गणतंत्र दिवस पर हाई अलर्ट: दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र ने 5,300 अतिरिक्त CAPF जवानों को दी मंज़ूरी

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला हालिया खुफिया सूचनाओं के आधार पर लिया गया है, जिनमें गणतंत्र दिवस से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान खतरे का स्तर बढ़ा हुआ बताया गया है

गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले केंद्र सरकार ने बढ़ी हुई सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 53 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती को मंज़ूरी दी है।

ये अतिरिक्त बल चरणबद्ध तरीके से दिल्ली में तैनात किए जाएंगे और पहले से राजधानी में मौजूद CAPF यूनिट्स के अलावा होंगे। हाल ही में दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद जो अतिरिक्त बल तैनात किए गए थे, उनके ऊपर यह नई तैनाती की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि पहले से ही दिल्ली में CAPF की अच्छी-खासी मौजूदगी है और सुरक्षा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में और जवान भी भेजे जा सकते हैं।

इस तैनाती में CRPF, BSF, SSB, CISF और ITBP के जवान शामिल होंगे। कुल मिलाकर 53 कंपनियों में लगभग 5,300 से 5,500 अतिरिक्त जवान होंगे, जिससे हाई अलर्ट के दौरान दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और मज़बूत होगी।

अधिकारियों के अनुसार, ये अतिरिक्त CAPF यूनिट्स गणतंत्र दिवस से जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों की सुरक्षा में तैनात रहेंगी, जिनमें गणतंत्र दिवस परेड, प्रधानमंत्री की एनसीसी रैली, ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह और महात्मा गांधी की पुण्यतिथि शामिल हैं।

कुछ कंपनियों के 26 जनवरी के बाद भी तैनात रहने की संभावना है, ताकि गणतंत्र दिवस के बाद होने वाले कार्यक्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और बलों की चरणबद्ध वापसी सुचारु रूप से हो सके।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला हालिया खुफिया सूचनाओं के आधार पर लिया गया है, जिनमें गणतंत्र दिवस से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान खतरे का स्तर बढ़ा हुआ बताया गया है।

सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी संगठनों और अकेले हमलावरों (लोन वुल्फ) से संभावित खतरों, भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों, जुलूसों और प्रमुख स्थानों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई है। इसके अलावा ड्रोन के ज़रिए निगरानी या तोड़फोड़ जैसे नए खतरों पर भी चिंता जताई गई है।

साइबर माध्यम से अफवाह फैलाने और राष्ट्रीय आयोजनों के दौरान अशांति फैलाने की कोशिशों को भी संभावित चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

खुफिया आकलन बताते हैं कि शत्रु तत्व बड़ी सार्वजनिक भीड़, वीआईपी आवाजाही और राष्ट्रीय प्रतीकात्मक आयोजनों का फायदा उठाकर दहशत फैलाने या समारोहों में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियाँ बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, क्षेत्रीय निगरानी, सख्त जांच और केंद्रीय बलों व दिल्ली पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की योजना बना रही हैं।

अधिकारियों ने कहा कि अतिरिक्त CAPF की तैनाती से परिधि सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, तोड़फोड़ रोधी उपाय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी। इससे गणतंत्र दिवस परेड और उससे जुड़े सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान राजधानी में मज़बूत और सतर्क सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।

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