नूंह में एटीएम लुटेरे को छुड़ाने की कोशिश, भीड़ और पुलिस में हिंसक झड़प

नूंह जिले में एक नाटकीय टकराव उस समय सामने आया जब एक एटीएम लुटेरे को ले जा रही पुलिस टीम पर स्थानीय भीड़ ने हमला कर दिया। भीड़ आरोपी को छुड़ाने की कोशिश कर रही थी। इस घटना ने कानून-व्यवस्था और आपराधिक जांच में भीड़ के हस्तक्षेप को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

नूंह में एटीएम लुटेरे को छुड़ाने की कोशिश

नूंह में एटीएम लुटेरे को छुड़ाने की कोशिश

हरियाणा के नूंह जिले में एक नाटकीय टकराव उस समय सामने आया जब एक एटीएम लुटेरे को ले जा रही पुलिस टीम पर स्थानीय भीड़ ने हमला कर दिया। भीड़ आरोपी को छुड़ाने की कोशिश कर रही थी। इस घटना ने कानून-व्यवस्था और आपराधिक जांच में भीड़ के हस्तक्षेप को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

यह घटना उस समय हुई जब मेघालय पुलिस की एक टीम ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद हरियाणा से एक संदिग्ध एटीएम लुटेरे को मेघालय ले जा रही थी। आरोपी की पहचान राहुल खान के रूप में हुई है, जिस पर कई राज्यों में एटीएम चोरी और मशीन काटकर लूट करने के कई मामलों में शामिल होने का शक है। अधिकारियों के अनुसार, आगे की जांच के लिए उसे वापस ले जाया जा रहा था, तभी हालात अचानक हिंसक हो गए।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एस्कॉर्ट टीम जब नूंह जिले के सिकरावा इलाके से गुजर रही थी, तभी आरोपी ने पुलिस वाहन के अंदर अफरा-तफरी मचाने की कोशिश की। जांचकर्ताओं का कहना है कि एटीएम लुटेरे ने अचानक वाहन का स्टीयरिंग पकड़ लिया और कथित तौर पर उसे पलटाने तथा पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। इस अप्रत्याशित हरकत के कारण पुलिस कर्मियों को वाहन रोकना पड़ा और स्थिति पर काबू पाने की कोशिश करनी पड़ी।

इसके बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई। करीब 20 से 30 लोगों की भीड़ तुरंत पुलिस वाहन के पास इकट्ठा हो गई, जिसमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल थीं। भीड़ ने वाहन को घेर लिया और आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की कोशिश करने लगी। रिपोर्ट के अनुसार, भीड़ के कुछ लोगों ने वाहन की चाबी छीनने की कोशिश की और यहां तक कि पुलिसकर्मियों के हथियार भी छीनने का प्रयास किया।

जैसे-जैसे टकराव बढ़ता गया, पुलिस टीम को भीड़ से लगातार खतरा महसूस होने लगा। पुलिसकर्मियों ने बताया कि आरोपी को भागने से रोकने की कोशिश के दौरान उनके साथ हाथापाई भी की गई। स्थिति के और बिगड़ने तथा अपनी सुरक्षा को खतरा महसूस होने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोली चलाई। यह फायरिंग स्थिति पर नियंत्रण पाने और आरोपी को भागने से रोकने के लिए की गई थी।

इस अफरा-तफरी के दौरान तारिफ खान नामक एक स्थानीय निवासी के पैर में गोली लगने से चोट आई। बाद में अधिकारियों ने बताया कि गोली जमीन से टकराकर उछली थी, जिससे उसे चोट लगी। उसे तुरंत रोहतक के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई।

भीड़ की आक्रामक कोशिशों के बावजूद पुलिस आरोपी को अपनी हिरासत में रखने में सफल रही और उसे भागने से रोक दिया। अधिकारियों का कहना है कि मेघालय पुलिस की टीम ने अपना अभियान जारी रखा और सुनिश्चित किया कि संदिग्ध आरोपी गिरफ्तार ही रहे।

घटना के बाद हरियाणा पुलिस ने हमले में शामिल कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर में कम से कम 12 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि कई अन्य अभी अज्ञात हैं। आरोपों में सरकारी कार्य में बाधा डालना, पुलिसकर्मियों पर हमला करना और पुलिस हिरासत से आरोपी को छुड़ाने की कोशिश करना शामिल है।

इसके बाद पुलिस टीमों ने इलाके में छापेमारी शुरू कर दी है ताकि हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। जांचकर्ता घटनास्थल से मिले वीडियो फुटेज और फोरेंसिक सबूतों की भी जांच कर रहे हैं, जिनमें खाली कारतूस और खून के नमूने शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन सबूतों से घटना के पूरे क्रम को समझने और आरोपियों की भूमिका स्थापित करने में मदद मिलेगी।

इस बीच अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के केंद्र में मौजूद एटीएम लुटेरा कई राज्यों में सक्रिय एक बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो एटीएम काटकर पैसे चोरी करने के मामलों में शामिल है। ऐसे अपराधों से जुड़े मामले दिल्ली, मेघालय, असम और अरुणाचल प्रदेश में भी सामने आए हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये गिरोह अत्याधुनिक औजारों का इस्तेमाल करके एटीएम मशीनों को काटकर नकदी लूट लेते हैं।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पुलिस कार्रवाई में भीड़ के बढ़ते हस्तक्षेप को लेकर चिंता जताई है। ऐसे घटनाक्रम न केवल पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं, बल्कि कानून के शासन को भी कमजोर करते हैं, क्योंकि इससे अपराधियों को जवाबदेही से बचने का मौका मिल सकता है।

नूंह के स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पुलिस टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इलाके में आगे किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं।

एटीएम लुटेरे को छुड़ाने की यह नाटकीय कोशिश एक बार फिर यह दिखाती है कि अलग-अलग राज्यों के बीच आरोपियों को ले जाते समय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता इस हमले के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को न्याय के कटघरे में लाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है।

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