केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया है। इस बिल को लेकर संसद में विपक्ष हंगामा कर रहा है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वक्फ से देश के मुस्लिमों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सिर्फ वोट के लिए अल्पसंख्यकों को डराया जा रहा है। लोकसभा से अमित शाह LIVE
अमित शाह बोले- कांग्रेस ने मुसलमानों को डराने का काम किया
अमित शाह बोले- राम मंदिर बनाने की बात आई तो कहा गया कि खून की नदियां बह जाएंगी, मुसलमान सड़क पर उतर आएगा। ट्रिपल तलाक, CAA के केस में ऐसा कहा गया कि मुसलमान की नागरिकता जाएगी। अगर 2 साल में एक भी मुसलमान की नागरिकता गई हो तो सदन के पटल पर रखेंगे। धारा 370 पर क्या-क्या कह ते थे। आज उमर अब्दुल्ला सीएम हैं, विकास हो रहा है। कांग्रेस ने मुसलमानों को डराने का काम करके वोट बैंक बनाने का काम किया। इस देश के नागरिक को, किसी भी धर्म का हो, कोई आंच नहीं आएगी। ये नरेंद्र मोदी सरकार है। ये सालों से जातिवाद और तुष्टिकरण पर काम करते आए हैं। अपने परिवार की पॉलिटिक्स को आगे बढ़ाया है। 2014 से जातिवाद-तुष्टिकरण-परिवार को नरेंद्र मोदी सरकार ने खत्म करके, विकास की राजनीति को बढ़ावा दियाा है। 3 टर्म मोदीजी को जिताया है और 3 टर्म भाजपा की सरकार बनने वाली है।
अमित शाह बोले- वोहरा, पसमांदा, शिया वक्फ के दायरे में नहीं आना चाहते
अमित शाह ने कहा-कई मुसलमान भाई हैं जो वक्फ कानून के दायरे में नहीं आना चाहते। वोहरा, पसमांदा, शिया आदि कई हैं। कोई भी मुसलमान चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत अपनी संपत्ति दर्ज करा सकता है।
शाह ने कहा- नए वक्फ पारदर्शी रूप से रजिस्टर्ड कराने होंगे
अमित शाह बोले- हमने रेवेन्यू का मामला कम कर दिया। 7 फीसदी से 5 फीसदी कर दिया। ये गलत समझ रहे हैं, ये पैसा वक्फ के काम आएगा। कोई मस्जिद बन रही है तो ज्यादा पैसा मिलेगा। आदिवासियों, ASI, निजी संपत्ति सुरक्षित होगा। वक्फ करने के लिए स्वामित्व होना जरूरी है। पारदर्शिता के लिए सूचना की प्रक्रिया को अपनाना होगा। नए वक्फ पारदर्शी रूप से रजिस्टर्ड कराने होंगे।
अमित शाह बोले- 2013 से 2025 तक वक्फ की जमीन 21 लाख एकड़ बढ़ी
अमित शाह ने कहा- धार्मिक क्रिया कलाप तो वक्फ करेगा, वक्फ बोर्ड को नहीं करेगा, ये बात केरल और इलाहाबाद हाईकोर्ट भी कह चुकीं। ये कह रहे थे कि कोई गड़बड़ी नहीं हुई। 2013 में अन्यायी कानून आया। 1913 से लेकर 2013 तक वक्फ बोर्ड का कुल एकड़ भूमि 18 लाख एकड़ थी। 2013 से 2025 तक कानून बनने का प्रभाव क्या हुआ, 21 लाख एकड़ भूमि और जुड़ गई।
लीज पर दी गई संपत्तियां 20 हजार थी, बाद में रिकॉर्ड के हिसाब से शून्य हो गईं। ये कहां गईं, बेच दी गईं। किसकी इजाजत से बेची गईं। 2013 के बिल को हम अकेले अन्यायी नहीं कह रहे हैं। तमाम कैथोलिक संस्थान कह रहे हैं।
अमित शाह बोले- 2013 से 2025 तक वक्फ की जमीन 21 लाख एकड़ बढ़ी
अमित शाह ने कहा- धार्मिक क्रिया कलाप तो वक्फ करेगा, वक्फ बोर्ड को नहीं करेगा, ये बात केरल और इलाहाबाद हाईकोर्ट भी कह चुकीं। ये कह रहे थे कि कोई गड़बड़ी नहीं हुई। 2013 में अन्यायी कानून आया। 1913 से लेकर 2013 तक वक्फ बोर्ड का कुल एकड़ भूमि 18 लाख एकड़ थी। 2013 से 2025 तक कानून बनने का प्रभाव क्या हुआ, 21 लाख एकड़ भूमि जुड़ गई।
लीज पर दी गई संपत्तियां 20 हजार थी, बाद में रिकॉर्ड के हिसाब से शून्य हो गईं। ये कहां गईं, बेच दी गईं। किसकी इजाजत से बेची गईं। 2013 के बिल को हम अकेले अन्यायी नहीं कह रहे हैं। तमाम कैथोलिक संस्थान कह रहे हैं।
अमित शाह बोले- कानून भारत सरकार का है, इसे मानना होगा
अमित शाह ने कहा- आपके हिसाब से चर्चा नहीं होगी। इस सदन में हर सदस्य बोलने के लिए स्वतंत्र है। किसी परिवार की नहीं चलती है, जनता के नुमाइंदे हैं और चुनकर आए हैं। कोई भी फैसला देश की अदालत की पहुंच से बाहर नहीं रखा जा सकता। जिसकी जमीन हड़प ली गई वो कहां जाएगा। आपने अपने फायदे के लिए किया था और हम खारिज करते हैं।
एक सदस्य ने कह दिया कि यह माइनॉरिटीज स्वीकार नहीं करेगी। क्या धमकी दे रहे हो भाई। संसद का कानून है, स्वीकार करना पड़ेगा। यह कानून भारत सरकार का है और इसे आपको स्वीकार करना होगा।
अमित शाह बोले- हम वोट बैंक के लिए कानून नहीं लाएंगे
अमित शाह बोले- भाजपा का स्पष्ट सिद्धांत है कि हम वोट बैंक के लिए कानून नहीं लाएंगे। कानून न्याय के लिए होता है। ये बोले कि कैसे कैसे कानून ला रहे हैं। 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को, ये कानून इसी सरकार में आया। गरीबों को गैस, शौचालय, पानी, 5 लाख तक का बीमा, बिजली और घर दिए गए। सबसे पहला कन्वर्जन कानून मध्य प्रदेश और ओडिशा में कांग्रेस लाई, तब महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलती थी कांग्रेस। मुझे गर्व है कि हमारी सरकारें कन्वर्जन के खिलाफ कानून लाई।
अमित शाह बोले- कानून पर अमल नोटिफिकेशन के बाद होगा
अमित शाह ने कहा- इस बिल से पारदर्शी ऑडिट होगा, बैलेंसशीट देखी जाएगी, पारदर्शिता से क्यों बचना चाहिए। आपने किया था कि वक्फ का आदेश को चुनौती ही नहीं दी जा सकती। हमने किया कि कोई भी अदालत में इसे चैलेंज कर सकता है।
इसमें साफ किया है कि कानून पर अमल नोटिफिकेशन के बाद होगा। एक बात बताओ कि मंदिर के लिए जमीन खरीदनी है तो मालिक कौन होगा, ये कौन तय करेगा, कलेक्टर ही तय करेगा। वक्फ की जमीन किसकी है, यह जांच कलेक्टर करे तो आपत्ति क्या है। ढेर सारे चर्च बने हैं, गुरुद्वारे हैं. सरकारी संपत्ति पर नहीं बने हैं। वक्फ की भूमि सरकारी है या नहीं, ये कलेक्टर जांच करेगा।
अमित शाह बोले- लालू की इच्छा मोदी ने पूरी की
अमित शाह ने कहा- 2013 में लालू प्रसाद जी कहा था- सरकार ने संशोधन विधेयक किया। उसका स्वागत है। आप देखिए सारी जमीनें हड़प ली गई हैं। वक्फ में काम करने वाले लोग, प्राइम जमीन को वो बेच दिए हैं। पटना में ही डाक बंगला हड़प लिया। हम चाहते हैं कि आप भविष्य में कड़ा कानून लाइए और चोरी करने वालों को जेल में भेजिए।लालूजी की इच्छा इन्होंने तो पूरी नहीं की, मोदीजी ने पूरी कर दी।
अमित शाह बोले- मुतवल्ली भी आपका होगा और वक्फ भी
अमित शाह ने कहा- वक्फ जो कि मुस्लिम भाइयों की धार्मिक क्रिया कलाप और उनके दिए दान से चल रहा है। मुतवल्ली भी आपका होगा, वाकिफ भी उनका होगा और वक्फ भी। वक्फ की संपत्ति का रखरखाव हो रहा है कि नहीं, कानून के हिसाब से चल रहा है ये देखा जाएगा अब। सैकड़ों साल पहले किसी शासक ने संपत्ति दान दी, आप उसे 12 हजार महीने किराए पर दे दें, ये नहीं होगा। अरे विधवाओं, पिछड़े मुस्लिमों और युवाओं के लिए इसका इस्तेमाल कीजिए।
अमित शाह बोले- विपक्ष कहता है इसका हिसाब-किताब न करो
