देशभर में भीषण गर्मी के साथ अब जलसंकट भी गंभीर रूप लेता जा रहा है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तापमान लगातार बढ़ने से नदियां, तालाब, कुएं और हैंडपंप सूखने लगे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्थिति और खराब हो गई है।
कई गांवों में लोगों को रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। कहीं टैंकरों के सहारे पानी की सप्लाई हो रही है तो कहीं लोग घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। महिलाओं और बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है, क्योंकि पानी जुटाने की जिम्मेदारी अधिकतर उन्हीं पर होती है।
महाराष्ट्र और झारखंड के कई इलाकों में जलाशयों का जलस्तर तेजी से नीचे चला गया है। वहीं उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप जवाब देने लगे हैं। पानी की कमी के कारण लोगों के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। एक तरफ तेज गर्मी से राहत पाने की चिंता है तो दूसरी ओर पीने और दैनिक जरूरतों के लिए पानी जुटाना मुश्किल होता जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी, कम बारिश और भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण यह संकट गहराता जा रहा है। यदि समय रहते जल संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सरकारें राहत कार्यों और टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में यह व्यवस्था पर्याप्त साबित नहीं हो रही। ऐसे में लोगों की उम्मीद अब जल्द बारिश होने पर टिकी हुई है।
