भारतीय जनता पार्टी (BJP) में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को अब हलचल तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना और कार्यक्रम जल्द जारी किया जा सकता है। अप्रैल के तीसरे हफ्ते में इस संबंध में औपचारिक घोषणा हो सकती है। पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अध्यक्ष पर के नाम के प्रस्तावक होंगे। भाजपा अपने अध्यक्ष के इस चुनाव में राजनीतिक समीकरणों के साथ देश को बड़ा संदेश दे सकती है। लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष के नाम को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। अब इसे संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के तीसरे हफ्ते में चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। इसके बाद कार्यकारणी की अगली बैठक में पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।
अध्यक्ष के चुनाव नियम क्या है?
बीजेपी के संविधान के अनुसार, धारा-19 के अंतर्गत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले आधे राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे होने चाहिए। यहां बने पदाधिकारी अध्यक्ष के नाम का प्रस्ताव रखेंगे। निर्वाचक मंडल में से कोई भी बीस सदस्य अध्यक्ष पद के चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति के नाम का प्रस्ताव कर सकते हैं। यह संयुक्त प्रस्ताव पांच उन प्रदेशों से आना ज़रूरी है जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव पूरे हो चुके हों। बीजेपी संविधान के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष वही व्यक्ति होगा जो कम से कम 15 वर्षों तक पार्टी का सदस्य रहा हो।
अब तक रहे BJP अध्यक्ष
– अटल बिहारी वाजपेयी
– लालकृष्ण आडवाणी
– मुरली मनोहर जोशी
– कुशाभाऊ ठाकरे
– बंगारू लक्ष्मण
– के. जना कृष्णमूर्ति
– एम वेंकैया नायडू
– नितिन गडकरी
– राजनाथ सिंह
– अमित शाह
– जेपी नड्डा
बता दें भाजपा में संगठनात्मक चुनाव हर तीन साल में होते हैं। मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल खत्म हो चुका है। लोकसभा चुनाव और उसके बाद लगातार कुछ राज्यों में चुनाव के कारण पार्टी ने उन्हें एक्सटेंशन दिया था। हालांकि, अब पार्टी नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चर्चा कर रही है। माना जा रहा है कुछ समय में पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।