किस्सा हाल ही में AAP छोड़ भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा से जुड़ा है।और सूत्रों की मानें तो पूरा मामला एक गुप्त लिफाफे से जुड़ा है, जिसे खोलने के बाद चड्ढा बुरी तरह भड़क गए और अपनी सुरक्षा में तैनात CRPF से ही खफा हो गए।
दरअसल मामला एक अति गोपनीय पत्र से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक़ पांच दिन पहले उनके नाम एक लिफाफा आया, जिस पर अति गोपनीय के साथ लिखा था कि ‘ओपन बाई एड्रेसी ओनली’। सांसद जी को लगा कि हो न हो किसी ने उनके लिए कुछ विशेष जानकारी भेजी हो, क्योंकि वो सडक से लेकर संसद तक कई महत्वपूर्ण विषय उठाते रहे हैं।
लिफाफे के भीतर लिफाफा
कुछ विशेष होगा सोच कर चड्ढा जी ने अपने सहयोगी को लिफाफा खोलने को कहा। जब उनके सहयोगी ने लिफाफा खोला तो उसके अंदर एक और लिफाफा निकला, इस लिफाफे में भी वही बात लिखी थी “अति गोपनीय…. ओपन बाई एड्रेसी ओनली…“फिर उनके सहयोगी ने उस दूसरे लिफाफे को भी खोला, तो उसके अंदर तीसरा लिफाफा निकल आया। इस तीसरे लिफाफे के ऊपर भी वही बात लिखी हुई थी। अब तक राघव चड्ढा की उत्सुकता ही नहीं झुंझलाहट भी बढ़ती जा रही थी, कि आख़िर इस लिफाफे के अंदर ऐसा क्या है? और ये इसे किसने भेजा है?
आख़िरकार उन्होंने सहयोगी को उस चौथे लिफाफे को खोलने का निर्देश दिया। उस चौथे लिफाफे के अंदर कागज का एक टुकड़ा निकला। सहयोगी ने पढ़ा तो उस पर जानकारियां नहीं, बल्कि अपशब्द लिखे हुए थे, साथ ही उनके एक दौरे की जानकारी का भी जिक्र था।
ये पढ़ते ही राघव चड्ढा आग बबूला हो गए। उन्होने सुरक्षा में तैनात CRPF के जवानों को फटकार लगाई कि वे लोग उनके टूर प्रोग्राम लीक कर रहे हैं। यही नहीं उनके सहयोगी के द्वारा CRPF अधिकारियों को इस विषय को गृह मंत्री अमित शाह के सामने उठाने की चेतावनी भी दी गई।
खैर ये लिफाफा किसने भेजा? क्यों भेजा?
ये तो पता नहीं…लेकिन राजनीति में इस तरह के खेल आम बात हैं।
