संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। उसकी सूझबूझ और ट्रेनिंग की बदौलत पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।

संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। उसकी सूझबूझ और ट्रेनिंग की बदौलत पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। इस सफलता पर संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मैरी को अपने हाथों से 10 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया।

मामला संभल के गुन्नौर थाना क्षेत्र का है। यहां छह साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद आरोपी उसे झाड़ियों में छोड़कर फरार हो गया था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन तीन दिन तक आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका। यह मामला पुलिस के लिए पूरी तरह ब्लाइंड केस बन गया था।

जांच के दौरान पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद लेने का फैसला किया। मौके पर पहुंची डॉग स्क्वॉड की प्रशिक्षित डॉग मैरी को घटनास्थल से मिला एक गमछा सूंघाया गया। गंध पकड़ते ही मैरी पुलिस टीम को कई रास्तों से होते हुए सीधे आरोपी के घर तक ले गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी घायल हो गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

इस पूरे मामले में डॉग मैरी की भूमिका सबसे अहम रही। जिस सुराग तक पुलिस तीन दिन में नहीं पहुंच सकी, वहां मैरी ने अपनी सूंघने की क्षमता और प्रशिक्षण के दम पर पुलिस को आरोपी के ठिकाने तक पहुंचा दिया।

मैरी की इस शानदार कार्यशैली को देखते हुए एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने उसे 10 हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि डॉग स्क्वॉड की मदद कई जटिल मामलों को सुलझाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होती है और मैरी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रशिक्षित पुलिस डॉग अपराधियों तक पहुंचने में कितने प्रभावी हो सकते हैं।

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