गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, एस-400 रक्षा प्रणाली होगी प्रदर्शित, 77वीं परेड में ईयू का दल भी होगा शामिल

इस परेड में पहली बार S-400 एयर डिफेंस सिस्टम दिखाया जाएगा। यही सिस्टम पिछले साल मई में पाकिस्तान के कई हमलों को रोकने और उन्हें नुकसान पहुँचाने में काम आया था।

भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

भारतीय सेना 26 जनवरी, 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड में अपनी युद्ध-तैयार और भविष्य की ताकत पेश करेगी। इस परेड में पहली बार “रणभूमि व्यूह रचना” (Battle Array) दिखाई जाएगी, जो असली युद्ध के माहौल की तरह बनाई गई है।

S-400 एयर डिफेंस सिस्टम

इस परेड में पहली बार S-400 एयर डिफेंस सिस्टम दिखाया जाएगा। यही सिस्टम पिछले साल मई में पाकिस्तान के कई हमलों को रोकने और उन्हें नुकसान पहुँचाने में काम आया था। इसे ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किया गया था। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने बताया था कि ऑपरेशन में भारत की S-400 प्रणाली ने पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमानों को मार गिराया।

ऑपरेशन सिंदूर को सम्मान

परेड में सेना की मार्चिंग और मशीनीकृत टुकड़ियाँ युद्ध की तैयारी दिखाने वाले क्रम में होंगी। इस “रणभूमि व्यूह रचना” में इंटेलिजेंस, सर्विलांस, मशीनीकृत बल, एविएशन, स्पेशल फोर्सेज, तोपखाना, एयर डिफेंस और लॉजिस्टिक्स शामिल होंगे। यह फॉर्मेशन दिखाता है कि सेना लंबी दूरी की प्रिसिजन स्ट्राइक और दुश्मन क्षेत्र में कैसे ऑपरेशन करती है।

नई इकाइयाँ और हथियार

इस परेड में कई नई इकाइयाँ और हथियार दिखाई देंगे, जैसे:

यूरोपीय संघ की टीम

इस बार के परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय काउंसिल अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन होंगे। इसके अलावा एक छोटा यूरोपीय दल भी आएगा, जिसका नेतृत्व कर्नल रैंक के अधिकारी करेंगे और उनके पीछे 4 ध्वजवाहक होंगे।

अनोखी पशु सेना

पहली बार परेड में “पशु सैनिकों की टुकड़ी शामिल होगी, जिसमें भट्रक ऊँट और जांस्कर पोनी होंगे। यह दल 90 मिनट की परेड में 6,050 सैनिकों के साथ मार्च करेगा।

अन्य हथियार और प्लेटफॉर्म

परेड में ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल, MRSAM, ATAGS, धनुष तोप, शक्तिबान रेजिमेंट और ड्रोन दिखाए जाएंगे। नई शक्तिबान रेजिमेंट ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और लोटरिंग म्यूनीशन्स से लैस होगी। यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’, जो 300 किमी तक मार कर सकता है, पहली बार दिखेगा।

महिला अधिकारियों की भागीदारी

इस साल महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ी है:

वायुसेना का फ्लायपास

भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी। इसमें 29 विमान शामिल होंगे: 16 फाइटर जेट्स, 9 हेलिकॉप्टर और 4 ट्रांसपोर्ट विमान।

परेड की मुख्य जानकारी

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