झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर सोमवार को रांची में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया। प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा मार्च के लिए सड़कों पर उतरे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की, लेकिन कई स्थानों पर छात्र बैरिकेड लांघकर आगे बढ़ गए। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं और उनकी सबसे बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना है।
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्रनाथ महतो भी प्रदर्शन में शामिल हुए। वह एंबुलेंस से धुर्वा गोलचक्कर पहुंचे और इसके बाद एंबुलेंस से विधानसभा की ओर रवाना हुए। महतो अब अन्य प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ विधानसभा मार्च में शामिल होंगे।
इस बीच JLKM विधायक जयराम कुमार महतो ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे सरकार की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग मान लेनी चाहिए थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने छात्रों की कई मांगें स्वीकार की हैं, जिसके लिए वह सरकार को धन्यवाद देते हैं। लेकिन उनके मुताबिक छात्रों की सबसे अहम मांग JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना है।
जयराम महतो ने परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि अभय तिवारी ने कथित तौर पर खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने करीब 400 अभ्यर्थियों का चयन करवाया था। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं और सरकार को परीक्षा रद्द करने की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
वहीं, झारखंड में विपक्ष के नेता और BJP प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्र अपना विरोध जारी रखे हुए हैं, लेकिन सरकार लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। मरांडी ने JPSC और JSSC-CGL समेत संबंधित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच CBI से कराने की मांग की।
इसी मुद्दे को लेकर झारखंड BJP के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में बाबूलाल मरांडी और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू भी शामिल हैं। BJP कार्यकर्ता इस दौरान हेमंत सरकार के खिलाफ लगातार नारेबाजी करते रहे।
इधर, परीक्षा विवाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में ED ने ECIR दर्ज की है। इससे मामले की जांच के आगे बढ़ने की संभावना है। अब छात्रों के आंदोलन, BJP के प्रदर्शन और ED की जांच के बीच झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद और गहराता नजर आ रहा है।