अमित शाह बोले- ये कहते हैं कि इसका हिसाब-किताब न करो। ये पैसा गरीबों का है, उनके लूटने के लिए नहीं है। कर्नाटक में मंदिर पर दावा किया। 600 एकड़ जमीन पर दावा किया। चर्चों पर कब्जा कर लिया। चर्च वक्फ बिल का समर्थन कर रहे हैं। आप अखिलेशजी मुस्लिमों की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, मुस्लिम भाइयों को पता चल गया है 4 साल में कि क्या चल रहा है।
अमित शाह बोले- वक्फ की 500 एकड़ जमीन 5 स्टार होटल को 12 हजार महीना किराए पर दी गई
अमित शाह ने कहा- 250 हेक्टेयर वाले 12 गांवों पर तमिलनाडु में वक्फ का स्वामित्व हो गया। मंदिर की 400 एकड़ जमीन को वक्फ की संपत्ति घोषित कर दिया। कर्नाटक में एक रिपोर्ट पढ़ रहा हूं। 29 हजार एकड़ भूमि वक्फ की, किराए के लिए दे दी। 2001 से 2012 के बीच 2 लाख करोड़ की वक्फ की संपत्ति निजी संस्थानों को 100 साल की लीज पर दे दी। बेंगलुरु में 602 एकड़ जमीन को जब्त करने से रोकने के लिए हाईकोर्ट को बीच में आना पड़ा। 500 एकड़ जमीन 5 स्टार होटल को 12 हजार महीना किराए पर दे दी।
अमित शाह बोले- 2013 में रातोंरात तुष्टीकरण के लिए वक्फ कानूनों को बदला गया
अमित शाह बोले- 2013 में वक्फ के जो अमेंडमेंट आए, वो न किया होता तो ये बिल लाने की जरूरत नहीं पड़ती। 2014 में चुनाव आने वाला था, 2013 में रातोंरात तुष्टीकरण के लिए वक्फ कानूनों को बदला गया था। इसके कारण दिल्ली लुटियंस की 123 वीवीआईपी संपत्ति कांग्रेस सरकार ने वक्फ को देने का काम किया।
अमित शाह बोले- वक्फ बोर्ड पैसा चोरी करने का काम रोकेगा
अमित शाह बोले- आप धर्म में दखल दे रहे हो। वक्फ हमारे यहां ट्रस्ट एक्ट है। ट्रस्ट को बनाने वाले और मैनेजिंग ट्रस्टी होता है। वक्फ में सभी चीजें इस्लाम को मानने वाले हैं। इसीलिए हम कह रहे हैं कि वक्फ बनाने वाला इस्लाम का आदमी हो। आप उसमें भी नॉन इस्लामिक चाहते हो। ट्रस्ट के अंदर ट्रस्टी चर्च में क्रिश्चियन होंगे, हिंदू के लिए हिंदू होगा। चैरिटी कमिश्नर कहेंगे कि मुस्लिम क्यों आ गया। चैरिटी कमिश्नर को एडमिनिस्ट्रेटिव वर्क देखना है। सारे धर्मों में आप ऐसा करोगे तो देश टूट जाएगा। वक्फ बोर्ड का काम क्या है, इसका काम है कि वक्फ के नाम पर औने-पौने दाम पर संपत्तियां देने वालों को हटाना है। पैसा चोरी करने का काम रोकेगा वक्फ बोर्ड। ये चाहते हैं कि इनके राज में जो मिलीभगत चली वो चलती रहे, वो नहीं चलेगा।
अमित शाह बोले- वोट बैंक के लिए अल्पसंख्यक को डराया जा रहा
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- दान उसी चीज का किया जाता है, जिस पर हमारा हक है। भारत का जहां तक सवाल है, आजादी के बाद इसे बदला गया। ये पूरा झगड़ा 1995 से चल रहा है। ये पूरा झगड़ा वक्फ में दखल का है। वक्फ में गैर इस्लामिक नहीं आएगा। ऐसा कोई प्रोविजन भी नहीं है। वोट बैंक के लिए अल्पसंख्यक को डराया जा रहा है।
अमित शाह बोले- बिल पर जवाब रिजिजू देंगे
अमित शाह- सुबह से जो चर्चा चल रही है। उसका मैंने बारीकी से सुना है। ढेर सारी भ्रांतियां सदस्यों में हैं। कई भ्रांतियां देश में फैलाई जा रही हैं। बिल पर जवाब रिजिजू साहब देंगे। कुछ बातों को साफ करूंगा।
वक्फ एक अरबी शब्द है। इसका मतलब है अल्लाह के नाम पर धार्मिक उद्देश्यों के लिए संपत्ति का दान।
केसी वेणुगोपाल बोले- भारत माता को धर्म के नाम पर बांटा जा रहा
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा- हमारे यहां भारत माता को धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है। रिजिजूजी इस बिल में आप नॉन मुस्लिम को बोर्ड में ला रहे हैं। वैष्णो देवी टेम्पल एक्ट में कहा गया है कि लेफ्टिनेंट गवर्नर चेयरमैन होगा, अगर वो हिंदू नहीं है तो किसी को नॉमिनेट कर सकता है। मैं इसका समर्थन कर सकता हूं। आप वक्फ बोर्ड के साथ भेदभाव क्यों कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड भी धार्मिक है। केरल में देवस्थानम बोर्ड में विधायक किसी को नॉमिनेट कर सकता है, वो विधायक हिंदू होगा। मुस्लिम नहीं होगा। किसी मुस्लिम और क्रिश्चियन विधायक के पास ये अधिकार नहीं है कि देवस्थानम बोर्ड के मेंबर को चुने।
मोहिब्बुल्लाह बोले- सरकार दुआ करने से रोक रही
सपा सांसद मोहिब्बुल्लाह बोले- हम इस बिल का विरोध करते हैं। ये सूफियों-ऋषियों और मुनियों का देश है और आप दुआ करने से रोक रहे हैं। अब इमाम को अपने इमाम होने का सबूत देना होगा। 100 साल पुरानी मस्जिद बाकी है और 600 साल पुरानी मस्जिद का कागज नहीं है तो वो वक्फ संपत्ति नहीं होगी। क्या है ये बदलाव। इससे क्या संदेश जाएगा।
LJP राम विलास के सांसद बोले- विपक्ष वास्तविक मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहता
LJP (राम विलास पासवान) सांसद अरुण भारती ने कहा- इस विधेयक के विरोध में विपक्ष हमेशा धार्मिक पक्ष उठाता रहा है। विपक्ष कहता रहा कि मस्जिद चली जाएगी, दरगाह चली जाएगी। विपक्ष वास्तविक मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहता, क्योंकि राजनीतिक षडयंत्र और प्रायोजित राजनीति की बात खत्म हो जाएगी।
अनुराग ठाकुर बोले- 200 लोगों के हाथ में वक्फ की संपत्ति
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर बोले- एक परिवार के चलते 1947 में एक विभाजन देखा है। आज जमीन का विभाजन नहीं होने देंगे। मोदीजी की सरकार में सिर्फ एक कानून और एक संविधान रहेगा। संदेश स्पष्ट है। एक हैं तो सेफ हैं।
यह आस्था का विषय नहीं है। यह हिंदू बना मुस्लिम नहीं। संविधान बनाम भ्रष्टाचार है। कानून बनाम गैरकानूनी है।
200 लोगों के हाथ में वक्फ को दे रखा है और करोड़ों रुपए की संपत्ति उनके पास है। एक कहावत है- पता है यहां से बहुत दूर हर गलत और सही के पार एक मैदान है, मैं वहां मिलूंगा तुझे और अगर वक्फ का बल चला तो तू वक्फ की संपत्ति बन जाएगा।
अनुराग ठाकुर बोले- भारत में अंबेडकर का संविधान चलेगा, मुगलिया फरमान नहीं
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर बोले- भारत को वक्फ के खौफ से आजादी चाहिए। खाता न बही, जो वक्फ कहे, वही सही। आपको तय करना है कि आपको वक्फ के साथ रहना है या संविधान के साथ रहना है। जो लोग बड़ी बातें कर रहे थे, ये हिंदुस्तान है तालिबान या पाकिस्तान नहीं है। यहां बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान चलेगा, मुगलिया फरमान नहीं चलेगा। हम ऐसी समानांतर सत्ता का चुनौती दे रहे हैं, जो दशकों से अस्तित्व में है। भारत के संविधान का कानून चलेगा और उससे ऊपर कुछ भी नहीं है।
शिंदे ने उद्धव के सांसद से पूछा- बाला साहेब होते तो ऐसा भाषण दे पाते
शिवेसना सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने कहा- 370, ट्रिपल तलाक, CAA और आज गरीब मुस्लिमों के उद्धार के लिए वक्फ बिल लाया गया है। आज आपने अरविंद सावंत जी हरी ड्रेस वक्फ बिल के लिए पहनी है क्या? इनसे प्रश्न पूछना है कि अंतरआत्मा से पूछो कि बाला साहेब होते तो ये क्या ये भाषण दे पाते यहां पर?
