प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के Bharat Mandapam में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ का उद्घाटन किया। यह सम्मेलन एआई पर केंद्रित दुनिया के सबसे बड़े वैश्विक आयोजनों में से एक माना जा रहा है।
कार्यक्रम का समय और मुख्य गतिविधियां
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, पीएम मोदी सुबह लगभग 9:40 बजे उद्घाटन समारोह में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की और लगभग 10:25 बजे सभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत में एआई के बढ़ते महत्व, तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग तथा भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन का उद्देश्य
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की भूमिका को मजबूत करना और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है। इस सम्मेलन में कई देशों के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योग जगत के नेता, स्टार्टअप संस्थापक, शोधकर्ता और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन के प्रमुख लक्ष्य:
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एआई तकनीक में नए शोध और नवाचार को बढ़ावा देना
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डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
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एआई के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग पर चर्चा
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युवाओं और स्टार्टअप को नए अवसर प्रदान करना
प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और शासन व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकती है। उन्होंने जोर दिया कि भारत एआई के क्षेत्र में न केवल तकनीक विकसित करेगा, बल्कि उसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का काम भी करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि एआई का उपयोग पारदर्शिता बढ़ाने, सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने और नागरिकों को तेज व सटीक सेवाएं देने में मदद करेगा।
भारत के लिए महत्व
यह सम्मेलन भारत को वैश्विक एआई हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे देश में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
साथ ही, इस आयोजन के माध्यम से भारत यह संदेश देना चाहता है कि वह नई तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ उनके सुरक्षित और नैतिक उपयोग के लिए भी प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ भारत के तकनीकी भविष्य की दिशा तय करने वाला एक बड़ा मंच साबित हो सकता है।
