नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच इतने बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की गई है। इन बसों का संचालन नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम मिलकर करेंगे। बसों को सेक्टर-90 स्थित आधुनिक बस डिपो से चलाया जाएगा, जहां फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं। ये

नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए शुक्रवार का दिन खास रहा। शहर में बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट और प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर 100 नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की। इनमें पहली बार 10 डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं।

यह पहली बार है जब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच इतने बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की गई है। इन बसों का संचालन नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम मिलकर करेंगे। बसों को सेक्टर-90 स्थित आधुनिक बस डिपो से चलाया जाएगा, जहां फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं। ये बसें सिर्फ 2 घंटे में पूरी तरह चार्ज हो जाएंगी।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किराया भी काफी कम रखा गया है। न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम 30 रुपये होगा। इससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। खास तौर पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट (गौर सिटी) के लोगों को पहली बार सीधे सरकारी बस सेवा का लाभ मिलेगा।

इन बसों का संचालन कई महत्वपूर्ण रूटों पर किया जाएगा, जिनमें बोटेनिकल गार्डन से परी चौक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), गौर सिटी चौक और सूरजपुर होते हुए कलेक्ट्रेट तक के मार्ग शामिल हैं। भविष्य में इन सेवाओं को गाजियाबाद और दिल्ली तक भी बढ़ाने की योजना है।

15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सेवाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में यह नई बस सेवा एयरपोर्ट तक आसान और सस्ती यात्रा उपलब्ध कराने में मदद करेगी।

नोएडा में प्रदूषण और ट्रैफिक लंबे समय से बड़ी समस्या रहे हैं। इलेक्ट्रिक बसों के शुरू होने से निजी वाहनों का इस्तेमाल कम होगा, ट्रैफिक जाम में राहत मिलेगी और शहर की हवा भी साफ रखने में मदद मिलेगी। पहले चरण में 110 बसें चलाई जा रही हैं, जबकि दिसंबर तक 100 और बसें जोड़ी जाएंगी। यदि लोगों का अच्छा सहयोग मिला तो भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाकर 500 तक करने का लक्ष्य है।

इस नई पहल से लाखों यात्रियों को सस्ता, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल सफर का विकल्प मिलेगा।

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