ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य से LPG और तेल टैंकरों को दी अनुमति, भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत

ईरान ने भारतीय झंडे वाले दो एलपीजी (LPG) टैंकरों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है और वैश्विक ऊर्जा मार्गों में रुकावट की आशंका बढ़ गई है।

भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

ईरान ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, दरअसल ईरान ने भारतीय झंडे वाले दो एलपीजी (LPG) टैंकरों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है और वैश्विक ऊर्जा मार्गों में रुकावट की आशंका बढ़ गई है। भारत, जो इस जलमार्ग के जरिए ऊर्जा आयात पर काफी निर्भर है, उसके लिए इन जहाजों का सुरक्षित गुजरना एक बड़ी रणनीतिक राहत माना जा रहा है।

इन एलपीजी टैंकरों की आवाजाही उसी समय हुई है जब सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर आ रहा एक टैंकर भी भारत पहुंचने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार यह टैंकर 1 मार्च के आसपास Strait of Hormuz से गुजरा था और शनिवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है।

जहाजों की ट्रैकिंग करने वाले स्रोतों के मुताबिक ये आपूर्ति क्षेत्रीय संघर्ष के कारण पैदा हुई बाजार की अस्थिरता के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने में मदद कर सकती है।

कूटनीतिक बातचीत और भरोसा

भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने इन जहाजों के सुरक्षित गुजरने की पुष्टि करते हुए कहा,
“हाँ, क्योंकि भारत हमारा मित्र है। आप इसे दो-तीन घंटे में देखेंगे। हमें विश्वास है कि ईरान और भारत के इस क्षेत्र में साझा हित हैं।”

उनकी यह टिप्पणी हाल ही में हुई कूटनीतिक बातचीत के बाद आई। इसमें भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा पर चर्चा हुई थी।

इसके अलावा भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने भी ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi से बातचीत कर क्षेत्रीय स्थिरता और भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति को बिना बाधा जारी रखने के मुद्दे पर चर्चा की।

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि Dr. Abdul Majid Hakeem Ilahi ने भी कहा कि भारतीय जहाजों को लेकर लगातार बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि इससे भारत को तेल, गैस और अन्य संसाधनों तक पहुंच में फायदा हो सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि बड़े संघर्ष का समाधान वैश्विक नेतृत्व के सहयोग से ही संभव है। उन्होंने कहा,
“हमने यह युद्ध शुरू नहीं किया। हम इस युद्ध के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। हम अपनी गरिमा बेचने के लिए तैयार नहीं हैं।”

होरमुज़ जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का व्यापार होता है। अगर इस रास्ते में कोई बाधा आती है, तो इसका असर भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

अपने जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाकर भारत ने फिलहाल ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी अनिश्चितता को टाल दिया है। इससे यह भी साफ होता है कि भारत अपनी कूटनीतिक संबंधों का उपयोग कर जरूरी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने में सक्षम है।

हालांकि क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है, लेकिन होरमुज़ जलडमरूमध्य से एलपीजी और कच्चे तेल के टैंकरों का सुरक्षित गुजरना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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