उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित होकर आए हिंदू परिवारों के पुनर्वास को मंजूरी दे दी है। यूपी कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। सरकार के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कुल 99 हिंदू परिवारों को पुनर्वास योजना के तहत बसाया जाएगा। ये परिवार अभी मेरठ के मवाना क्षेत्र के नंगला गोसाई गांव में अवैध रूप से रह रहे हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के कारण अब इन्हें दूसरी जगह बसाया जाएगा।
कहां बसाए जाएंगे परिवार?
पुनर्वास योजना के अनुसार—
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50 परिवारों को कानपुर देहात जिले की रसूलबाद तहसील के भैंसया गांव में बसाया जाएगा। यहां 11.13 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई है।
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49 परिवारों को ताजपुर तरसौली गांव में 10.53 हेक्टेयर जमीन पर बसाया जाएगा।
कितनी जमीन मिलेगी?
हर परिवार को 0.50 एकड़ जमीन दी जाएगी। यह जमीन 30 साल की लीज पर होगी, जिसे दो बार और बढ़ाया जा सकेगा। इस तरह परिवार कुल 90 साल तक जमीन का उपयोग कर सकेंगे। लीज तय प्रीमियम और किराए पर दी जाएगी।
शहरी विकास नीति को भी मंजूरी
कैबिनेट बैठक में शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को भी मंजूरी दी गई है। इससे भवन मानचित्रों की मंजूरी की प्रक्रिया आसान होगी और नए विकास शुल्क लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही बरेली और मुरादाबाद में साइंस पार्क और तारामंडल बनाने को भी मंजूरी मिली है।
आपदा प्रभावित परिवारों को भी राहत
सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी मंजूरी दी है। ऐसे परिवारों को सरकारी आवास और जमीन की लीज दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बहराइच जिले में आपदा प्रभावित परिवारों के लिए जमीन की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत कुल 136 परिवारों को घर और खेती के लिए जमीन दी जाएगी।
