एनएचआई एक बार फिर देश में अपना इतिहास रच दिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बेंगलुरु–कडपा–विजयवाड़ा आर्थिक कॉरिडोर पर चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर अपना नाम इतिहास के पन्नों पर सजा दिया है। जिससे साफ हो रहा है कि अगर एक बार भारत ठान ले किसी काम को करने लिए तो उसे पूरा किए बिना नहीं छोड़ता है।
केंद्रीय परिवहन एंव राष्ट्रीय राज्य मार्ग मंत्री नीतिन गड़करी ने इसे ऐतिहासिक सफलता घोषित किया है। इस कार्य की सफलता से भारत अपने कार्य में और आगे कि ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
इससे पहले भी नीतिन गड़करी की टीम ने कई अधूरी सड़को का निर्माण किया है, जिससे भारतीयों का सफर काफी आसान हो गया है, भारतवासियों के लिेेेए नए सड़क का निर्माण उनकी यात्रा को और भी आसान बनाती है।
आंध्र प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ निर्माण कार्य
6 जनवरी को आंध्र प्रदेश के पुट्टापर्थी के पास, राष्ट्रीय राजमार्ग-544G के निर्माण के दौरान NHAI ने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए।
पहले दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
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24 घंटे में 28.89 लेन-किलोमीटर बिटुमिनस कंक्रीट बिछाया गया, जो तीन लेन वाली 9.63 किलोमीटर लंबी सड़क के बराबर है।
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24 घंटे में 10,655 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट बिछाया गया, जो अब तक वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है।
ये रिकॉर्ड छह लेन वाले बेंगलुरु–कडपा–विजयवाड़ा आर्थिक कॉरिडोर परियोजना के तहत बनाए गए , बता दें कि इससे पहले ऐसा कोई भी सड़क निर्माण का रिकार्ड नहीं बना है।
कुछ दिन पहले और रिकार्ड बनें
कुछ दिनों पहले NHAI ने और गिनीज बुक में रिकॉर्ड बनाएं है,
लगातार 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट बिछाया गया। बिना किसी रुकावट के 156 लेन-किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया, जो तीन लेन वाली 52 किलोमीटर लंबी सड़क के बराबर है। इस प्रयास ने 84.4 लेन-किलोमीटर के पिछले विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
ये रिकॉर्ड कॉरिडोर परियोजना के पैकेज-2 और पैकेज-3 में हासिल किए गए। बता दें कि इस सफलता के पीछे नई तकनीक को श्रेय जाता है जो काम को आसान और कम समय में बना तैयार कर देती है।
उपयोग में लाई गई मशीनें
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70 टिपर ट्रक
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5 हॉट मिक्स प्लांट
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1 पेवर
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17 रोलर
IIT बॉम्बे और प्रमुख ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की, जिससे सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन किया गया।
बेंगलुरु–कडपा–विजयवाड़ा आर्थिक कॉरिडोर
यह कॉरिडोर 343 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला राजमार्ग है, जिसे सुरक्षित और तेज़ यात्रा के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इसकी विशेषताएं
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17 इंटरचेंज
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10 रोडसाइड सुविधाएं
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5.3 किलोमीटर लंबी सुरंग
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लगभग 21 किलोमीटर क्षेत्र वन क्षेत्र से होकर
इस परियोजना का उद्देश्य सुगम और सुंदर यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देना है।
बता दें कि यात्रा कि दूरी 635 किमी से घटकर 535 किमी रह जाएगी, यानी 100 किमी की कमी, इसके साथ ही यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर 8 घंटे हो जाएंगे। जिससे करीब 4 घंटे की बचत होगी। इससे बेंगलुरु और विजयवाड़ा के बीच संपर्क काफी बेहतर होगा। साथ ही इसके आसपास के संपर्क को भी नजदीक करेगा।
बेंगलुरु–कडपा–विजयवाड़ा आर्थिक कॉरिडोर अब आधुनिक भारत के विकास अभियान का एक सशक्त उदाहरण बन चुका है।
