राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक ‘मंगल मिलन’ मंगलवार को संसद परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में शुरू हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संसद के मानसून सत्र के बचे हुए 10 दिनों के लिए एनडीए की रणनीति तय करना है। सरकार आगामी विधायी कार्यों और विपक्ष के मुद्दों का किस तरह जवाब देगी, इस पर भी चर्चा की जा रही है।
सभी एनडीए सांसदों को बुलाया गया
संसद में भाजपा कार्यालय की ओर से लोकसभा और राज्यसभा के सभी एनडीए सांसदों को बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया गया था। जारी नोट में सभी सांसदों से तय समय पर बैठक स्थल पर पहुंचने का अनुरोध किया गया।
कई केंद्रीय मंत्री और सहयोगी दलों के सांसद मौजूद
बैठक में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सांसद सुनील तटकरे सहित एनडीए के कई सांसद मौजूद रहे।
क्या है ‘मंगल मिलन’?
एनडीए संसदीय दल की बैठक हर संसद सत्र के दौरान परंपरागत रूप से मंगलवार को होती रही है। इस बार इन बैठकों को ‘मंगल मिलन’ नाम दिया गया है। गठबंधन का कहना है कि इस नए नाम के जरिए संसदीय बैठकों को एक सांस्कृतिक और संगठनात्मक पहचान देने की कोशिश की गई है।
इस सत्र की पहली ‘मंगल मिलन‘ बैठक 21 जुलाई को आयोजित हुई थी। इसके बाद 28 जुलाई को हुई बैठक में पहली बार पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेताओं और अब एनसीपी (आई) से जुड़े सांसद भी शामिल हुए थे। इनमें काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष प्रमुख थीं।
