मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: कांगपोकपी-चुराचांदपुर में 30 बंकर ध्वस्त, भारी मात्रा में हथियार बरामद

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हिंसा प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन और क्षेत्र में नियंत्रण अभियान चलाया। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए, कई बंकर और अस्थायी ठिकाने नष्ट किए गए तथा कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई

मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हिंसा प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन और क्षेत्र में नियंत्रण अभियान चलाया। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए, कई बंकर और अस्थायी ठिकाने नष्ट किए गए तथा कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

पुलिस के अनुसार, यह अभियान 17 जून को चलाया गया। कार्रवाई मुख्य रूप से कांगपोकपी जिले के लीलोन वैफेई, लीलोन खुनौ, एल मुनलुई और कोनसाखुल गांवों में की गई। इन इलाकों में पिछले कुछ महीनों से गोलीबारी और हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं।

भारी मात्रा में हथियार बरामद

अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने 11 सिंगल बैरल 12 बोर बंदूकें, 294 जिंदा कारतूस, दो पैकेट बारूद, 34 खाली कारतूस और छह बुलेटप्रूफ जैकेट बरामद किए।

इसके अलावा चार लोगों को हिरासत में लेकर उनकी पहचान और पूछताछ की जा रही है।

30 बंकर और ठिकाने किए गए ध्वस्त

सुरक्षा बलों ने इस अभियान में कुल 30 बंकर, चौकियां और अस्थायी कैंप नष्ट कर दिए। अधिकारियों का कहना है कि इनका इस्तेमाल सशस्त्र समूहों द्वारा मजबूत ठिकानों के रूप में किया जा रहा था।

लीलोन वैफेई गांव पहले भी चर्चा में रहा था। 13 मई को यहां से छह नागा युवकों का अपहरण हुआ था, जिनके शव 10 जून को बरामद किए गए थे। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया था। वहीं लीलोन मुनलुई और कोनसाखुल क्षेत्रों में भी हाल के महीनों में कई बार गोलीबारी की घटनाएं हुई थीं।

चुराचांदपुर और सैकुल में भी कार्रवाई

सुरक्षा बलों ने चुराचांदपुर और सैकुल क्षेत्रों में भी एक साथ अभियान चलाया। यहां एस नाबिल, लोइलामकोई, थिंगफाई और सी खोलन गांवों में अवैध चेक पोस्ट हटाए गए और कई बंकरों को ध्वस्त किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद पहाड़ी इलाकों में बने अवैध हथियारबंद ठिकानों को खत्म करना और कानून-व्यवस्था बहाल करना है।

कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है जरूरी सामान की आपूर्ति

राज्य में तनाव के बावजूद जरूरी सामान की आपूर्ति जारी है। पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर करीब 300 आवश्यक वस्तुओं से लदे वाहनों को सुरक्षा के साथ उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया।

राज्य के पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में कुल 116 नाके और चेक पोस्ट लगाए गए हैं, जहां वाहनों और लोगों की लगातार जांच की जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अभियान

मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (DGP) मुकेश सिंह खुद इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उनका मुख्य लक्ष्य लूटे गए हथियारों की बरामदगी और अवैध हथियारबंद ठिकानों को खत्म करना है।

पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए ऐसे अभियान जरूरी हैं। उन्होंने सभी समुदायों से सुरक्षा बलों का सहयोग करने की अपील की।

अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हालात

गौरतलब है कि मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से मणिपुर में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। इस हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।

हालांकि सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं और हथियार बरामद कर रहे हैं, लेकिन राज्य के कई इलाकों में अब भी तनाव और छिटपुट हिंसा की घटनाएं जारी हैं।

Exit mobile version