मणिपुर को आज मिल सकता है नया मुख्यमंत्री, संभावित सरकार गठन को लेकर बीजेपी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक

विष्णुपुर से सातवीं बार के विधायक गोविंददास कोंथौजम का नाम रेस में बताया जा रहा है

मणिपुर विधानसभा

मणिपुर विधानसभा को भंग करने की जगह निलंबित किया गया था

लंबे वक्त से राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे मणिपुर को आज नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। संभावित सरकार गठन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के केंद्रीय मुख्यालय में मणिपुर विधानसभा के विधायक दल की बैठक बुलाई गई। इस बैठक से पहले ही राज्य में राष्ट्रपति शासन खत्म होने और नई सरकार के गठन की उम्मीदें तेज़ हो गई हैं।

भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय में मणिपुर विधानसभा के सभी एनडीए विधायकों की बैठक हुई, जिसमें मैतेई, कुकी और नागा समुदाय के विधायक शामिल हैं। इस बैठक का उद्देश्य ज़मीनी हालात की समीक्षा करने के साथसाथ विधायक दल के नेता का चुनाव करना है। इससे पहले सोमवार शाम को बीजेपी के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ को पार्टी ने केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था, ताकि विधायक दल के नेता का चयन किया जा सके। जानकारी के मुताबिक यह बैठक दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में मंगलवार दोपहर तीन बजे बुलाई गई ।

मणिपुर का मौजूदा सियासी अंकगणित क्या है ?

सूत्रों के अनुसार, विष्णुपुर विधानसभा सीट से सातवीं बार विधायक चुने गए वरिष्ठ बीजेपी नेता गोविंददास कोंथौजम का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है। वे लगातार सात बार विधायक चुने जा चुके हैं और पार्टी में एक अनुभवी चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं।
मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद राज्य में पैदा हुई राजनीतिक अस्थिरता के चलते पिछले साल फरवरी में मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्य विधानसभा को भंग करने के बजाय निलंबित रखा गया था, ताकि सरकार गठन की संभावनाओं को खुला रखा जा सके।

60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में बीजेपी के पास बहुमत है। जनवरी में नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के विधायक एन. कायिसी के निधन के बाद इस समय विधानसभा में कुल 59 विधायक हैं। बीजेपी के पास 32 सीटें हैं, जिनमें कुकीजो समुदाय के सात विधायक भी शामिल हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद जनता दल (यूनाइटेड) के पांच विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे, जिससे पार्टी के विधायकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई थी।

अन्य दलों में कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली एनपीपी के छह विधायक शामिल हैं, जो पहले बीजेपी की सहयोगी पार्टी थी। नवंबर 2024 में एनपीपी ने एन. बीरेन सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया था, हालांकि केंद्र में पार्टी अब भी बीजेपी को समर्थन दे रही है। बीजेपी की एक और पूर्व सहयोगी पार्टी कुकी पीपुल्स अलायंस के दो विधायक हैं। इसके अलावा नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पांच विधायक, तीन निर्दलीय, कांग्रेस के पांच विधायक और जेडी(यू) का एक विधायक भी विधानसभा में शामिल है।

पिछले चार महीनों में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने पार्टी विधायकों, जिनमें कुकीजो समुदाय के विधायक भी शामिल हैं, और सहयोगी दलों एनपीपी व एनपीएफ के साथ कई दौर की बैठकें की हैं, ताकि सरकार गठन का रास्ता निकाला जा सके।

मणिपुर में जारी हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और दोनों समुदायों के 60,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं, हालांकि हाल के महीनों में हालात धीरेधीरे सामान्य होते दिख रहे हैं।

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