गणतंत्र दिवस 2026: पीएम मोदी की मरून पगड़ी ने खींचा ध्यान, क्या है इसकी खासियत

गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेशभूषा चर्चा का विषय बनी। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर पीएम मोदी ने मरून रंग की पारंपरिक पगड़ी पहनी, जिसने सबका ध्यान आकर्षित किया।

प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में भाग लिया

प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में भाग लिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। इस पावन मौके पर प्रधानमंत्री सुबह राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचे, जहाँ उन्होंने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया और कुछ क्षण मौन रखकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

हर वर्ष की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेशभूषा चर्चा का विषय बनी। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर पीएम मोदी ने मरून रंग की पारंपरिक पगड़ी पहनी, जिसने सबका ध्यान आकर्षित किया। गौरतलब है कि वर्ष 2016 से लेकर 2026 तक प्रधानमंत्री मोदी हर गणतंत्र दिवस पर अलग-अलग रंग और डिजाइन की पगड़ियों में नजर आते रहे हैं। उनकी यह परंपरा भारत की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक विरासत को दर्शाती है।

पीएम मोदी द्वारा पहनी गई इस मरून पगड़ी पर सुनहरे रंग की सुंदर कढ़ाई की गई थी, जो इसे और भी खास बना रही थी। पगड़ी के पिछले हिस्से में हरे रंग की पृष्ठभूमि पर सुनहरी कढ़ाई दिखाई दी, जबकि साफे के अंतिम हिस्से में हरे रंग के नीचे पीले रंग का आकर्षक मिश्रण नजर आया। यह पगड़ी पारंपरिक शिल्पकला और भारतीय संस्कृति का सुंदर उदाहरण थी।

प्रधानमंत्री की पूरी वेशभूषा भी बेहद सादगीपूर्ण और आकर्षक रही। उन्होंने गहरे नीले रंग का कुर्ता पहना हुआ था, जिसके ऊपर आसमानी रंग की जैकेट थी। उनका यह पहनावा भारतीय परंपरा और आधुनिकता का संतुलित मेल दर्शाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री का यह लुक लोगों के बीच चर्चा में रहा।

राष्ट्रीय समर स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर पूरे देश में देशभक्ति और गर्व का माहौल देखने को मिला। लोगों ने टीवी और अन्य माध्यमों से समारोह का सीधा प्रसारण देखा और तिरंगे के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

77वें गणतंत्र दिवस का यह आयोजन न केवल भारत की लोकतांत्रिक शक्ति को दर्शाता है, बल्कि यह देश के उन वीर सपूतों को याद करने का अवसर भी है, जिनके बलिदान से आज भारत सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है।

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