चार भारतीय वायुसेना के नियंत्रण वाले हवाई अड्डों पर इस साल अलग-अलग समय पर बंद और कुछ पाबंदियां लगेंगी, क्योंकि वहां रनवे की मरम्मत और सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। जोधपुर, श्रीनगर, पुणे और आदमपुर ये सभी ऐसे हवाई अड्डे हैं जहां सेना और आम यात्रियों की उड़ानें दोनों चलती हैं और ये अलग-अलग समय में प्रभावित होंगे।
सबसे पहले असर जोधपुर हवाई अड्डे पर पड़ेगा, जहां 29 मार्च से 29 अप्रैल तक लगभग एक महीने के लिए आम यात्रियों की उड़ानें बंद रहेंगी। इसके लिए पहले ही एयरमेन नोटिस जारी किया जा चुका है, और इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइनों ने 28 मार्च के बाद की बुकिंग बंद कर दी है।
तीन चरणों में होगा काम, धीरे-धीरे बदलेगा संचालन
जोधपुर हवाई अड्डे पर अभी रोज करीब 28 उड़ानें आती-जाती हैं और लगभग 4,000 से 4,300 यात्री रोज सफर करते हैं। रनवे की मरम्मत का काम मई तक पूरा होने की उम्मीद है और इसे तीन हिस्सों में किया जाएगा ताकि परेशानी कम हो।
पहले चरण में रनवे का करीब एक-तिहाई हिस्सा बंद रहेगा। इससे छोटे विमान जैसे एयरबस A320 चल सकेंगे, लेकिन बड़े विमान जैसे A321 नहीं उड़ पाएंगे। दूसरे चरण में पूरा रनवे बंद कर दिया जाएगा क्योंकि बीच वाले हिस्से पर काम होगा। इसके बाद आखिरी चरण में कुछ उड़ानें फिर से शुरू होंगी, जबकि बाकी हिस्से पर काम चलता रहेगा।
एयरलाइनों ने अपने टाइमटेबल में बदलाव कर लिया है। जिन यात्रियों की टिकट बुक है, उन्हें तारीख बदलने, पास के दूसरे हवाई अड्डे से उड़ान लेने या पूरा पैसा वापस लेने का विकल्प दिया जा रहा है।
मरम्मत क्यों जरूरी है?
यह काम इसलिए जरूरी है क्योंकि ये हवाई अड्डे सेना और आम लोगों दोनों के लिए इस्तेमाल होते हैं, यहां के रनवे को लड़ाकू विमानों की जरूरत के हिसाब से मजबूत और बेहतर रखना पड़ता है, इसलिए समय-समय पर मरम्मत जरूरी होती है।
जोधपुर और आदमपुर की अहमियत ज्यादा है क्योंकि ये पाकिस्तान सीमा के पास हैं, पंजाब का आदमपुर एयरबेस, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बड़ी भूमिका निभाई थी, वहां नवंबर के बाद रनवे का काम शुरू होगा। अभी तुरंत कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बाद में कई महीनों तक पाबंदियां लग सकती हैं और काम करीब आठ महीने तक चल सकता है।
श्रीनगर में लंबा असर, अवंतीपुरा बनेगा सहारा
श्रीनगर हवाई अड्डे पर भी इस साल बाद में लंबे समय तक मरम्मत का काम होगा, 1 अगस्त से 15 अक्टूबर तक करीब 11 हफ्तों तक हर वीकेंड उड़ानें बंद रहेंगी। इसके बाद 16 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पूरे 21 दिन का पूरा बंद रहेगा।
इस दौरान एयरलाइनों को पास के अवंतीपुरा एयरबेस से उड़ान चलाने का विकल्प दिया जा सकता है, जो श्रीनगर से करीब 25 किलोमीटर दूर है। पहले भी वहां से उड़ानें चलाई जा चुकी हैं।
पुणे हवाई अड्डे की तारीख अभी तय नहीं
पुणे हवाई अड्डे पर भी रनवे की मरम्मत होनी है, जिसके लिए करीब 8 दिन बंद रखने की योजना है। पहले यह काम अप्रैल में होना था, लेकिन अभी इसकी तारीख तय नहीं हुई है। इससे पहले अक्टूबर 2021 में यहां 14 दिन तक काम के लिए पूरी तरह बंद किया गया था।
पीक सीजन में बढ़ सकती है परेशानी
इन सब बंदियों की योजना पहले से बना ली गई थी, ताकि एयरलाइंस उस समय उड़ानें तय न करें, इसके लिए सरकार, वायुसेना, एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइनों के बीच मीटिंग होती है। इसके बाद सभी को जानकारी देने के लिए नोटिस जारी किया जाता है।
फिर भी, ये बंदी गर्मियों के व्यस्त समय में आ रही है, जब छुट्टियों की वजह से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं। इससे एयरलाइनों को अपने शेड्यूल बदलने पड़ेंगे और नुकसान भी हो सकता है। यात्रियों को कम टिकट मिल सकती हैं, रूट बदलना पड़ सकता है या आखिरी समय में बदलाव करना पड़ सकता है।
जैसे-जैसे इन अहम हवाई अड्डों पर काम आगे बढ़ेगा, इसका असर सिर्फ इन चार जगहों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी एयरलाइन व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा पर भी पड़ेगा।
