पीएम मोदी को मंगलवार को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। जकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें रक्षा, समुद्री सुरक्षा, कृषि, खनिज और तकनीक समेत कई अहम मुद्दों पर समझौते हुए। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
सर्वोच्च सम्मान मिलने पर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर खुशी जताई और इसे देश के 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों का प्रतीक है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होगी।
रक्षा क्षेत्र में क्या हुए बड़े समझौते?
भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग सबसे अहम रहा। इंडोनेशिया ने भारत में बनी अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का फैसला किया है। इसके अलावा भारत, इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की अतिरिक्त बैटरियां उपलब्ध कराने में भी मदद करेगा। दोनों देशों ने रक्षा तकनीक, सैन्य प्रशिक्षण और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
समुद्री सुरक्षा और सबांग बंदरगाह पर क्या फैसला हुआ?
दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया। भारत और इंडोनेशिया मिलकर सबांग बंदरगाह के विकास पर काम करेंगे। यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। इससे समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
खनिज, कृषि और तकनीक में कैसे बढ़ेगा सहयोग?
भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और दुर्लभ पृथ्वी (रेयर अर्थ) खनिजों से जुड़े उद्योगों में निवेश करेगा। ये खनिज रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और नई तकनीकों के लिए बेहद जरूरी हैं। इसके साथ ही दोनों देशों ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और अनुभव साझा करने पर भी सहमति बनाई है।
ईवीएम तकनीक में भारत करेगा मदद
भारत, इंडोनेशिया की जरूरत के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में सहयोग करेगा। इससे दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी और चुनावी तकनीक के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ेगा।
भारत-इंडोनेशिया रिश्तों के लिए क्यों अहम है यह यात्रा?
पीएम मोदी की यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं है। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, खनिज, कृषि और तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में हुए समझौते दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देंगे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते हालात के बीच भारत और इंडोनेशिया का बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
