वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

एक दिन पहले मुख्यमंत्री धामी ने सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट में आयोजित ‘चिंतन शिविर’ और ‘विजन 2047 पर संवाद’ कार्यक्रम के दौरान राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया था।

उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस विभाग में वर्दी सामग्री की खरीद से जुड़े घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर होमगार्ड्स निदेशक (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए एक संयुक्त जांच समिति (जॉइंट इन्क्वायरी कमेटी) गठित करने के भी निर्देश दिए।

यह मामला वित्तीय वर्ष 2024–25 और 2025–26 के दौरान होमगार्ड्स के लिए वर्दी सामग्री की खरीद से संबंधित है, जिसमें टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। देहरादून स्थित होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस के महानिदेशक द्वारा राज्य सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और निर्धारित नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा किया गया है।

महानिदेशक की सिफारिशों के आधार पर मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमांडेंट को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए और आरोपों की विस्तृत जांच के लिए संयुक्त जांच समिति के गठन के निर्देश दिए।

भ्रष्टाचार के प्रति राज्य सरकार के रुख को दोहराते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर चल रही है और किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्ट आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

एक दिन पहले मुख्यमंत्री धामी ने सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट में आयोजित ‘चिंतन शिविर’ और ‘विजन 2047 पर संवाद’ कार्यक्रम के दौरान राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया था।

दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप, इस अभ्यास के माध्यम से भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए एक ठोस, व्यावहारिक और समयबद्ध रणनीति तैयार की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास से जुड़े सभी प्रमुख क्षेत्रों पर गहन मंथन किया जाएगा, ताकि राज्य के भविष्य के लिए एक स्पष्ट, व्यावहारिक और समयबद्ध रोडमैप तैयार किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण रूप से विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तभी साकार हो सकता है, जब देश का हर राज्य समान गति से विकास करे।

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