सदन में एक बात साफ हो गई कि किसकी विचारधारा को ये UBT वाले मान रहे हैं और बिल का विरोध कर कर रहे हैं। बाला साहेब की विचारधारा स्पष्ट थी- हिंदुत्व की रक्षा, देश की रक्षा और दूसरे धर्मों को देश के साथ शामिल करना। मुझे लगता है कि हिंदुत्व से एलर्जी हो गई है, हिंदू से भी एलर्जी हो गई है। आज बोर्ड में नॉन-मुस्लिम मेंबर होने का विरोध कर रहे हैं। औरंगजेब की कब्र पर बोल रहे हैं। पालघर साधु हत्याकांड में हुआ, उसके ऊपर कभी नहीं बोला।।
बाला साहेब ने कहा था कि एक दिन के लिए पीएम बना तो 370 हटाऊंगा। आज ये उसके अलावा राम मंदिर के बारे में भी बोल रहे हैं। ये हिम्मत भी आज UBT में आ गई है। बिल का नाम बदलने पर, उम्मीद रखा गया है। ये इस बिल का सार है। विपक्ष का दर्द समझता हूं, जब भी देश को उम्मीद मिली तब इन्होंने मुस्लिम सरकार को बरगलाया और वोट लेने का काम किया है।
रिजिजू ने उद्धव के सांसद से पूछा- बिल का समर्थन किया या विरोध, जवाब नहीं मिला
शिवसेना उद्धव गुट के सांसद अरविंद सावंत ने कहा- राम तेरी गंगा मैली हो गई, पापियों के पाप धोते-धोते। हजार लोग मर गए। आप कहते हो बंटोंगे तो कटोगे। आपके दिल में नफरत है तो निकाल डालो। हमें सद्धाव चाहिए, नफरत नहीं चाहिए। यह कहकर उन्होंने भाषण खत्म किया तो किरण रिजिजू ने पूछा- आपने बिल का समर्थन किया है कि नहीं कीजिए। ये बता दीजिए। पहले तो बड़ा शिवसेना का एजेंडा लेकर बोलते थे। अब कांग्रेस का असर है। आप बदल गए हैं। सावंत ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया।
शिवसेना UBT सांसद बोले- मंदिरों की जमीनें बेची जा रही, उसके खिलाफ भी कानून लाओ
शिवसेना उद्धव गुट के सांसद अरविंद सावंत ने कहा- गैर मुस्लिम मेंबर वक्फ बोर्ड में ला रहे हो। डर लगता है कि मंदिरों के बोर्ड में गैर हिंदू को लाओगे। ऐसा किया तो हम इसका विरोध करेंगे। ये आगे चलकर क्रिश्चियन, सिख और जैन धर्म में भी हो सकता है। यह धार्मिक मामला है, यह सरकार का कैसे हो सकता है। 370 धारा खत्म की, हमने अभिनंदन किया। कश्मीर में जमीन कौन खरीद रहा है? मंदिरों की जमीनें हजारों एकड़ हैं, उनकी जमीन बेची जा रही है। क्या उसके खिलाफ भी कानून लाओगे। तब पता चलेगा कि सेकुलर कितने हो।
जेडीयू सांसद बोले- कांग्रेस की पिछलग्गू पार्टी के नेता ने कहा था- पटना के चौराहे पर वक्फ का कब्जा
कांग्रेस की पिछलग्गू पार्टी के नेता का बयान वायरल हो रहा है कि जिन्होंने कहा था- पटना का चौराहा पूरा वक्फ ने कब्जा कर रखा है, कड़ा कानून बनना चाहिए। किरण रिजिजू का धन्यवाद कि देश की संसद, सुप्रीम कोर्ट को वक्फ की संपत्ति बनने से बचा लिया।
ललन सिंह बोले- बिल कहीं से मुसलमान विरोधी नहीं
जेडीयू सांसद और केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा, ‘ये नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये बिल मुसलमान विरोधी है। ये बिल कहीं से मुसलमान विरोधी नहीं है। वक्फ कोई मुस्लिम संस्था है क्या? वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, एक ट्रस्ट है, जो मुसलमानों के कल्याण के लिए काम करता है। उस ट्रस्ट को ये अधिकार होना चाहिए कि वो सभी वर्गों के लोगों के साथ न्याय करे जो नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘मोदीजी को कोस रहे हैं, उनका चेहरा पसंद नहीं आ रहा है तो मत देखिए उनकी तरफ। 2013 में आपने जो पाप किया था, उसे समाप्त करके पारदर्शिता लाने का काम किया है। देश की जनता मोदीजी को पसंद करती है, इसलिए मोदीजी समाज के हर तबके के लिए काम करने का काम करते हैं।
JDU सांसद बोले- नीतीश के सेकुलरिज्म को किसी सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं
JDU सांसद ललन सिंह बोले- आपकी सेकुलर पार्टी कांग्रेस के नेता का बयान था कि जेडीयू को देखना है कि क्या करेगी, सेकुलर पार्टी है। जेडीयू और नीतीश कुमार को आपसे सेकुलरिज्म के सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है।
भागलपुर दंगा वेणुगोपाल जी किसके राज में हुआ। क्या अन्याय किया था आपने भाई। नीतीश कुमार ने NDA सरकार के नेतृत्व में मुसलमानों के लिए काम किया।
TDP बोली- वक्फ की 1.2 लाख करोड़ की संपत्ति मिसमैनेजमेंट का शिकार
तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने वक्फ बिल पर 15 मिनट अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘वक्फ के पास 1.2 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति है। ये संपत्तियां मिसमैनेजमेंट का शिकार हैं। हमारी पार्टी का ये मानना है कि इस संपत्ति का इस्तेमाल मुस्लिमों के कल्याण के लिए, महिलाओं के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। हमारा मानना है कि इसमें सुधार होना चाहिए। हम सबसे पहले दल थे, जिसने जेपीसी की मांग की थी।
तेन्नेटी ने कहा, ‘हमारी पार्टी ने तीन सुझाव दिए थे और तीनों सुझाव माने गए हैं जो मुस्लिमों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। तेलुगु देशम पार्टी मुस्लिमों के कल्याण, उत्थान के लिए संकल्पित है. हम सरकार से ये अपील करते हैं कि वक्फ बोर्ड का कम्पोजिशन तय करने के लिए राज्य सरकारों को छूट मिले और नियम बनाने की छूट मिले। हम वक्फ बिल का समर्थन करते हैं।
JDU सांसद बोले- विपक्ष का पाप सुधारने का काम मोदी सरकार कर रही
पंचायती राज मंत्री और JDU सांसद ललन सिंह बोले- मोदीजी ने पारदर्शिता लाने का काम किया। आप को यह खराब लग रहा है, आप मुसलमानों के काम के विरोधी हैं क्या। 2013 में आपने जो पाप किया है, उसे सुधारने का काम मोदी सरकार ने इस बिल के जरिए किया है। जो अपने वोट के लिए धार्मिक मामलों का इस्तेमाल करते हैं और जिनका वक्फ पर कब्जा था, वो इस संशोधन बिल का विरोध कर रहे हैं।
