मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, लगातार 4,399 दिन तक पद पर रहने वाले सबसे लंबे समय के निर्वाचित प्रधानमंत्री बने नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिन तक प्रधानमंत्री पद पर रहकर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।

मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, लगातार 4,399 दिन तक पद पर रहने वाले सबसे लंबे समय के निर्वाचित प्रधानमंत्री बने नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिन तक प्रधानमंत्री पद पर रहकर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ वह भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए। यह संबोधन भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक में दिया गया

इसे व्यक्तिगत नहीं, जनता के विश्वास की जीत बताया

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि देश की जनता के विश्वास और राजनीतिक स्थिरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार को लगातार मिल रहा समर्थन देश के मतदाताओं की परिपक्व सोच को दर्शाता है। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भारत ने अस्थिर राजनीति के दौर से आगे बढ़कर विकास और नए संकल्पों का रास्ता अपनाया है।

कांग्रेस पर साधा निशाना, ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ पर उठाए सवाल

अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने “हिंदू ग्रोथ रेट” शब्द का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान देश की धीमी आर्थिक वृद्धि को इस नाम से जोड़ना गलत था, क्योंकि इससे हिंदू समाज को दोषी ठहराने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि इसे “कांग्रेस ग्रोथ रेट” कहा जाना चाहिए, क्योंकि उस समय की आर्थिक चुनौतियां नीतिगत कमजोरियों और निर्णय लेने में कमी का परिणाम थीं। उनके अनुसार, आज भारत उस दौर से निकलकर तेज आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ चुका है।

गरीबी कम होने और आर्थिक विकास का किया दावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक बड़ी सामाजिक-आर्थिक उपलब्धि है। उन्होंने इसका श्रेय जनकल्याण योजनाओं और बेहतर शासन व्यवस्था को दिया।

कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हासिल की, जबकि कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई। उन्होंने दावा किया कि भारत अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (GST) समेत कई आर्थिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि इन कदमों से मध्यम वर्ग को लाभ मिला और अर्थव्यवस्था अधिक मजबूत हुई।

अनुच्छेद 370 और 2047 के विजन का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047, जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, देश के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है और दुनिया अब भारत से नई उम्मीदें रखती है।

राज्यों से विकास के लिए सहयोग की अपील

उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति तभी तेज होगी जब सभी राज्य राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से ऊपर उठकर विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को अपनाएंगे। उन्होंने “सबका प्रयास की भावना को देश के विकास का सबसे बड़ा आधार बताया।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी दी बधाई

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री मोदी को लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने पर बधाई दी। प्रस्ताव में सरकार की विभिन्न जनकल्याण योजनाओं का उल्लेख किया गया, जिनमें गरीबों के लिए आवास, बिजली, स्वच्छ पेयजल, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT), 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन और 60 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी योजनाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के इस रिकॉर्ड के साथ उनका संबोधन सरकार की उपलब्धियों, आर्थिक विकास के दावों और पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर आलोचना का मिश्रण रहा।

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