वक्फ संशोधन बिल के संसद के दोनों सदनों में पारित होने के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक्शन में आ गई है। योगी सरकार ने अवैध रूप से वक्फ घोषित संपत्तियों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे विशेष अभियान चलाकर उन वक्फ संपत्तियों की पहचान करें जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं या जिनका वक्फ के रूप में घोषित किया जाना नियमों के विरुद्ध हुआ है। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाकर ऐसी संपत्तियों को चिन्हित करेंगे। इसके बाद विस्तृत जांच की जाएगी और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर इन संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
वक्फ में कहां है गड़बड़ी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्व अभिलेखों के अनुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड की केवल 2,533 संपत्तियां और शिया वक्फ बोर्ड की 430 संपत्तियां ही आधिकारिक रूप से दर्ज हैं। लेकिन वक्फ बोर्ड द्वारा घोषित संपत्तियों की संख्या इससे कहीं अधिक है। सरकार को आशंका है कि बड़े पैमाने पर सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि, जैसे कि खलिहान, तालाब, पोखर आदि, को अवैध रूप से वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया है। जबकि नियमों के अनुसार, केवल दान की गई संपत्तियों को ही वक्फ घोषित किया जा सकता है। अब सरकार ने ऐसे मामलों की पहचान कर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में वक्फ घोषित की गई 98 प्रतिशत संपत्तियों में किसी का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है।
यूपी के किन शहरों में है वक्फ की सर्वाधिक संपत्ति?
उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की संख्या विभिन्न जिलों में अलग-अलग है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, बाराबंकी जिले में वक्फ संपत्तियों की संख्या सर्वाधिक है, जहां कुल 4,927 संपत्तियां दर्ज हैं। इसके बाद सहारनपुर में 4,851, बिजनौर में 4,697, बलरामपुर में 4,248 और सीतापुर में 4,204 वक्फ संपत्तियां मौजूद हैं। इसी तरह, जौनपुर में 4,135, बरेली में 3,944, मुजफ्फरनगर में 3,606, बुलंदशहर में 3,313 और मुरादाबाद में 3,295 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। इन जिलों में वक्फ बोर्ड के स्वामित्व वाली संपत्तियों की अधिक संख्या को देखते हुए सरकार ने जांच और सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी संपत्तियां वैध रूप से दर्ज की गई हैं या नहीं।
सीएम योगी ने वक्फ बोर्ड पर बोला हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज में वक्फ बोर्ड पर जमकर निशाना साधा था। सीएम योगी ने वक्फ बोर्ड पर ज़मीन हड़पने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘अब सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थलों पर उसके मनमाने दावे अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने वक्फ बोर्ड की मनमानी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “जब हम महाकुंभ का आयोजन करने जा रहे थे, तो वक्फ बोर्ड कह रहा था कि कुंभ मेले की भूमि भी वक्फ की जमीन है। इस पर हमने कहा – क्या वक्फ बोर्ड भू-माफिया बोर्ड बन गया है? भू-माफिया प्रदेश में नहीं चल सकते। वे तो पहले ही यूपी से अलविदा ले चुके हैं। अब यूपी में माफियागिरी नहीं चलेगी।”
सीएम योगी ने वक्फ बोर्ड की अनियमितताओं को रोकने के लिए उठाए गए विधायी कदमों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “हम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगाम लगाई। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए महत्वपूर्ण अधिनियम पहले ही लोकसभा में पारित हो चुका है, और अब इसे राज्यसभा में भी मंज़ूरी मिल जाएगी।”