TDP बोली- मुस्लिम महिलाओं-युवाओं की भलाई के लिए बिल का सपोर्ट
टीडीपी सांसद कृष्ण प्रसाद टेन्नाटी ने कहा- तेलुगु देशम पार्टी हमेशा मुस्लिम समुदाय की भलाई के लिए खड़ी है। केंद्र सरकार से अपील है कि वे राज्य सरकारों को अधिकारों में लचीलापन दे। मुस्लिम महिलाओं, मुस्लिम युवाओं की भलाई के लिए हम वक्फ अमेंडमेंट बिल का सपोर्ट करते हैं।
डीएमके सांसद बोले- मंत्री की स्पीच जेपीसी रिपोर्ट से मैच कर जाए तो इस्तीफा दे दूंगा
डीएमके सांसद ए राजा ने कहा, मंत्रीजी ने कुछ देर पहले बेहद गर्व के साथ भाषण दिया है। मैं हिम्मत के साथ कहता हूं कि कल आप अपनी स्पीच के टेक्स्ट को जेपीसी की रिपोर्ट से मिलाइएगा। मैच कर जाए तो इस सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा। ये कहानी गढ़ रहे हैं कि संसद वक्फ बोर्ड को दे दी गई होती। उन्होंने कहा कि आज का दिन इस संसद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि सेक्यूलर देश किस तरफ जाएगा। ये वक्फ बिल असंवैधानिक है। इसे सदन के माध्यम से पूरे देश पर थोपा जा रहा है।
कल्याण बनर्जी बोले- धर्म मानने के लिए कोई मजबूर नहीं कर सकता
TMC सांसद कल्याण बनर्जी बोले- वक्फ का टाइटल बदला गया। इसमें संशोधन असंवैधानिक हैं। 5 साल तक इस्माम की प्रैक्टिस का प्रावधान जोड़ा गया है।
संविधान में किसी को धर्म मानने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। मैं धर्म का पालन कर रहा हूं या नहीं, कोई कौन होता है मुझसे सवाल कर सकता है।
किसी धर्म का पालन करना वक्फ क्रिएट करने के लिए शर्त नहीं हो सकती है। क्या हिंदू धर्म में ऐसा प्रावधान है कि 5 साल तक धर्म मानो और तब दान कर सकते हैं। मैं किसी हिंदू मंदिर में, मुस्लिम प्रॉपर्टी और क्रिश्चियन धर्म में दान कर सकता हूं।
TMC सांसद बोले- वक्फ का हर अधिकार अल्लाह के पास
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने बिल का विरोध किया। उन्होंने कहा- वक्फ एक धार्मिक और समाजसेवा करने वाला संस्थान है। इस संसद में राज्य सरकार की ताकतों के दायरे में उल्लंघन किया जा रहा है। राज्य सरकार के अधिकारों में दखल नहीं किया जा सकता है। हिंदू इंग्लिश कानून फॉलो करते हैं और मुस्लिम इंग्लिश लॉ नहीं मानता। यह अंतर है। वक्फ का हर अधिकार अल्लाह के पास है। लोगों की भलाई के लिए प्रॉपर्टी का इस्तेमाल होता है। मुतवल्ली के पास प्रॉपर्टी का अधिकार नहीं है।
अखिलेश बोले- वक्फ बिल से कोई उम्मीद नहीं
अखिलेश ने कहा कि वक्फ बिल में न तो नीति सही है और न नीयत। देश के करोड़ों लोगों से घर-दुकान छीनने की साजिश है। भाजपा अलोकतांत्रिक पार्टी है। वह असहमति को अपनी शक्ति मानती है। सरकार वक्फ बिल लाने की जिद क्यों कर रही है? यह सांप्रदायिक राजनीति का नया रूप है, जिद है।
बाहर ये लिखते हैं सत्यमेव जयते, भाजपाई अंदर असत्य बात कहते। वोट को संभालने के लिए बिल लाया गया है। भाजपा चाहती है कि मुस्लिम समुदाय को ये लगे कि उनका हक मारा जाए। वोटों का ध्रुवीकरण हो। इससे जितना फायदा होगा, उसका वो लाभ उठाएंगे।
ये वक्फ बिल कोई उम्मीद लेकर नहीं आ रहा। ये सोची-समझी रणनीति का मसला है। ये मुस्लिमों में भी बंटवारा चाहते हैं। हमारे एक सदस्य कह रहे हैं कि चुनाव बहुत बढ़िया हो रहा है, वोट ही नहीं पड़ने दिया।
अखिलेश का सवाल- क्या डिफेंस-रेलवे की जमीन बेचीं नहीं जा रही
अखिलेश ने कहा कि वक्फ पर कारोबार की बात कह रहे हैं। धर्म की चीजों से कारोबार नहीं हो सकता। यूपी के मुख्यमंत्री बोले कि कारोबार होगा। 30 की गिनती पर अटके हुए हैं, जैसे तीसमार खां हो। कारोबार का पूछा तो बोले कि 30 गुणा 10 हजार करोड़। कुंभ से कारोबार की बात कर रहे हैं।
मंत्री बोल रहे हैं कि डिफेंस और रेलवे की जमीन भारत की है। मैं भी यह मानता हूं। क्या डिफेंस और रेलवे की जमीनें नहीं बेची जा रही हैं। वक्फ की जमीन से बड़ा मुद्दा वो जमीन है, जिस पर चीन ने अपने गांव बसा लिए हैं। कोई सवाल न करे इसलिए यह बिल लाया जा रहा है। जिस प्रदेश से मंत्री आते हैं कम से कम यह तो बता दें कि चीन ने कितने गांव बसा लिए हैं।
अखिलेश ने कहा- कुंभ में कितनों की जान गई, सरकार लिस्ट दे
अखिलेश ने कहा कि कुंभ में आस्था सबकी है। कोई ऐसा नहीं जिसकी आस्था न हो। पहली बार नहीं हो रहा था। भाजपा ने ऐसा प्रचार किया कि 144 वर्षों बार पहली बार महाकुंभ हो रहा है। सरकार बोली कि तैयारी 100 करोड़ की है। जिस तरह लोगों की जान गई। सरकार खुद बोली कि 30 लोग मारे गए।
कहते हैं कि डिजिटलाइजेशन कर रहे हैं। सरकार बताए कि जान किसकी गई, एक हजार खो गए। उसकी लिस्ट कहां है। धर्म-कारोबार की बात है। कारसेवकों पर गोली चलाने की बात मैंने नहीं कही। हम पर FIR नहीं हुई थी। मुद्दा ना भटकाएं।
अखिलेश बोले- सरकार की नाकामी के चलते वक्फ बिल लाया गया
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बोले- न अंग्रेजी और न हिंदी में मुझे यह समझ में आया। यूनिफाइड वक्फ, मैनेजमेंट…! भाजपा में एक मुकाबला चल रहा है कि कौन बड़ा है। जो पार्टी यह कहती हो कि यह दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। यह तय नहीं कर पा रही है कि पार्टी का अध्यक्ष कौन होगा।
इस पर अमित शाह बोले- सामने जितनी पार्टियां हैं, उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष सिर्फ 5 लोगों को चुनना है, परिवार को। हमारे यहां करोड़ों लोग हैं। हमारे यहां अध्यक्ष चुनने में वक्त लगेगा। मैं कहता हूं आप 25 साल तक अध्यक्ष रहोगे।
अखिलेश बोले- अभी जो नागपुर की यात्रा हुई है। गुपचुप तरीके से सोशल मीडिया पर जो बात चल रही है, वह 75 साल के एक्सटेंशन की यात्रा तो नहीं है।
