गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

राफेल लड़ाकू विमान 'सिंदूर' फॉर्मेशन में उड़ते दिख सकते हैं

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड का समापन इस बार भी भारतीय वायुसेना (IAF) के भव्य फ्लाईपास्ट के साथ होगा, लेकिन 2026 का यह हवाई प्रदर्शन सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि हाल में ही हुए ऑपरेशन सिंदूर और भारत की वॉर रेडीनेस की क्षमता का प्रतीक बनने जा रहा है।
पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी फ्लाईपास्ट में कुल 40 विमानों के शामिल होने की संभावना है। इनमें 22 लड़ाकू विमान, 11 परिवहन विमान और 7 हेलिकॉप्टर होंगे। ये सभी विमान देश के 10 अलगअलग एयरबेस से उड़ान भरकर तय समय और निर्धारित फॉर्मेशन में कर्तव्य पथ के ऊपर से गुजरेंगे।

कर्तव्यपथ परसिंदूरफॉर्मेशन

जानकारी के मुताबिक़ इस बार फ्लाईपास्ट में ऑपरेशनसिंदूरकी भी स्पष्ट झलक दिखाई देगी। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले के जवाब में भारत ने मई के पहले सप्ताह में ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी। 6-10 मई तक चले इस अभियान में भारतीय सेनाओं ने न सिर्फ पाकिस्तान के अंदर मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था, बल्कि पाकिस्तान के कई सामरिक ठिकानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी भारी नुक़सान पहुंचाया था। भारतीय सेनाओं के इस प्रहार के बाद पाकिस्तान ने सीजफायर की अपील की थी, जिसे भारत द्वारा मान लिया गया था।
गणतंत्र दिवस के फ्लाईपास्ट में इसी अभियान की भावना और इस दौरान वायुसेना की भूमिका को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

प्रहारऔरगरुड़से होगी हवाई प्रदर्शन की शुरुआत

फ्लाईपास्ट की शुरुआत प्रहारफॉर्मेशन से होने की संभावना है। इसमें तीन एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ‘विकफॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इनमें एक ALH ऑपरेशन सिंदूर का ध्वज लेकर उड़ान भरेगा, जबकि अन्य दो ALH WSI और ALH Mk-IV संस्करण होंगे। यह फॉर्मेशन हेलिकॉप्टरआधारित युद्ध और जवाबी हमले की क्षमताओं को दर्शाएगा।

इसके बादगरुड़फॉर्मेशन नज़र आ सकता है, जिसमें एक IL-38 SD समुद्री गश्ती विमान और एक AN-32 परिवहन विमान शामिल होंगे। यह हिस्सा समुद्री निगरानी और लॉजिस्टिक सपोर्ट में वायुसेना की भूमिका को दर्शाता है।

सिंदूरफॉर्मेशन में दिखेगी फ्रंटलाइन फाइटर ताकत

फ्लाईपास्ट का प्रमुख आकर्षण सिंदूरस्पीयरहेड फॉर्मेशन होने वाला है। इसमें दो राफेल, दो मिग-29, दो सुखोई-30 MKI और एक जगुआर फाइटर जेट शामिल होंगे। यह फॉर्मेशन भारतीय वायुसेना की मल्टी लेयर फाइटर क्षमता को दर्शाएगा, जो आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में निर्णायक भूमिका निभाती हैं।

परिवहन, समुद्री निगरानी और एयर पावर

वायुसेना की परिवहन क्षमता को अर्जनफॉर्मेशन के ज़रिये दिखाया जा सकता है, जिसमें एक सबसे आगे एक C-130 सुपर हरक्यूलिस और उसके साथ दो C-295 विमान इस फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
वहीं हर बार की तरह वरुणफॉर्मेशन भी दिखाया जाएगा, जिसमें एक P-8I पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमान के साथ दो सुखोई-30 MKI उड़ान भरते नज़र आ सकते हैं, जो कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की एयरमैरीटाइम डोमिनेंस का प्रतीक होगा।

वज्रांगफॉर्मेशन और राफेल का शक्ति प्रदर्शन

राफेल भारत के सबसे अत्याधुनिक और फ्रंटलाइनर फाइटर जेट हैं। ऑपरेशन सिंदूर में भी इन विमानों ने बेहद अहम भूमिका निभाई थी। कर्तव्यपथ पर इनकी भी ताक़त दिखेगी, जहां येवज्रांगफॉर्मेशन में एक साथ आसमान में गर्जना करते नज़र आएंगे।

हर बार की तरह फ्लाईपास्ट का समापन वर्टिकल चार्ली से होगा, जिसमें बेहद तेज़ गति से उड़ान भरता एक राफेल फाइटर जेट तेजी से ऊपर जाएगा और फिर आसमान में बिल्कुल सीधा खड़ा होकर रोल करता नज़र आएगा। इसे ही वर्टिकल चार्ली मैन्युवर कहा जाता है और ये दृश्य पूरे फ्लाईपास्ट का सबसे रोमांचक क्षण होता है।

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