जेल में बिगड़ी सेहत: इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

73 वर्षीय इमरान खान अपनी आंखों की रोशनी कम होने से बहुत परेशान और दुखी थे। उनकी आंखों से पानी आ रहा था और वे बार-बार टिश्यू का इस्तेमाल कर रहे थे।

इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी

इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी

पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की दाहिनी आंख की रोशनी अब केवल 15 प्रतिशत रह गई है। यह जानकारी अदालत द्वारा नियुक्त वकील की रिपोर्ट में सामने आई है। इससे उनकी सेहत और जेल में मिल रही चिकित्सा सुविधा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

यह रिपोर्ट पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वकील सलमान सफदर ने 10 फरवरी को रावलपिंडी की अडियाला जेल में इमरान खान से मुलाकात के बाद तैयार की। उन्होंने आठ पन्नों की रिपोर्ट में उनकी शारीरिक स्थिति, दिनचर्या और जेल के माहौल का विवरण दिया।

वकील के अनुसार, 73 वर्षीय इमरान खान अपनी आंखों की रोशनी कम होने से बहुत परेशान और दुखी थे। उनकी आंखों से पानी आ रहा था और वे बार-बार टिश्यू का इस्तेमाल कर रहे थे।

कई महीनों तक अनदेखी

रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने बताया कि अक्टूबर 2025 से उनकी आंखों की रोशनी तेजी से कम होने लगी थी। उन्होंने कई महीनों तक धुंधला दिखाई देने की शिकायत की, लेकिन जेल प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।

बाद में उनकी दाहिनी आंख की रोशनी लगभग पूरी तरह चली गई। इसके बाद इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के एक नेत्र विशेषज्ञ ने उनका परीक्षण किया। जांच में पता चला कि उन्हें “राइट सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन” नाम की गंभीर बीमारी है, जो आंख की नस में खून का थक्का जमने से होती है।

इस महीने की शुरुआत में उन्हें आंख में एंटी-VEGF इंजेक्शन लगाया गया, लेकिन इसके बाद भी उनकी रोशनी में बहुत कम सुधार हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

रिपोर्ट मिलने के बाद पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि इमरान खान को अपने दो बेटों से बात करने की अनुमति दी जाए, जो अपनी मां Jemima Goldsmith के साथ ब्रिटेन में रहते हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उनकी सेहत सबसे महत्वपूर्ण है और जरूरी हस्तक्षेप किया जाएगा। अटॉर्नी जनरल ने भी माना कि पूर्व प्रधानमंत्री को उचित इलाज देना राज्य की जिम्मेदारी है।

पार्टी की प्रतिक्रिया

इमरान खान की पार्टी Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) ने पहले भी आरोप लगाया था कि उन्हें सही इलाज नहीं मिल रहा। हाल ही में जब उन्हें बिना परिवार को बताए आंख के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, तो पार्टी ने इसे लापरवाही और गोपनीयता बताया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पीटीआई ने फैसले का स्वागत किया और उनकी रिहाई की मांग को फिर दोहराया।

जेल के अंदर की जिंदगी

रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान सुबह देर से उठते हैं, करीब 9:45 बजे नाश्ता करते हैं और एक घंटा कुरान पढ़ते हैं। वे एक्सरसाइज बाइक और हल्के वज़न से व्यायाम करते हैं। दोपहर और शाम को उन्हें थोड़ी देर टहलने की अनुमति है।

शाम 5:30 बजे से अगले दिन सुबह 10 बजे तक वे अपनी कोठरी में ही रहते हैं।

उनका खाना अधिकतर परिवार की तरफ से आता है। नाश्ते में कॉफी, दलिया और खजूर होता है। दोपहर में चिकन, मांस या दाल और रात में फल, दूध व खजूर दिए जाते हैं।

कोठरी में बिस्तर, कुर्सी, मेज और रोशनी-हवा की व्यवस्था है। सर्दियों में हीटर और गर्म पानी मिलता है। हालांकि, गर्मियों में ज्यादा गर्मी और कीड़ों की वजह से उन्हें परेशानी होती है।

इलाज में कमी की शिकायत

जेल अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर नियमित रूप से उनका ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर जांचते हैं। लेकिन इमरान खान ने शिकायत की कि उनकी उम्र के हिसाब से नियमित खून की जांच नहीं हो रही। उन्होंने यह भी कहा कि उनके निजी डॉक्टरों को मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

उन्होंने यह भी बताया कि दो साल से किसी दंत चिकित्सक ने उनकी जांच नहीं की।

वकील ने सुझाव दिया है कि उनकी आंख का इलाज तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराया जाए और उनके निजी डॉक्टरों को भी मिलने दिया जाए।

2023 से हिरासत में

इमरान खान अगस्त 2023 से एक भ्रष्टाचार मामले में सजा के बाद जेल में हैं। पहले उन्हें अटक जेल में रखा गया था, फिर अक्टूबर 2023 में अडियाला जेल भेज दिया गया, जहां वे ज्यादातर अकेले बंद रहे हैं।

यह मामला अब पाकिस्तान के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है कि वह अपने सबसे चर्चित राजनीतिक कैदी के साथ कैसा व्यवहार करता है। अदालत द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि उन्हें पारदर्शी और सही इलाज मिलता है या नहीं।

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