अखिलेश ने आगे कहा कि आप लोगों ने नोटबंदी का फैसला लिया। नाकामी नोटबंदी की नहीं, नाकामी बेरोजगारी की है। किसानों की आय दोगुनी नहीं कर पाए। गंगा-यमुना साफ हो गई। गोद लिए हुए गांवों की क्या दुर्दशा है। नाकामी का पर्दा इस बार वक्फ बिल बना है। जिसके लिए फैसला होना है, उसकी बात को अहमियत ना देना भी नाइंसाफी है।
रविशंकर बोले- कल वक्फ कहेगा, पूरा हिंदुस्तान हमारा, ऐसे नहीं चलेगा
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वक्फ की 8 लाख संपत्ति हैं। दुनिया की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। मुतवल्ली उन्हें मैनेज करता है। उसकी जिम्मेदारी होती है कि नहीं। पटना का सांसद हूं। एक सरकारी जमीन का तालाब है, जहां छठ पर अर्घ्य दिया जाता है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह सरकारी जमीन है। 1920 का एक कब्रिस्तान खड़ा है और कहते हैं कि वक्फ की जमीन है। आगे कहेंगे कि पूरा हिंदुस्तान वक्फ है। कहेंगे कि हमारे सम्राट हुए थे। यह देश ऐसे नहीं चलेगा। वक्फ का दावा करने वाले कौन थे। मैनेजर साहब की बिल्डर से साठगांठ हो गई और इमारत खड़ी हो जाती है। बदलाव जरूरी है।
जब वक्फ की संपत्ति की लूट हो तो हमें शांत रहना चाहिए। हाईकोर्ट के पास सीधा अधिकार नहीं था। वक्फ में हाईकोर्ट जाना मना था। आज आप कोर्ट में भी जा सकते हैं। ट्रिब्यूनल ठीकठाक चलना चाहिए। सेटिंग ना हो।
आज क्रिश्चियन समाज क्यों दुखी है, वो चाहते हैं कि वक्फ में बदलाव हो। चर्च अतिक्रमण से परेशान हैं। जिस तरह से यूपी में क्रिश्चियन परेशान हैं, अखिलेश जी आपको भी सोचना पड़ेगा।
रविशंकर ने ये सवाल भी पूछे-
- आप बिल का विरोध करते हैं तो जवाब दीजिए।
- क्या चाहते हैं कि वक्फ की प्रॉपर्टी लूटी जाए।
- इस बिल में बड़े-बड़े सांसद, एक्सपर्ट, महिलाओं और सिविल सोसाइटी शामिल हैं तो सवाल कैसे।
- मुतवल्ली पर कंट्रोल नहीं होना चाहिए। क्यों नहीं होना चाहिए।आपके वीटो के दिन लद गए। हारते जा रहे हैं, लेकिन भाषा वही है। शौचालय, सड़कें बनवाई तो क्या ये कहा कि ये मुस्लिम का है? वोट दो चाहे ना दो, हम काम करेंगे। कुछ तो सीखिए, देश हित में जो हे वो बदलेंगे।
रविशंकर बोले- विपक्ष की मंशा वोटों में इजाफा करने की
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद बोले- जब मोहम्मद शमी दूसरी टीम का खिलाड़ी आउट करता है तो पूरा देश खुश होता है। सानिया मिर्जा जीतती है तो पूरा देश खुश होता है। हम सोचते थे कि वोटों की सौदागरी बंद होगी। समय बदल रहा है। देखिए आज कांग्रेस कहां थी और कहां चली गई।
राजीव गांधी को 400 सीट मिली और शाहबानो में वे झुक गए। उसके बाद आज तक कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला। देश की हवा कहां चल रही है, आप समझिए। मोदी जी को एक बार बहुमत मिला, दूसरी बार बहुमत मिला। तीसरी बार लोगों ने जिता दिया, दिल्ली भी जिता दिया और अब बिहार भी जीतेंगे।
आजादी के बाद 1954 में एक्ट आया। 1959, 1963, 1984 में बदलाव हुआ। 1995 तब बदलाव हुआ, जब राम जन्मभूमि का मसला था। 2013 का कब आया, जब ये हारने वाले थे। आपकी मंशा अपने वोट का इजाफा करने की है।
रविशंकर बोले- विपक्ष फिर गुमराह करने के लिए हल्ला मचा रहा
रविशंकर प्रसाद ने कहा- 2014 में जब हमारी सरकार आई तो पीएम मोदी जी ने कहा कि जाओ कोर्ट के बाहर खड़े हो जाओ और कहो कि हमारी सरकार ये कानून खत्म करने के लिए खड़ी है।
370 की धारा हटाई। गृह मंत्री ने हिम्मत दिखाई ना। देश जल जाएगा, ऐसी बात कही जा रही थी। आज धारा 370 खत्म हो गई। इन्वेस्टमेंट आ रहा है। चुनाव हुआ तो एक भी हिंसा की घटना नहीं हुई। जहां पाकिस्तान के झंडे लहराते थे, वहां तिरंगा लहरा रहा है। भारत माता की जय बोली जा रही है। वोट बैंक के लिए देश कहां तक जाएगा, क्यों जाना चाहिए। CAA पर क्या तूफान खड़ा किया गया। इसका कोई असर हिंदुस्तान के मुसलमानों पर नहीं पड़ा। आज फिर गुमराह करने के लिए हल्ला मचा रहे हैं।
रविशंकर बोले- कांग्रेस ने शाहबानो मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटा
रविशंकर प्रसाद ने सदन में कहा- वक्फ की प्रॉपर्टी पर कितने स्कूल खुले, कितने अनाथालय बने, कितने सिलाई केंद्र बने, यह सवाल है। आज वक्फ की प्रॉपर्टी की फंडिंग बढ़ाने और उनके समाज को आगे बढ़ाने के लिए कुछ हो रहा है तो इन्हें क्या परेशानी है। दिल से तो कह रहे हैं कि सुधार हो, लेकिन राजनीतिक इच्छा इन्हें रोकती है। मैं 3 उदाहरण दूंगा।
शाहबानो के केस में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि शाहबानो को मुआवजा दिया जाए, तो हल्ला मचा, तब राजीव गांधी पीएम थे। बहुमत था। आरिफ मोहम्मद खान सरकार में मंत्री थे। 2 दिन ऐतिहासिक भाषण हुआ। राजीव गांधी ने उन्हें बुलाया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदलने के लिए कानून ला रहे हैं।
तीन तलाक पर फैसला आया। 2 साल तक इनकी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट ने जवाब नहीं फाइल किया, ताकि फैसला अटका रहे।
रविशंकर प्रसाद बोले- मुतवल्ली ट्रस्ट के मैनेजर, मालिक नहीं
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा- मैं विपक्ष की बात सुन रहा था, कह रहे थे। वक्फ बिल में संशोधन होना चाहिए, लेकिन नहीं भी होना चाहिए। ये कैसे हो सकता है। जब भी संविधान की बात आती है तो आजकल एक लाल किताब चल रही है। हम संविधान की हरी किताब लेकर आए हैं। संविधान में लिखा है कि महिलाओं के विकास के लिए सरकार कानून बनाया जा सकता है। संविधान की दुहाई का जवाब में संविधान से ही दे रहा हूं।
महिलाओं के लिए संशोधन किया जा रहा है तो यह बिल असंवैधानिक कैसे है? मैं बिहार से आता हूं, वहां बहुत सारे पिछड़े मुसलमान हैं। यूपी में भी हैं। उन्हें वक्फ के मैनेजमेंट का मौका नहीं मिलता। इस बिल में इसका जिक्र है कि वक्फ में पिछड़े मुसलमानों को जगह दी जाएगी तो इन्हें परेशानी क्यों है?
