‘हिंदू एकता यात्रा’ के बाद बागेश्वर बाबा शुरू करने जा रहे यह नया अभियान

गांव-गांव, घर-घर जोड़ो सनातन

पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर हिंदू समाज को एकजुट करने के मिशन पर निकल पड़े हैं। 2024 में ‘हिंदू जोड़ो यात्रा’ के जरिए जातिवाद, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव मिटाने का संदेश देने वाले शास्त्री ने अब सनातन संस्कृति की मजबूती के लिए नए अभियान की घोषणा की है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया कि इस माह से ‘गांव-गांव, घर-घर जोड़ो सनातन अभियान’ की शुरुआत होगी। इस अभियान के तहत हर गांव, हर गली और हर घर तक सनातन संस्कृति का संदेश पहुंचाया जाएगा। बागेश्वर धाम के प्रकल्पों को जन-जन तक ले जाने के साथ-साथ हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को मजबूत करने के लिए सनातन के सच्चे रक्षकों को एक मंच पर लाया जाएगा।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का मानना है कि यह केवल एक धार्मिक पहल नहीं है, बल्कि हिंदू समाज को एकजुट करने और भारत की सनातन संस्कृति को पुनर्स्थापित करने का संकल्प है। उनका यह अभियान सनातन धर्म के प्रति लोगों की आस्था को और मजबूत करेगा और भारत को अपने मूल सांस्कृतिक स्वरूप की ओर लौटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

हिंदू राष्ट्र की दिशा में बड़ा कदम

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू समाज को एकजुट करने के अपने संकल्प को और मजबूत करते हुए ‘सुंदरकांड मंडल – बागेश्वर धाम’ नामक एक नया अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उनका स्पष्ट संदेश है, “अगर दुनिया को बदलना है, तो पहले अपने देश को बदलें। देश को बदलना है, तो जिलों में परिवर्तन लाना होगा। समाज को मजबूत करना है, तो हर घर और व्यक्ति को जागरूक करना होगा। और अगर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है, तो पहले हिंदू राज्य, हिंदू जिले, हिंदू गांव और हिंदू घरों को सशक्त बनाना होगा।”

इस अभियान के तहत गांव-गांव में ‘सुंदरकांड मंडल’ बनाए जाएंगे, जो सनातन धर्म की रक्षा और विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। बागेश्वर धाम की इस मुहिम का उद्देश्य गांवों में मौजूद प्राचीन, लेकिन उपेक्षित मंदिरों का जीर्णोद्धार करना और सनातन संस्कृति को फिर से जीवंत करना है।

इस मंडल से कोई भी व्यक्ति जुड़ सकता है, बशर्ते वह जात-पात, भेदभाव और छुआछूत से ऊपर उठकर हिंदू समाज की एकता और मजबूती के लिए कार्य करने को तैयार हो। इस अभियान में कोई सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाएगा।

सुंदरकांड मंडल की कार्ययोजना

 

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