उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ ‘डायोसिस ऑफ लखनऊ’ के बिशप मोरिस एडगर दान, उनके बेटे एलन दान और संस्था के सचिव राकेश चत्री के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप), छेड़खानी और गंभीर मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से ही शहर के प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
पूर्व स्कूल प्रिंसिपल की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में FIR दर्ज
यह पूरी कार्रवाई एक प्रतिष्ठित स्कूल की पूर्व महिला प्रिंसिपल द्वारा दी गई लिखित तहरीर (शिकायत) के आधार पर की गई है। प्रयागराज की कर्नलगंज थाना पुलिस ने बिशप, उनके बेटे और सचिव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत विवेचना (जांच) शुरू कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
तलाकशुदा होने का फायदा उठाकर एक साल से शोषण का आरोप
दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) के मुताबिक, पीड़ित पूर्व प्रिंसिपल ने आरोप लगाया है कि बिशप मोरिस एडगर दान, उनका बेटा एलन दान और सचिव राकेश चत्री पिछले करीब एक साल से उनका लगातार उत्पीड़न कर रहे थे। महिला का आरोप है कि उसके तलाकशुदा होने के कारण इन तीनों प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों ने उसका नाजायज फायदा उठाने की कोशिश की। वे अक्सर महिला को अपने-अपने कार्यालय (ऑफिस) में बुलाते थे, वहां उसके साथ छेड़खानी करते थे और गलत नीयत से छूते थे।
नौकरी से निकालने की धमकी और उच्चाधिकारियों को संतुष्ट करने का दबाव
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि जब भी उसने इन हरकतों का विरोध किया, तो उसे नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी दी गई। आरोपियों का आतंक इस कदर था कि वे महिला पर यह दबाव भी बनाते थे कि यदि उसने संस्था के उच्चाधिकारियों को “शारीरिक रूप से संतुष्ट” नहीं किया, तो उसे तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया जाएगा। नौकरी जाने और समाज में बदनामी के डर से महिला लंबे समय तक घुटती रही और शुरुआत में उसने यह बात किसी से साझा नहीं की। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी महिला के पूर्व पति को भी थी।
घर बुलाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाने और जान से मारने की धमकी
मामले में प्रताड़ना का स्तर तब और बढ़ गया जब बिशप मोरिस एडगर दान ने पीड़िता को फोन करके सचिव राकेश चत्री के घर जाने का हुक्म दिया। जब महिला ने वहां जाने से साफ इनकार कर दिया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता का संगीन आरोप है कि इसके बाद बिशप, उनके बेटे और सचिव, तीनों ने मिलकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए (सामूहिक दुष्कर्म किया)। लगातार हो रहे इस भयावह शारीरिक और मानसिक शोषण से तंग आकर आखिरकार महिला ने हिम्मत जुटाई और कर्नलगंज थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोला।
पुलिस कार्रवाई और साक्ष्यों के आधार पर आगे कदम
इस मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए स्थानीय पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म और धमकी देने समेत विभिन्न धाराओं में गंभीर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम मामले के तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को एकत्रित कर रही है। पुलिस का कहना है कि कानून के मुताबिक निष्पक्षता से जांच की जा रही है और प्राप्त सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ जल्द ही कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
