित पोस्ट

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited