वेनेजुएला भूकंप: 7 दिन से मलबे में जिंदा फंसा सिक्योरिटी गार्ड, 7 देशों की टीम बचाने में जुटी

वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के सात दिन बाद भी एक 43 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड के जिंदा होने की खबर ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। राजधानी के पास स्थित कैटिया ला मार इलाके में सात मंजिला इमारत के मलबे के नीचे दबे हर्नान गिल

वेनेज़ुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद की तस्वीरें

वेनेज़ुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद की तस्वीरें

वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के सात दिन बाद भी एक 43 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड के जिंदा होने की खबर ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। राजधानी के पास स्थित कैटिया ला मार इलाके में सात मंजिला इमारत के मलबे के नीचे दबे हर्नान गिल को बचाने के लिए सात देशों की संयुक्त रेस्क्यू टीम लगातार अभियान चला रही है। उनकी पत्नी ने इस घटना को किसी चमत्कार से कम नहीं बताया है।

7 दिन बाद भी जिंदा मिला गार्ड

24 जून को आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद यह इमारत ढह गई थी, जिसमें हर्नान गिल मलबे के नीचे फंस गए थे। लगातार सात दिन बीत जाने के बावजूद वह जीवित हैं। बचावकर्मियों के अनुसार, बुधवार देर रात तक टीम हर्नान से करीब एक मीटर की दूरी तक पहुंच चुकी थी। हालांकि, उनके आसपास का मलबा बेहद अस्थिर है और पास की एक इमारत के गिरने का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में बचाव अभियान बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है।

इमारत को सहारा देकर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

रेस्क्यू टीम ने पिछले तीन दिनों में लकड़ी और लोहे के सहारों से क्षतिग्रस्त इमारत को मजबूती दी है, ताकि मलबा और न गिरे। साथ ही एक पाइप के जरिए हर्नान तक लगातार ताजी हवा पहुंचाई जा रही है और उन्हें पानी भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वह जीवित रह सकें।

सात देशों के विशेषज्ञ कर रहे हैं बचाव कार्य

हर्नान गिल को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चिली, वेनेजुएला, अमेरिका, पुर्तगाल, कोस्टा रिका, एल साल्वाडोर और मेक्सिको के विशेषज्ञ संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं। चिली की फायर सर्विस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें हर्नान मलबे के नीचे छोटी-सी जगह में जीवित दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उनके चेहरे पर मास्क लगा है और उनकी दाईं आंख लाल नजर आ रही है।

पत्नी ने कहा- दुनिया में पहली बार ऐसा देखा

हर्नान की पत्नी गुस्बिमार गोंजालेज ने भावुक होकर कहा, “यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। मैंने पहली बार देखा है कि एक इंसान की जान बचाने के लिए इतने देश एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”

रेस्क्यू टीम को उम्मीद है कि अगर हालात अनुकूल रहे तो जल्द ही हर्नान गिल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। यह अभियान पूरी दुनिया के लिए उम्मीद, साहस और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मिसाल बन गया है।

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