रवि कोटा, जिन्हें रक्षा क्षेत्र में “एलसीए मैन” के नाम से जाना जाता है, को सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का नया प्रमुख चुना गया है। वे मई 2026 से HAL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभालेंगे। मौजूदा CMD डीके सुनील अप्रैल के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। रक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में HAL में डायरेक्टर (ऑपरेशंस) के पद पर कार्यरत रवि कोटा को पब्लिक एंटरप्राइजेज सिलेक्शन बोर्ड (PESB) ने इस पद के लिए चुना है। अब केवल औपचारिक प्रक्रियाएँ पूरी की जानी बाकी हैं।
PESB ने इस पद के लिए आठ उम्मीदवारों पर विचार किया था, जिनमें से कम से कम छह उम्मीदवार HAL के अंदर से थे। बोर्ड की बैठक गुरुवार को हुई, जिसमें अंतिम फैसला लिया गया। रवि कोटा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब HAL को तेजस Mk-1A लड़ाकू विमान की डिलीवरी में देरी को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यह कार्यक्रम कई बार तय समय सीमा से चूक चुका है। इसकी वजहों में अमेरिकी कंपनी GE से इंजन की आपूर्ति में देरी, हथियार प्रणाली और रडार के एकीकरण में आई समस्याएँ शामिल हैं।
भारतीय वायुसेना (IAF) ने साफ कर दिया है कि वह तेजस विमान को तभी शामिल करेगी, जब HAL द्वारा IAF-विशेष संस्करण से जुड़े सभी वादे पूरे कर दिए जाएंगे। उम्मीद की जा रही है कि रवि कोटा का ऑपरेशनल अनुभव और एलसीए कार्यक्रम से उनका गहरा जुड़ाव, डिलीवरी तेज़ करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा, ताकि देश की रक्षा ज़रूरतें पूरी हो सकें।
खास बात यह है कि रवि कोटा ऐसे समय में पद संभालेंगे, जब बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) HAL को एक आधुनिक विमान निर्माण कंपनी में बदलने को लेकर अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंपने वाला है। यह रिपोर्ट 31 मार्च तक सौंपे जाने की उम्मीद है। रवि कोटा मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। उन्होंने IIM अहमदाबाद और फ्रांस के टूलूज़ स्थित ISAE-SUPAERO से पढ़ाई की है। इससे पहले वे HAL के एलसीए डिविजन में जनरल मैनेजर रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने भारतीय वायुसेना में तेजस लड़ाकू विमान को ऑपरेशनल बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने वर्ष 2021 में 83 तेजस Mk-1A विमानों की आपूर्ति का ऐतिहासिक अनुबंध पूरा कराने वाली टीम का नेतृत्व किया था। इस सौदे की कीमत 36,000 करोड़ रुपये से अधिक थी। इसके अलावा, वे IAF के साथ 97 अतिरिक्त तेजस Mk-1A विमानों के प्रस्तावित ऑर्डर पर भी नज़दीकी तौर पर काम कर चुके हैं, जो आने वाले वर्षों में वायुसेना की रीढ़ बनेंगे।
रवि कोटा ने सालाना 16 तेजस विमान बनाने की उत्पादन क्षमता विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाई और पहली बार तेजस ट्विन-सीटर विमान की डिलीवरी की निगरानी की। HAL की प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने तेजस कार्यक्रम में स्वदेशीकरण (Indigenisation) को बढ़ावा दिया और निजी कंपनियों को बड़े फ्यूज़लाज हिस्सों का काम सौंपकर एलसीए डिविजन को एक लीड इंटीग्रेटर के रूप में विकसित किया।
