निर्विरोध नामांकन होते ही भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना तय हो चुका है। इसके साथ ही वे भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। संगठन के भीतर इसे एक बड़े पीढ़ीगत बदलाव और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
आज भाजपा के केंद्रीय पार्टी मुख्यालय में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नितिन नबीन का नामांकन दाखिल किया गया।
पार्टी की परंपरा के मुताबिक़ नितिन नबीन स्वयं अपने नामांकन के समय कार्यालय में उपस्थित नहीं रहे। उनकी ओर से वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव अधिकारी को समर्थन पत्र सौंपे। इस अवसर पर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और संगठन के अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहे, जिससे यह साफ संकेत मिला कि संगठन के हर स्तर पर उनके नाम पर व्यापक सहमति है।
नितिन नबीन को इससे पहले 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। अब महज़ एक महीने के भीतर उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के उन पर भरोसे और संगठनात्मक रणनीति को दर्शाता है, लेकिन अब पार्टी की तैयारी है कि पार्टी का बूथ स्तर का कार्यकर्ता भी इस रणनीति से जुड़े और भरोसे को महसूस करे।
बूथ स्तर तक मनाया जाएगा नितिन नबीन की ताजपोशी का जश्न
भाजपा की ओर से नितिन नबीन की ताजपोशी को लेकर व्यापक और सुनियोजित तैयारियां की जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने यह तय किया है कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत केवल राजधानी या प्रदेश मुख्यालयों तक सीमित न रहकर बूथ स्तर तक किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि पार्टी का अंतिम छोर पर खड़ा कार्यकर्ता भी नए अध्यक्ष को जाने, उन्हें महसूस करे और शीर्ष नेतृत्व से भावनात्मक रूप से जुड़ सके।
भाजपा संगठन महामंत्री की प्रदेश अध्यक्षों के साथ अहम बैठक
सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी के संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने बीते सप्ताह इस पूरी योजना को लेकर एक अहम ऑनलाइन बैठक की थी। इस बैठक में भाजपा के सभी प्रदेश अध्यक्ष और संगठन मंत्री शामिल हुए थे।
बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत और ताजपोशी से जुड़े कार्यक्रम हर हाल में बूथ स्तर तक आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों की निगरानी स्वयं प्रदेश अध्यक्ष और संगठन मंत्री करेंगे, ताकि इनकी सफलता सुनिश्चित की जा सके।
पश्चिम बंगाल, असम की चुनौती से पहले संगठन को साधने की तैयारी
नितिन नबीन का भाजपा का सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना केवल एक औपचारिक बदलाव नहीं, बल्कि संगठनात्मक दृष्टि से एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो पार्टी चाहती है कि उन्हें कार्यकर्ताओं और संगठन में वही स्वीकार्यता और भरोसा मिले, जो भाजपा के पूर्ववर्ती राष्ट्रीय अध्यक्षों को प्राप्त था।
बूथ स्तर पर आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम शीर्ष संगठन को सीधे ज़मीनी कार्यकर्ताओं से जोड़ने का माध्यम बनेंगे और संवाद की खाई को और पाटने में मदद करेंगे।
20 जनवरी से देशभर में कार्यक्रमों की शुरुआत
20 जनवरी को जैसे ही नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की औपचारिक घोषणा होगी, उसी दिन से ये स्वागत और संवाद कार्यक्रम सभी राज्यों में शुरू कर दिए जाएंगे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इससे संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और कार्यकर्ताओं में नेतृत्व को लेकर स्पष्टता और उत्साह दोनों बढ़ेंगे।
भाजपा की यह पूरी योजना इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसी वर्ष पार्टी को पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु समेत चार राज्यों में चुनावों का सामना करना है। वहीं अगले वर्ष उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और गुजरात जैसे बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ख़ासकर पश्चिम बंगाल और उसके बाद उत्तर प्रदेश का चुनाव नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनकी टीम के लिए बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में पार्टी अभी से नितिन नबीन को बूथ स्तर तक पहुंचाने और संगठन को ज़मीनी स्तर पर और अधिक चुस्त-दुरुस्त व मज़बूत बनाने की तैयारी में जुट गई है।





























