ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर ईरान को धमकी दे रहा है कि वह पूरे देश को उड़ा देगा, वहीं जवाब में ईरान ने भी कहा है कि हम डरने वाले नहीं है।

ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर धमकी दी। यह धमकी ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दी गई। ट्रंप ने  एक इंटरव्यू में कहा कि अगर वहां अशांति जारी रही, तो पूरा देश उड़ा दिया जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति शुरू से ही ईरान में सरकार बदलने की बात कर रहे हैं। इसी बीच ईरान ने भी अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह “पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार है।” ईरान की इस चेतावनी पर ट्रंप ने जवाब देते हुए कहा, मैंने पहले ही चेतावनी दे दी है, अगर कुछ भी हुआ तो पूरा देश उड़ा दिया जाएगा। बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग साफ दिखाई दे रही है और पश्चिम एशिया का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। ट्रंप ने यह भी कहा, अगर कुछ भी हुआ, तो हम उन्हें दुनिया के नक्शे से मिटा देंगे।”

इसके अलावा, मंगलवार (20 जनवरी) को ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को भी चेतावनी दी। इसके जवाब में ईरान ने कहा, अगर अमेरिका ने अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ कोई कदम उठाया, तो हम उनकी दुनिया को आग में झोंक देंगे।”

ईरान की सेना के प्रवक्ता जनरल अबोलफज़ल शेखरची ने समाचार एजेंसी एपी से कहा,ट्रंप जानते हैं कि अगर हमारे नेता की ओर किसी ने हाथ बढ़ाया, तो हम न सिर्फ उस हाथ को काट देंगे बल्कि उनकी पूरी दुनिया को जला देंगे।पोलिटिको को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने खामेनेई को एक बीमार आदमी कहा और कहा कि उन्हें अपना देश सही तरीके से चलाना चाहिए और लोगों की हत्या बंद करनी चाहिए। हाल के दिनों में दोनों देशों की बयानबाज़ी और तेज़ हो गई है, जिससे लोगों में यह डर बढ़ रहा है कि अगर हालात ऐसे ही बिगड़ते रहे, तो पश्चिम एशिया में युद्ध हो सकता है। ट्रंप ईरान में चल रहे प्रदर्शनों में मारे गए लोगों को लेकर भी गंभीर दिखे। एक अमेरिकी मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 4,519 लोगों की मौत हो चुकी है और 26,300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ईरान में ये विरोध प्रदर्शन दिसंबर के आखिरी हफ्ते में शुरू हुए थे। इसकी वजह महंगाई का बढ़ना और ईरानी मुद्रा रियाल का तेजी से गिरना था। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और सुधारों के साथ-साथ सरकार बदलने की मांग करने लगे। वहीं ईरान सरकार ने इन प्रदर्शनों के लिए अमेरिका और इज़राइल को जिम्मेदार ठहराया और उन पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया।

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