पार्क स्ट्रीट में बुलडोज़र कार्रवाई पर बवाल, प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव

पार्क स्ट्रीट के तिलजला इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए गए बुलडोज़र अभियान ने रविवार को बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। पार्क सर्कस के सात-पॉइंट क्रॉसिंग पर भारी संख्या में लोगों ने कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया

कोलकाता में तनावपूर्ण हालात

कोलकाता में तनावपूर्ण हालात

पार्क स्ट्रीट के तिलजला इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए गए बुलडोज़र अभियान ने रविवार को बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। पार्क सर्कस के सात-पॉइंट क्रॉसिंग पर भारी संख्या में लोगों ने कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान पुलिस और CAPF जवानों पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं। इस हिंसा में 10 जवान घायल हो गए, जिनमें तीन पुलिसकर्मियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इलाके में तनाव बढ़ने के बाद देर रात तक फ्लैग मार्च और छापेमारी अभियान जारी रहा। पुलिस ने अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया है, पार्क स्ट्रीट में जबकि 25 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा फैलाने और सरकारी काम में बाधा डालने वालों की पहचान की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर तिलजला में चल रही बुलडोज़र कार्रवाई के विरोध में एक पोस्ट वायरल हुई थी। इसी पोस्ट के बाद दोपहर करीब 1:30 बजे बड़ी संख्या में लोग पार्क सर्कस के सात-पॉइंट क्रॉसिंग पर जमा होने लगे। देखते ही देखते भीड़ ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और कुछ देर बाद हालात बेकाबू हो गए। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ के कुछ लोगों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।

दरअसल, तिलजला इलाके में दो इमारतों को आंशिक रूप से गिराने की कार्रवाई की गई थी। प्रशासन का दावा है कि ये इमारतें अवैध रूप से बनाई गई थीं और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। इनमें से एक इमारत में पिछले मंगलवार को भीषण आग लग गई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। आग की घटना के बाद प्रशासन पर अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया था।

इसी के बाद नगर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में बुलडोज़र अभियान चलाया गया। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई बिना पर्याप्त नोटिस के की गई। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

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