वक्फ में परिवर्तन मौलिक अधिकारों के धारा 15 के तहत ही की जा रही है। वक्फ के मायने क्या हैं? वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है, यह सिर्फ वैधानिक संस्था है। मुतवल्ली को सिर्फ मैनेजर बोलते हैं। एक किताब है मुस्लिम लॉ पर। इसका एक पैराग्राफ है- मुतवल्ली के पास वक्फ की प्रॉपर्टी का अधिकार नहीं है, उसका सिर्फ मैनेजर हैं। वे ट्रस्ट के मालिक नहीं हैं।
गोगोई बोले- राज्य सरकार की ताकत खत्म करने की कोशिश हो रही
गौरव गोगोई ने कहा कि आज एक विशेष समाज की जमीन पर इनकी नजर है, कल समाज के दूसरे अल्पसंख्यकों की जमीन पर इनकी नजर जाएगी। संशोधन की जरूरत है। मैं यह नहीं कहता कि संशोधन नहीं होना चाहिए। संशोधन ऐसा होना चाहिए कि बिल ताकतवर बने। इनके संशोधनों से समस्याएं और विवाद बढ़ेंगे।
ये चाहते हैं कि देश के कोने-कोने में केस चलें। ये देश में भाईचारे का वातावरण तोड़ना चाहते हैं। बोर्ड राज्य सरकार की अनुमति से कुछ नियम बना सकते हैं। ये पूरी तरह से उसे हटाना चाहते हैं। राज्य सरकार की पावर खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। नियम बनाने की ताकत राज्य सरकार को है। राज्य सरकार सर्वे कमिश्नर के पक्ष में नियम बना सकती है। आप सब हटाना चाहते हैं और कह रहे हैं कि ये संशोधन हैं।
आप कह रहे हैं कि ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद हाईकोर्ट के कोई मायने नहीं है। पहले ही कहा गया है कि हाईकोर्ट किसी भी फैसले पर विचार कर सकता है और उसे बदल सकता है। कहीं नाइंसाफी हो तो केंद्र के पास अधिकार है कि राज्य के बोर्ड को आप निर्देश दे सकते हैं। ये सब पहले से ही है।
गोगोई बोले- ये भ्रम फैला रहे कि मौजूदा कानून महिलाओं के खिलाफ
गोगोई के मुताबिक आज ये (सरकार) कहना चाहते हैं कि 5 साल तक इस्लाम मानने वाला ही वक्फ क्रिएट करता है। पहले था कि कोई भी व्यक्ति वक्फ बना सकता है, यही तो हमारा सेक्युलर ढांचा है।
2 महिलाएं वक्फ बोर्ड में होनी चाहिए। यह पहले भी था। 2 से ज्यादा महिलाएं भी हो सकती थीं। विधवा, तलाकशुदा का जिक्र किया, ये पहले भी था। इन्हें भ्रम फैलाना है कि वर्तमान एक्ट महिलाओं के खिलाफ है। वक्फ कानून में पहले से ही यह कानून है।
पहले 7% रेवेन्यू था और आज इन्होंने 5% कर दिया। क्या आप नहीं चाहते कि वक्फ बोर्ड सही तरह से चले। उसका आधुनिकीकरण हो। आप चाहते हैं वक्फ बोर्ड और ट्रब्यूनल और कमजोर हो। इसलिए वक्फ के रेवेन्यू का प्रतिशत घटा दिया। हमारा सुझाव है कि इस रेवेन्यू को बढ़ाकर 11% कर दीजिए।
गोगोई ने कहा- क्या ये दूसरे धर्मों से सर्टिफिकेट मांगेंगे
लोकसभा में उपनेता प्रतिपक्ष गौरव गोगोई बोले कि पहले भी मंत्री जी ने कहा था कि बिल लाने से पहले विस्तार से चर्चा हुई है। यह गुमराह करने वाला बयान है। सरकार को जो 5 मीटिंग हुई हैं, उसका ब्योरा दें। एक भी मीटिंग में इस बात का जिक्र भी नहीं हुआ कि नया वक्फ बिल चाहिए। सिर्फ पोर्टल को लेकर विचार हुआ। एक भी मीटिंग में नया वक्फ बिल चाहिए, इसका जिक्र तक नहीं हुआ।
2023 तक मिनिस्ट्री ने नए बिल पर विचार ही नहीं किया तो ये बिल कहां से आया। ये बात करते हैं कि संविधान के पक्ष में हैं।
मैं कहना चाहता हूं कि बिल कहता है कि कोई भी व्यक्ति इस्लाम मानने वाला हो। वो दिखाता हो और उसकी प्रैक्टिस (धर्म का पालन) करता हो, वह वक्फ क्रिएट कर सकता है। क्या ये दूसरे धर्मों से सर्टिफिकेट मांगेंगे। ये क्यों धर्म को खींच रहे हैं कि आप इस धर्म को मानते हो, उसका सबूत दो।
गौरव गोगोई बोले- यह बिल संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा- इन्होंने 2013 में यूपीए सरकार के विषय में कहा, वह पूरा का पूरा मिसलीड है, झूठ है। इन्होंने आरोप लगाए, भ्रम फैलाया। मेरा भी सौभाग्य है कि पिछले सदन में मैंने अयोध्या राम मंदिर पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। आज वक्फ बिल पर विपक्ष की तरफ से अपना पक्ष रख रहा हूं। दोनों मामलों में एक ही मार्गदर्शक है। भारत का संविधान।
संविधान कहता है कि सभी को सामाजिक, धार्मिक और रातनीतिक न्याय और समानता मिले। बिल संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण है। मंत्रीजी का पूरा भाषण संघीय ढांचे पर आक्रमण है। इस सरकार का इस बिल के द्वारा 4 मकसद हैं। संविधान को कमजोर करना, भ्रम फैलाना और अल्पसंख्यकों को बदनाम करना, भारतीय समाज को बांटना और चौथा मकसद अल्पसंख्यकों को डिसएन्फ्रेंचाइज करना।
रिजिजू ने कहा- आप जिद पर अड़े रहे तो नुकसान होगा
रिजिजू ने कहा कि वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ प्रॉपर्टी डिक्लेयर कर देता था। इस प्रावधान को हटा दिया गया है। किसी गरीब की जमीन अब नहीं जाएगी। इस प्रावधान का बहुत गलत इस्तेमाल हुआ। आज हमारे पूरे देश की क्रिश्चियन कमेटी पुकार-पुकार के कह रही है कि वक्फ संशोधन बिल पास होना चाहिए। इसलिए कह रहा है कि वक्फ के सेक्शन 40 का बहुत गलत इस्तेमाल हो रहा था।
मैं मानता हूं कि अभी भी आप जिद पर अड़े रहे, राजनीतिकरण पर डटे रहे तो नुकसान होगा। कांग्रेस के लिए कहना चाहता हूं। दूसरे लोग भी उनके चक्कर में न पड़ें।
रिजिजू ने श़ेर भी पढ़ा-
मेरी हिम्मत को तो सराहो, मेरे हमराही बनो, मैंने एक शमा जलाई है हवाओं के खिलाफ।
रिजिजू ने कहा- जनजातीय इलाके में वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट नहीं कर सकेंगे
रिजिजू ने कहा कि कलेक्टर से ऊपर कोई भी अधिकारी सरकारी जमीन और किसी विवादित जमीन का विवाद देखेगा। जब वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट करेंगे तो किसी जनजातीय एरिया में जाकर नहीं कर सकते। यह बदलाव अहम है।
