नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, 903 लोगों की मौत की पुष्टि; 4,247 लापता, अभी भी जांच जारी

नेपाल में बाढ़ के बाद कई इलाकों में सड़क, पुल और बिजली से जुड़ी परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण ने यह भी बताया कि नेपाल में कम से कम 933 जलविद्युत परियोजना कर्मचारियों के सुरंगों के अंदर फंसे होने की आशंका है।

नेपाल-चीन में बाढ़ से भारी तबाही

नेपाल-चीन में बाढ़ से भारी तबाही

नेपाल में आई भीषण बाढ़ से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण की ताजा जानकारी के मुताबिक, बाढ़ में अब तक 903 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,247 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अब तक 10 हजार से ज्यादा लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकाला जा चुका है। हादसे में 267 लोग घायल हुए हैं।

वहीं, पड़ोसी देश चीन ने तिब्बत में बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि की है। चीन के मुताबिक, 500 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाल में बाढ़ के बाद कई इलाकों में सड़क, पुल और बिजली से जुड़ी परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण ने यह भी बताया कि नेपाल में कम से कम 933 जलविद्युत परियोजना कर्मचारियों के सुरंगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। इन लोगों को सुरक्षित निकालना बचाव दल के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

त्रिशूली नदी में फिर आई बाढ़

नेपाल के मध्य हिस्से में रविवार सुबह त्रिशूली नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया। तेज बहाव के कारण गंडकी प्रांत के गोरखा जिले में एक सस्पेंशन ब्रिज यानी झूला पुल बह गया। यह पुल गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-8 के घ्यालचोक को पृथ्वी राजमार्ग के पास स्थित चरौंदी से जोड़ता था।

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, करीब तीन घंटे तक बाढ़ की स्थिति बनी रही और सुबह लगभग साढ़े 11 बजे पुल पानी के तेज बहाव में बह गया। पुल टूटने के बाद गंडकी ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 7 और 8 के लोगों का पृथ्वी राजमार्ग से संपर्क प्रभावित हो गया है।

दोबारा बाढ़ का खतरा

नेपाली अधिकारियों ने भोटेकोशी नदी में मलबा जमा होने से एक प्राकृतिक झील बनने की चेतावनी दी है। अगर यह प्राकृतिक अवरोध टूटता है तो अचानक पानी नीचे की ओर आने से दोबारा बड़ी बाढ़ आ सकती है। चीन ने भी तिब्बत में इसी तरह बनी प्राकृतिक झील को लेकर खतरे की चेतावनी दी है। आने वाले दिनों में अतिरिक्त पानी नदी तंत्र में पहुंचने से स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।

13 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी जुटे

नेपाल में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के 13 हजार से ज्यादा जवान अभियान में लगाए गए हैं। हेलीकॉप्टरों के जरिए फंसे लोगों को निकाला जा रहा है और प्रभावित इलाकों में भोजन, दवाइयां और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। निजी हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है। राहत सामग्री पहुंचाने के लिए दर्जनों चार्टर उड़ानें संचालित की गई हैं।

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