नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

नीट-यूजी पेपर लीक मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है, 22 लाख छात्रों के भविष्य और देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की साख पर उठे सवालों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

नीट (NEET-UG) : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान

नीट-यूजी पेपर लीक मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। 22 लाख छात्रों के भविष्य और देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की साख पर उठे सवालों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने न केवल पेपर लीक पर सरकार का पक्ष रखा, बल्कि भविष्य में परीक्षाओं को फुलप्रूफ बनाने के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं भी कीं।

नीट परीक्षा अब होगी ऑनलाइन: डिजिटल बदलाव की शुरुआत

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि अगले साल से नीट-यूजी की परीक्षा ऑनलाइन (Computer Based Test) आयोजित की जाएगी। अभी तक यह परीक्षा पेन-पेपर मोड (OMR) पर होती थी, जिसमें पेपर लीक होने की संभावनाएं अधिक रहती थीं। ऑनलाइन मोड में एन्क्रिप्शन और सुरक्षित सर्वर के जरिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे।

21 जून को होगी दोबारा परीक्षा (NEET Re-exam)

पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद प्रभावित छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी थी। अब नई तारीख का ऐलान कर दिया गया है। NEET (UG) 2026 की पुनः परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।

सवाल: क्या NTA के MECHANISM में सुधार की गुंजाइश है ?

जवाब- शिक्षा मंत्री ने माना कि NTA के सिस्टम में सुधार होगा. हम ये मानने हैं कि NTA के मैकेनिज्म में सुधार की जरूरत है क्योंकि 2024 में भी परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी.NTA में सुधार को जरूरत है. साइबर चैलेंज बढ रहा है 120 टेलीग्राम चैनल थे यह नई चुनौती है. हमें पता है कि कौन से जिले कौन से दलाल घूम रहे हैं.दूसरे सवाल पर धर्मेंद्र प्रधान ने जवाब दिया कि कोई भी होगा जो इसमें संलिप्त पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

NTA के ढांचे में सुधार और ‘राधाकृष्णन कमेटी’

धर्मेंद्र प्रधान ने स्वीकार किया कि एनटीए (NTA) के मैकेनिज्म में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साइबर चुनौतियां और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए फैलते ‘गेस पेपर’ एक नई समस्या हैं। इसके समाधान के लिए सरकार राधाकृष्णन कमेटी के सुझावों पर काम कर रही है। भविष्य में एनटीए को जनरल इलेक्शन जैसी पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के साथ संचालित किया जाएगा, जिसमें एआई (AI) टूल्स का भी उपयोग होगा।

पेपर लीक के ‘माफिया’ पर प्रहार और CBI जांच

शिक्षा मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि शिक्षा माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि किसी माफिया की वजह से प्रतिभाशाली छात्र का हक छीना जाए।” फिलहाल मामले की जांच CBI कर रही है। पांच मुख्य आरोपियों से दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ जारी है और महाराष्ट्र से गिरफ्तार आरोपियों को भी ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है।

छात्रों की परेशानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जवाब

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब सुरक्षा जांच के नाम पर छात्रों को होने वाली असुविधा (जैसे चेन, अंगूठी उतरवाना) पर सवाल पूछा गया, तो मंत्री ने आश्वासन दिया कि वे इस पर काम करेंगे। सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था बनाना है जहां सुरक्षा भी कड़ी हो और छात्रों को गरिमापूर्ण वातावरण में परीक्षा देने का मौका मिले।

एक पारदर्शी भविष्य की उम्मीद

नीट-यूजी मामले में सरकार की त्वरित कार्रवाई और भविष्य के लिए ‘ऑनलाइन मोड’ का फैसला एक स्वागत योग्य कदम है। 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा लाखों छात्रों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। शिक्षा मंत्रालय का मुख्य फोकस अब एनटीए को मजबूत करना और आगामी परीक्षाओं में शून्य-त्रुटि (Zero-error) सुनिश्चित करना है।

Exit mobile version