भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कनाडा के विदेश मंत्री से फोन पर चर्चा की है, जिसमें यह साफ हुआ है कि कनाडा पीएम जल्द भारत दौरा कर सकते हैं।

भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में एक बार फिर से नजदीकी देखने को मिल रही है। गणतंत्र दिवस के मौके पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से टेलीफोन पर बातचीत की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बात हुई।

यही नहीं इस बातचीत के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की प्रस्तावित भारत यात्रा पर भी खास तौर पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्नी को लेकर चर्चा है कि मार्च की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान भारत और कनाडा के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि दोनों देश ऊर्जा, यूरेनियम आपूर्ति, क्रिटिकल मिनरल्स और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इन विषयों पर बातचीत की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।

यह कूटनीतिक बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में दावोस में विश्व आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए दुनिया की उभरती शक्तियों से एकजुट होकर काम करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में मध्यम शक्तियों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।

कार्नी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते प्रभाव के बीच अमेरिका की ओर से भारत, कनाडा और यूरोपीय देशों पर व्यापारिक दबाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संदर्भ में भारत और कनाडा के बीच बढ़ते संपर्क अहम संकेत देते हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को लेकर इसी सप्ताह भारत और कनाडा के बीच अहम बैठक होने वाली है। कनाडा के ऊर्जा मंत्री टिम होजीसन गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक में भाग लेने भारत आ रहे हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से होगी, जिसमें यूरेनियम, लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में संभावित समझौतों पर चर्चा की जाएगी।

पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर संपर्क बढ़े हैं, जिनमें उच्चायुक्तों की नियुक्ति जैसे कदम शामिल हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद भारत–कनाडा संबंधों में तनाव आ गया था। हालांकि, मार्क कार्नी सरकार के गठन के बाद अब दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।

Exit mobile version