पंजाब के अमृतसर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा एजेंसियों ने हथियारों की तस्करी की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। संयुक्त अभियान में सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस ने 22 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से बड़ी मात्रा में विदेशी हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है, जिन्हें शुरुआती जांच में ड्रोन के जरिए सीमा पार से भेजा गया बताया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमृतसर के रूप नगर कॉलोनी निवासी रोहन खोसला के रूप में हुई है।
खुफिया सूचना के बाद चलाया गया ऑपरेशन
बीएसएफ की खुफिया शाखा को सूचना मिली थी कि रामदास इलाके में स्थित बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) शाहपुर के पास ड्रोन के जरिए हथियार गिराए गए हैं।
सूचना मिलते ही बीएसएफ और एसएसओसी (स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल) अमृतसर की टीमों ने संयुक्त अभियान शुरू किया और इलाके में कई जगह नाकाबंदी कर दी।
शाम के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके पर नजर रखे हुए थीं। रात करीब 9:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-354 के पास एक पोल्ट्री फार्म के नजदीक ह्यूंडई i20 कार को रोका गया। कार का नंबर PB02EJ2347 था।
कार से मिला हथियारों का बड़ा जखीरा
पूछताछ के दौरान चालक अपनी मौजूदगी का संतोषजनक कारण नहीं बता सका। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने कार की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान कार से तीन प्लास्टिक के बैग बरामद हुए, जिनमें बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद छिपाकर रखा गया था।
बरामद सामान में शामिल हैं:
- एक AK-47 असॉल्ट राइफल
- विदेशी निर्मित 25 पिस्तौल
- 368 जिंदा कारतूस
- 48 मैगजीन
- अमेरिका में निर्मित बुलेटप्रूफ जैकेट
बरामद पिस्तौलों में ग्लॉक (Glock), जिगाना (Zigana), टॉरस (Taurus), वाल्थर (Walther) और नोरिन्को स्टार मार्क (Norinco Star Mark) जैसी विदेशी कंपनियों के हथियार शामिल हैं।
ड्रोन से हथियार गिराए जाने के मिले सबूत
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह हथियार 16 और 17 जून की रात ड्रोन के जरिए भारत की सीमा में गिराए गए थे।
बरामद मैगजीन पर टकराने के निशान मिले हैं। इसके अलावा पैकेजिंग में इस्तेमाल किए गए थर्मोकोल के टुकड़े भी मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे संकेत मिलता है कि ड्रोन से गिराते समय हथियारों को नुकसान से बचाने के लिए विशेष पैकिंग की गई थी।
ऑस्ट्रेलिया से जुड़े नेटवर्क की जांच
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में आरोपी के तार ऑस्ट्रेलिया में बैठे एक व्यक्ति से जुड़े मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, यह व्यक्ति सोशल मीडिया के जरिए ड्रोन से गिराए गए हथियारों की लोकेशन भेजता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि रोहन खोसला का काम हथियारों को मौके से उठाकर पंजाब के अंदर दूसरे लोगों तक पहुंचाना था।
एसएसओसी अमृतसर के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (AIG) सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि बीएसएफ की खुफिया जानकारी के आधार पर समय रहते कार्रवाई की गई, जिससे बड़ी तस्करी की साजिश विफल हो गई।
मामला दर्ज, पूरे नेटवर्क की जांच जारी
इस मामले में एसएसओसी पुलिस स्टेशन अमृतसर में केस दर्ज किया गया है।
आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय वायुयान अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार भेजने वाले कौन थे, इन्हें किसके लिए मंगाया गया था और इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता है और इससे यह भी साफ होता है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर पूरे नेटवर्क को संचालित किया जा रहा है।
