पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ सीएनजी की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। लखनऊ में सीएनजी के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए हैं, जिसके बाद अब सीएनजी 98 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है।

पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ना शुरू हो गया है। पेट्रोल के दाम में 2 रुपये 84 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 3 रुपये 1 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। नई दरें लागू होने के बाद अब लखनऊ में पेट्रोल 97.55 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों से परिवहन, घरेलू खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

सीएनजी के दाम भी बढ़े

पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ सीएनजी की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। लखनऊ में सीएनजी के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए हैं, जिसके बाद अब सीएनजी 98 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है। हालांकि, ग्रीन गैस लिमिटेड के एजीएम प्रवीण सिंह ने जानकारी दी कि लखनऊ, Ayodhya, Sultanpur, Unnao और Agra में फिलहाल पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। उन्होंने बताया कि पिछली बार जब सीएनजी के दाम संशोधित किए गए थे, तभी इसमें 2 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई थी और उसके बाद से वही कीमत जारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी केवल शुरुआत हो सकती है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और टैक्स ढांचे के आधार पर पेट्रोल-डीजल के दामों में और बढ़ोतरी संभव है। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री की अपील के बाद सरकारी स्तर पर बचत की पहल

देश में बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा पेट्रोल-डीजल की बचत की अपील का असर अब उत्तर प्रदेश सरकार में भी दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के काफिले में चलने वाली गाड़ियों की संख्या कम कर दी गई है, ताकि ईंधन की खपत घटाई जा सके।

इसी क्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री Suresh Khanna गुरुवार को साइकिल से विधानभवन पहुंचे। उनका यह कदम आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना रहा। वहीं मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ई-रिक्शा से अपने कार्यालय पहुंचे और ईंधन बचाने का संदेश दिया।

नेताओं और अधिकारियों ने अपनाए वैकल्पिक साधन

राज्य के आयुष मंत्री Dayashankar Mishra ने Varanasi में इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग शुरू किया है। वहीं गोरखपुर के महापौर Manglesh Srivastava ने अपने स्कॉर्ट वाहन का इस्तेमाल बंद कर दिया है। सांसद Ravi Kishan ने भी अपने काफिले को छोटा करने का फैसला लिया है।

Ayodhya में महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयंत कुमार ने अपने सुरक्षा वाहनों को नगर निगम को वापस कर दिया। वहीं Barabanki के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पैदल पहुंचे। इन कदमों को ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।

आम जनता पर असर

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ रहा है। परिवहन किराया बढ़ने की संभावना है, जिससे सब्जियों, राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। निजी वाहन चलाने वालों के लिए खर्च बढ़ेगा, जबकि सीएनजी महंगी होने से ऑटो और टैक्सी चालकों की परेशानी भी बढ़ सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो महंगाई और अधिक बढ़ सकती है। ऐसे में सरकार और आम जनता दोनों स्तरों पर ईंधन बचत के प्रयासों को और मजबूत करने की जरूरत होगी।

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