वक्फ ट्रिब्यूनल में 3 मेंबर होंगे। इसके केस जल्द खत्म किए जाएं। इनका कार्यकाल होगा। अगर वक्फ के ट्रिब्यूनल के फैसले से खुश नहीं हैं तो अदालत जा सकते हैं।
वक्फ बोर्ड जो कॉन्ट्रीब्यूशन देते हैं तो मुतावली पहले 7 फीसदी देते थे, अब उसे 5 फीसदी कर दिया गया है।
रिजिजू बोले- वक्फ संशोधन बिल प्रॉपर्टी छीनने का कानून नहीं
किरेन रिजिजू ने कहा कि मुसलमानों में भी जो वक्फ के अंदर अपनी प्रॉपर्टी को गवर्न करना (चलाना) चाहते हैं तो उनका स्वागत है। अगर ट्रस्ट के जरिए अपनी प्रॉपर्टी का मैनेजमेंट करना चाहते हैं तो उन्हें इजाजत है।
आपके ट्रस्ट को चैरिटी कमिश्नर चलाता है। आप कैसे कह सकते हैं कि कमिश्नर मेरी जाति का होना चाहिए। इसी तरह वक्फ बोर्ड में सिर्फ मुस्लिम रहेंगे, ये कैसे कह सकते हैं। इसका धार्मिक व्यवस्था से कुछ लेना-देना नहीं है। 2013 के बाद हमने कुछ बदलाव किए थे। कुछ ने शंकाएं जताई थीं। कुछ ने कहा कि सरकार मस्जिद-दरगाह छीन लेगी। मुसलमानों की प्रॉपर्टी छीन लेंगे।
हम किसी न किसी राज्य से आते हैं। ये राज्य सरकार को हमने अथॉरिटी दी है। जो प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड हो चुकी है, जहां आप नमाज पढ़ते हैं, उस पर कोई दखलंदाजी नहीं होगी। ये किसी के अधिकारों का हनन कर प्रॉपर्टी छीनने का कानून नहीं है। कोर्ट में जिन प्रॉपर्टी पर विवाद चल रहा है, उस पर भी कुछ नहीं होगा।
देश में CAA लागू हो गया है। किसी मुसलमान की नागरिकता छीनी गई, बताइए। आपने देशभर में घूम-घूमकर झूठ बोला। आज फिर लोगों को गुमराह करेंगे तो फिर मुंह की खानी पड़ेगी।
परिवार में पुरुष और महिला होते हैं। कोई भी मुसलमान जब वक्फ क्रिएट करता है तो सबसे पहले महिला का अधिकार सुरक्षित करना होगा। पहले वक्फ बना दिया और बच्चों-महिलाओं का अधिकार खत्म कर दिया जाता था। आप सिर्फ अपने 100% अधिकार वाली प्रॉपर्टी को वक्फ बना सकते हैं।
‘गरीब मुसलमान कह रहे, बिल जल्दी पास करें’
रिजिजू के मुताबिक मुस्लिम डेलिगेशन मेरे घर आ रहे हैं, इस बिल का स्वागत कर रहे हैं। गरीब मुसलमान तो बार-बार कह रहे हैं कि इस बिल को जल्दी पास कीजिए। सेंट्रलाइज डेटा बेस होगा, वेबसाइट होगी। ट्रैकिंग होगी, काम वक्त पर होगा, करेक्शन करेंगे, ऑडिट भी होगा। ये हमने राज्य सरकार पर छोड़ा है। लैंड (जमीन) राज्य का विषय है। राज्य सरकारों को पूरी अथॉरिटी मिलेगी। मंत्रालय हमेशा ऑनलाइन जुड़े रहेंगे। राज्य सरकारें ही पूरी तरह से इसकी निगरानी का काम करेंगी।
वक्फ धार्मिक, चैरिटेबल मकसद के लिए बनाया जाता है। इसे देखेंगे। इनकम हो रही है कि नहीं, यह भी देखेंगे। जो रिफॉर्म हम लाए हैं, जो बदलाव हमने आपको संक्षिप्त में बताए हैं। अगर आपको लगता है कि हमें इनकम जनरेशन करने के लिए क्या करना चाहिए तो आपके सुझावों का पूरे दिल से स्वागत करेंगे। दरगाहों, मस्जिदों के इमामों ने सुझाव दिए हैं। हमने उन्हें रिकॉर्ड में रखा है।
‘इस वक्त देश में 8.72 लाख वक्फ प्रॉपर्टी’
रिजिजू ने लोकसभा में बताया कि 8.72 लाख वक्फ प्रॉपर्टी इस वक्त देश में है। इसका अगर हम सही से इस्तेमाल करें तो मुसलमान ही नहीं, देश की तकदीर बदल जाएगी। मैं जम्मू-कश्मीर गया था, वक्फ बोर्ड चेयरपर्सन एक महिला बनीं। उन्होंने कहा कि पहले इनकम की व्यवस्था, उसके रिकॉर्ड की कोई व्यवस्था नहीं थी। उनके आने के बाद 40 करोड़ इनकम हुई। हजरतबल दरगाह में मरम्मत और नवीनीकरण का काम भी चल रहा है।
वक्फ अमेंडमेंट बिल में कई संशोधन रिकमंड हुए, उन्हें हमने बिल में शामिल किया। पार्लियामेंट्री कमेटी के बीच कई मुद्दे होते हैं। सुझाव छोटा भी हो तो हमने शामिल किया है। ये सारी व्यवस्था देखने के बाद सबके मन में उम्मीद जागेगी। नया सवेरा आने वाला है।
ये उम्मीद इसलिए है कि यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट रजिस्ट्रेशन से लेकर सर्वे और कलेक्टर के रोल तक मिलाकर मैनेजमेंट का सिस्टम बदलने का काम किया है। सशक्तिकरण कैसे आएगा। मुसलमानों में भी शिया, सुन्नी, बोहरा और पसमांदा के अलावा महिलाओं और बच्चों के लिए हमारे प्रावधानों का पूरी कम्युनिटी स्वागत कर रही है।
रिजिजू बोले- 2006 में देश में 4.9 लाख वक्फ प्रॉपर्टी थी
किरेन रिजिजू ने कहा कि देश में इतनी वक्फ प्रॉपर्टी है तो इसे बेकार में पड़ा नहीं रहने देंगे। गरीब मुसलमानों और बाकी मुसलमानों के लिए इसका इस्तेमाल किया ही जाना चाहिए।
हमने रिकॉर्ड देखा है। सच्चर कमेटी ने भी इसका डिटेल में जिक्र किया है। 2006 में 4.9 लाख वक्फ प्रॉपर्टी थी। इनकी टोटल इनकम 163 करोड़ इनकम थी। 2013 में बदलाव करने के बाद जो इनकम बढ़कर 166 करोड़ हुई। 10 साल के बाद भी 3 करोड़ बढ़ी थी। हम इसे मंजूर नहीं कर सकते।
रिजिजू बोले- किसने बिल का विरोध किया और किसने समर्थन, देश याद रखेगा
रिजिजू ने कहा कि वक्फ के पास तीसरा सबसे बड़ा लैंड बैंक है। रेलवे, मिलिट्री की जमीन हैं। ये सब देश की प्रॉपर्टी है। वक्फ की संपत्ति, प्राइवेट प्रॉपर्टी है। दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ प्रॉपर्टी हमारे देश में है। 60 साल आप सरकार में रहे, फिर भी मुसलमान इतना गरीब क्यों है? उनके लिए क्यों काम नहीं हुआ? गरीबों का उत्थान, उनकी भलाई के लिए काम क्यों नहीं हुए?
हमारी सरकार गरीब मुसलमानों के लिए काम कर रही है तो इसमें क्या आपत्ति है? आप लोग जो इस बिल का विरोध कर रहे हैं, देश सदियों तक याद रखेगा कि किसने बिल का समर्थन किया और किसने विरोध किया। आप लोग मुसलमानों को कितना गुमराह करेंगे?
