आज का दिन न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी, बल्कि बिहार की राजनीति के लिए भी ऐतिहासिक है। पहली बार भाजपा को बिहार से राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने जा रहा है। बांकीपुर से पांच बार विधायक और वर्तमान राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार नितिन नवीन इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार होंगे। ऐसे में उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। यदि कोई दूसरा नामांकन दाखिल नहीं होता या सभी अन्य नामांकन रद्द हो जाते हैं, तो चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही उनके नाम की घोषणा कर दी जाएगी।
नितिन नवीन भाजपा के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। खास बात यह है कि वे अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। उम्र, संगठनात्मक अनुभव और राजनीतिक संतुलन—इन तीनों का मेल भाजपा के लिए एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
आज दोपहर भाजपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में नामांकन की प्रक्रिया पूरी होगी। सूत्रों के मुताबिक इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी भी संभव है। इससे साफ है कि शीर्ष नेतृत्व को नितिन नवीन पर पूरा भरोसा है।
भाजपा के कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 2 से 4 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 4 से 5 बजे तक नामांकन की जांच होगी और शाम 5 से 6 बजे तक नाम वापस लेने का समय रहेगा। यदि केवल एक ही वैध नामांकन रहता है, तो चुनाव अधिकारी निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर देंगे।
हालांकि आज पूरी प्रक्रिया खत्म हो जाएगी, लेकिन नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को की जाएगी। इसके बाद वे कार्यकारी अध्यक्ष से पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे।
भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राष्ट्रीय परिषद के जरिए होता है। इस परिषद में करीब 5,708 सदस्य होते हैं, जिनमें देश के 30 से अधिक राज्यों से आए प्रतिनिधि शामिल रहते हैं। इसलिए यह चुनाव संगठन के लिहाज से काफी अहम माना जाता है।
अब तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्षों में अटल बिहारी वाजपेयी, मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, बंगारू लक्ष्मण, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे बड़े नाम शामिल रहे हैं। अब इस सूची में नितिन नवीन का नाम जुड़ने जा रहा है, जिसे पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
कौन हैं नितिन नवीन
45 वर्षीय नितिन नवीन, दिवंगत भाजपा नेता और पूर्व विधायक नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू किया और संगठन व सरकार—दोनों स्तरों पर खुद को साबित किया है। वे बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए हैं, जो उनके मजबूत जनाधार को दिखाता है।
मंत्री से संगठन तक का सफर
नितिन नवीन नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद बनी एनडीए सरकार में भी उन्हें मंत्री बनाया गया था। हालांकि, जब उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया, तो उन्होंने संगठन को प्राथमिकता देते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
भाजपा के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव
नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना भाजपा के संगठनात्मक भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है। युवा नेतृत्व, जमीनी राजनीति का अनुभव और बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य से आने वाला चेहरा—ये सभी बातें पार्टी को नई दिशा देने का संकेत देती हैं।
बिहार से दिल्ली तक नई भूमिका
कुल मिलाकर, नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना सिर्फ पद का बदलाव नहीं है, बल्कि भाजपा में नेतृत्व के नए अध्याय की शुरुआत है। बिहार से निकलकर पार्टी की राष्ट्रीय कमान संभालना राज्य के लिए गर्व की बात है और इसका असर आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में भी साफ नजर आएगा।
