वरिष्ठ पत्रकार डॉक्टर प्रवीण तिवारी जल्द ही एक नई भूमिका में दर्शकों के सामने होंगे। वह आगामी हिंदी फीचर फिल्म गोदान में खलनायक की भूमिका निभाते हुए दिखाई देंगे। फिल्म का गीत ‘देशवासियों’, जिसे प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने आवाज़ दी है, इन दिनों दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है। खास बात यह है कि आमतौर पर खलनायक के किरदार पर इस तरह का सकारात्मक और भावनात्मक गीत फिल्माया जाना दर्शकों के लिए चौंकाने वाला हो सकता है। हालांकि, फिल्म की कहानी इस प्रयोग को पूरी तरह अर्थ देती है।
‘गोदान’ की कथा डॉक्टर रुद्र नामक किरदार के परिवर्तन पर केंद्रित है। किस तरह परिस्थितियों और अनुभवों के बीच यह पात्र रूपांतरण से गुजरता है, यही फिल्म का मुख्य बिंदु है। निर्माताओं के अनुसार, ‘गोदान’ एक पूरी तरह कमर्शियल फिल्म है, जिसमें एक्शन, प्रभावशाली गीत, भावनाएं और मनोरंजक कथानक का संतुलित संयोजन देखने को मिलेगा। 6 फरवरी को फिल्म रिलीज़ हो रही है। मुख्य गीत ‘देशवासियों’ को दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और यह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा में बना हुआ है।
डॉक्टर प्रवीण तिवारी का पेशेवर सफर मीडिया से सिनेमा तक बहुआयामी रहा है। मूल रूप से वह टेलीविजन पत्रकार और एंकर रहे हैं। इसके साथ ही प्रिंट, रेडियो और डिजिटल मीडिया में भी उनकी मजबूत उपस्थिति रही है। उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित चैनलों और संस्थानों के साथ कार्य किया है। पत्रकारिता के अलावा लेखन के क्षेत्र में भी उनकी पहचान रही है। अब तक उनकी सात पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें ‘आतंक से समझौता’ (जिसे अंग्रेज़ी में The Great Indian Conspiracy के नाम से प्रकाशित किया गया), ‘सत्य की खोज’, ‘न्यूज़ एंकर’ और ‘इन्नोवेट इंडिया’ जैसी पुस्तकें शामिल हैं।
अपने जीवन-दर्शन के बारे में डॉक्टर प्रवीण तिवारी बताते हैं कि वह ओशो के मंत्र “तैरो, मत बहो” को अपनी जीवन-फिलॉसफी मानते हैं। उनके अनुसार, जीवन में आने वाली संभावनाएं आगे बढ़ने का अवसर होती हैं, शर्त यही है कि व्यक्ति उन अवसरों के लिए कितना तैयार और दक्ष है। फिल्म ‘गोदान’ के माध्यम से दर्शकों को एक ऐसी कहानी देखने को मिलेगी, जिसमें मनोरंजन के साथ-साथ परिवर्तन और आत्ममंथन का संदेश भी निहित है।