हम वक्फ बोर्ड को सेक्युलर बनाना चाहते हैं- रिजिजू
किरेन रिजिजू ने कहा कि 2013 में इलेक्शन में कुछ ही दिन बचे थे। 5 मार्च 2014 को 123 प्राइम प्रॉपर्टी को दिल्ली वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दीं। चुनाव में कुछ दिन चुनाव में बाकी थे, आप इंतजार करते। आपने सोचा कि वोट मिलेंगे, लेकिन आप चुनाव हार गए।
आपने कहा था कि कोई भी भारतीय वक्फ क्रिएट कर सकता है। इस बात को हमने फिर से रिवाइव कर दिया है कि वक्फ वही क्लेम कर सकता है, जो कम से कम 5 साल इस्लाम धर्म को मानता है। वक्फ बोर्ड को सेक्युलर बनाना चाहते हैं। अब वक्फ में शिया भी रहेंगे, सुन्नी भी रहेंगे, बोहरा भी रहेंगे, मुस्लिम बैकवर्ड क्लास भी रहेगा, एक्सपर्ट नॉन मुस्लिम रहेंगे, महिलाएं भी रहेंगी। वक्फ बोर्ड के मेंबर 4 नॉन मुस्लिम हो सकते हैं, 2 महिलाएं होनी ही चाहिए।
मस्जिद के मैनेजमेंट में दखलंदाजी का प्रावधान नहीं कर रहे- रिजिजू
रिजिजू ने कहा कि किसी भी तरीके से वक्फ बोर्ड वक्फ प्रॉपर्टी को मैनेज नहीं करता। सबको बोलने का मौका मिलेगा, आप लोग पहले शांति से बात तो सुन लीजिए। कुछ केस आपको बताना चाहता हूं। संविधान कहता है कि न तो सरकार किसी भी धार्मिक व्यवस्था में दखलंदाजी कर सकती है, न ही वक्फ किसी भी धार्मिक व्यवस्था में हाथ डाल सकता है। ये लोग संविधान को ही नहीं मानते। हम किसी भी मस्जिद के मैनेजमेंट में दखलंदाजी का प्रावधान नहीं कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड का प्रावधान किसी मस्जिद-मंदिर की धार्मिक व्यवस्था से लेना-देना नहीं है, सिर्फ प्रॉपर्टी के मैनेजमेंट का मसला है।
रिजिजू ने कहा- पहले संसद की बिल्डिंग को भी वक्फ ने क्लेम किया था
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि 2014 में हम सब चुनाव में थे। उससे पहले 2013 में कुछ कदम उठाए गए। जिन्हें एक नागरिक और सदस्य के रूप में आपके दिमाग में सवाल उठेगा कि ये कदम क्यों उठाया गया।
पहला था कि कोई भले ही किसी धर्म का हो कि कोई भी वक्फ क्रिएट कर सकता है। शिया बोर्ड में शिया रहेंगे, सुन्नी में सुन्नी रहेंगे, ऐसा आपने प्रावधान किया था। एक प्रावधान आया था कि वक्फ बोर्ड का जो प्रावधान है, इस देश में कोई भी मौजूदा कानून है, यह (वक्फ) उसके ऊपर रहेगा। इस देश में ऐसा कानून कैसे मंजूर कर सकते हैं?
2013 में जो बिल पास हुआ, उस पर ताज्जुब हुआ। 1970 से दिल्ली में एक केस चल रहा था। दिल्ली की कई प्रॉपर्टी पर वक्फ ने दावा किया। इसमें पार्लियामेंट बिल्डिंग भी थी। 123 प्रॉपर्टी यूपीए सरकार ने वक्फ को दे दी थी। आज ये संशोधन नहीं लाते तो संसद की इमारत को भी क्लेम किया जा रहा था। यूपीए की सरकार जारी रहती तो क्या-क्या प्रॉपर्टी पर दावा किया गया था। सभी को डी-नोटिफाई कर दिया जाता।
रिजिजू बोले- जिससे लेना-देना नहीं, उसका जिक्र कर लोगों को बरगला रहे
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आजादी के बाद 1954 में वक्फ एक्ट पहली बार बना। उस समय स्टेट वक्फ बोर्ड का भी प्रावधान किया गया था। उस वक्त से कई संशोधनों के बाद 1995 में वक्फ एक्ट बना। उस वक्त किसी ने नहीं कहा कि ये गैरसंवैधानिक है। आज जब हम उसी बिल को सुधारकर ला रहे हैं तो आप कह रहे हैं कि यह गैरसंवैधानिक है। आप सबकुछ छोड़कर जिसका लेना-देना नहीं है, उसका जिक्र कर आप लोगों को बरगला रहे हैं।
अगर वक्फ का निर्णय किसी को स्वीकार नहीं तो ट्रिब्यूनल जा सकते हैं। 5 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी के लिए एक अफसर नियुक्त किया जाएगा।
रिजिजू ने श़ेर में कहा- जमीं का दर्द आसमां न समझे
किरेन रिजिजू ने कहा कि कई लीगल एक्सपर्ट, कम्युनिटी लीडर्स, धार्मिक लीडर्स और अन्य लोगों ने कमेटी के सामने अपने सुझाव रखे। पिछली बार जब हमने बिल पेश किया था, तब भी कई बातें बताई थीं। मुझे उम्मीद ही नहीं, यकीन है कि जो इसका विरोध कर रहे हैं, उनके हृदय में बदलाव होगा और वे बिल का समर्थन करेंगे। मेरे मन की बात कहना चाहता हूं….
किसी के बात कोई बदगुमां न समझे कि जमीं का दर्द कभी आसमां न समझे।
किसी ने कहा कि ये प्रावधान गैर संवैधानिक हैं। किसी ने कहा कि गैर-कानूनी है। यह नया विषय नहीं है। आजादी से पहले पहली बार बिल पास किया गया था। इससे पहले वक्फ को इनवैलिडेट (अवैध करार) किया था। 1923 में मुसलमान वक्फ एक्ट लाया गया था। ट्रांसपेरेंसी और एकाउंटिबिलिटी का आधार देते हुए एक्ट पारित किया गया था।
रिजिजू ने कहा- 284 डेलिगेशन ने कमेटी के सामने अपनी बात रखी
संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने- हम सबको बहुत डिटेल में जाने की कमेटी के बारे में कोई आवश्यकता नहीं है। इस बार कमेटी राज्यसभा और लोकसभा सांसदों को मिलाकर बनी है। आज तक संसदीय इतिहास में इतनी व्यापक चर्चा नहीं हुई और समय इतना कभी नहीं दिया गया। जो-जो सदस्य इस कमेटी में थे, उनको धन्यवाद देना चाहता हूं।
97 लाख 27 हजार के करीब याचिकाएं आईं। ये सुझाव, एप्लिकेशन और मेमोरेंडम के रूप में थीं। कभी भी इससे ज्यादा संख्या में किसी बिल पर लोगों की याचिकाएं नहीं आईं। 284 डेलिगेशन ने कमेटी के सामने अपनी बात रखी और सुझाव दिए।
बिरला बोले- JPC में व्यापक शक्तियां, वह बिल का प्रारूप बदल सकती है
स्पीकर ओम बिरला ने कहा- संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के किसी भी विधेयक में संशोधन की शक्तियां व्यापक हैं। समिति किसी भी विधेयक में संशोधन कर सकती है या पूरी तरह प्रारूप बदल सकती है। पूरा नाम और संक्षिप्त नाम भी बदल सकती है। पहले भी ऐसा हो चुका है।
शाह बोले- बिल JPC को भेजा गया था, हमारी कमेटी कांग्रेस जैसी नहीं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- एक बिल कैबिनेट ने अप्रूव करके रखा। यह बिल जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी को दिया गया। विपक्ष भी इस पर बोल रहा था। कमेटी के सुझावों को कैबिनेट ने स्वीकार किए। संशोधन के रूप में किरेन रिजिजू लेकर आए। विपक्ष ही कह रहा था कि जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी बने। ये कांग्रेस जैसी पार्लियामेंट्री कमेटी नहीं है। हमारी कमेटी है, जो चर्चा करती है। कांग्रेस की कमेटी खाली ठप्पा लगाती थी।
बिल पेश करने के पहले कांग्रेस ने आपत्ति उठाई, स्पीकर बोले- सबको बराबर समय दिया
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा- इस बिल में संशोधन मेंबर्स से भी लिए जाने चाहिए थे। उनसे पूछा जाना था। संशोधन के लिए वक्त दिया जाना चाहिए था। वक्त मिला ही नहीं। इस सदन में कभी ऐसा कभी हुआ।
इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा- मैंने जितना समय गैर-सरकारी संशोधनों को दिया है, उतना ही गैर सरकारी संशोधनों को दिया। दोनों में कोई अंतर नहीं किया गया।