अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद साधु-संत समाज की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के महंत आचार्य धर्मदास महाराज ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मंदिर के संचालन और चढ़ावे की व्यवस्था में योग्य लोगों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी।
एनडीटीवी से बातचीत में महंत धर्मदास ने कहा कि यदि मंदिर के संचालन का कार्य अयोग्य लोगों को सौंपा जाएगा तो ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। उनका कहना था कि चढ़ावे की गिनती जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए ऐसे लोगों को लगाया गया, जिनके पास उस कार्य का अनुभव नहीं था, जिसके कारण कथित तौर पर गड़बड़ी हुई।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर किसी से गलती हुई है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस बीच, रिपोर्टों के अनुसार, चंपत राय ने पुलिस पूछताछ में कथित रूप से कहा है कि चढ़ावे में हेराफेरी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि उन्हें गड़बड़ी की जानकारी मिल गई थी। मामले की जांच जारी है और अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
महंत धर्मदास ने कहा, “जिस किसी से भी गलती हुई है, उसका हिसाब भगवान राम और हनुमान जी करेंगे।” उन्होंने सभी देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि राम जन्मभूमि चढ़ावा विवाद को लेकर शांति बनाए रखें और जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखें। उनके अनुसार, सत्य सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।
