चमोली में THDC की निर्माणाधीन टनल में हादसा, 7 मजदूरों की मौत; 3 की तलाश जारी

चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की TRT टनल में 13 अगस्त की शाम बड़ा हादसा हो गया। शाम करीब 7 बजे टनल के करीब 1600 मीटर हिस्से में अचानक भूस्खलन हुआ। इसके बाद टनल में बड़ी मात्रा में पानी भर गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।

चमोली के THDC टनल हादसे और रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी तस्वीर

चमोली के THDC टनल हादसे और रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी तस्वीर

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की TRT टनल में 13 अगस्त की शाम बड़ा हादसा हो गया। शाम करीब 7 बजे टनल के करीब 1600 मीटर हिस्से में अचानक भूस्खलन हुआ। इसके बाद टनल में बड़ी मात्रा में पानी भर गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।

इस हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 18 मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ की हालत गंभीर है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, 3 मजदूरों की तलाश अभी भी जारी है। बचाव दल लगातार टनल के अंदर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने लिया रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और टनल में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, हादसे के समय टनल में कुल 22 लोग काम कर रहे थे। इनमें से तीन को छोड़कर बाकी लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है।

सरकार ने कहा है कि टनल में फंसे प्रत्येक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। कई एजेंसियां मिलकर युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं।

टनल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब परियोजना का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। परियोजना की क्षमता 444 मेगावाट है। निर्माणाधीन टनल में लगातार दूसरी दुर्घटना होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि टनल में कुछ खामियों के बारे में निर्माण कंपनी को पहले ही जानकारी दी गई थी। आरोप है कि इन कमियों को गंभीरता से नहीं लिया गया। हादसे के बाद मजदूरों की सही संख्या और उनकी सूची को लेकर भी सवाल उठे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा है कि हादसे में अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसकी जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।

फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान टनल में फंसे तीन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

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