उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर की रहने वाली 24 वर्षीय बबीता पांडे उत्तरकाशी के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक मार्ग पर लापता हो गई हैं। पिछले तीन दिनों से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। युवती की तलाश के लिए पुलिस, वन विभाग, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां लगातार सर्च अभियान चला रही हैं।
जानकारी के अनुसार बबीता पांडे एमबीए की छात्रा हैं और एक निजी कंपनी के लिए घर से काम करती थीं। वह 29 मई को एक ट्रेकिंग एजेंसी के जरिए पांच अन्य लोगों के साथ रैथल गांव से दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए निकली थीं। बताया जा रहा है कि रात के समय वह अपने टेंट से बाहर निकली थीं, लेकिन उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया।
30 मई को युवती के लापता होने की सूचना पुलिस और वन विभाग को दी गई। इसके बाद से दयारा बुग्याल और आसपास के जंगलों में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस ने बबीता के साथ ट्रेक पर गए लोगों और गाइड से भी पूछताछ शुरू कर दी है।
उत्तरकाशी के एसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच सीओ उत्तरकाशी के नेतृत्व में की जा रही है और हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।
इस बीच जिला पर्यटन विभाग ने भी एक बड़ा दावा किया है। जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी के अनुसार ट्रेकिंग पर जाने वाले सभी लोगों का पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है, लेकिन बबीता पांडे के नाम से कोई ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है। हालांकि वन विभाग को उनके नाम से अनुमति पत्र जमा किए जाने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।
दयारा बुग्याल उत्तरकाशी का एक प्रसिद्ध पर्यटन और ट्रेकिंग स्थल है। यह समुद्र तल से करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
