नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़, रसुवा में भारी तबाही; कई लोग लापता

नेपाल के स्वतंत्र विद्युत उत्पादक संघ के अनुसार, बाढ़ से 15 हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें 10 परियोजनाएं चालू थीं, जबकि पांच का निर्माण चल रहा था।

नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़

नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़

उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ आ गई। बाढ़ से तिब्बत सीमा के पास के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। घरों, गाड़ियों, पुलों और कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ में कई लोग लापता हैं। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक लापता लोगों की सही संख्या और किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

4 नेपाली जवान लापता

उत्तरी रसुवा में सीमा चौकी पर तैनात नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) के चार जवान बाढ़ के बाद लापता हो गए हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, रसुवा सीमा शुल्क कार्यालय के 14 कर्मचारी भी संपर्क में नहीं हैं।

नेपाल के स्वतंत्र विद्युत उत्पादक संघ के अनुसार, बाढ़ से 15 हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें 10 परियोजनाएं चालू थीं, जबकि पांच का निर्माण चल रहा था।

तिमुरे और स्याब्रुबेसी सबसे ज्यादा प्रभावित

अधिकारियों को स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 9 बजे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की जानकारी मिली। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से आने की आशंका है।

तिमुरे और स्याब्रुबेसी के सीमावर्ती इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। नेपाल सेना के अनुसार, इन क्षेत्रों में कई वाहन, सामान और अन्य संपत्तियां पानी में बह गईं। सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान भी बाढ़ की चपेट में आ गए। हाल ही में बनाया गया एक पुल भी बह गया।

रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने बताया कि गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बहने की खबरें मिली हैं। उन्होंने कहा कि जान-माल का बड़ा नुकसान होने की आशंका है, लेकिन फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।

कई जिलों के लिए अलर्ट

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से कहा गया है कि अगर स्थिति बिगड़ती है तो वे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

प्रशासन और बचाव दल प्रभावित इलाकों से जानकारी जुटा रहे हैं। इसके बाद ही बाढ़ से हुए कुल नुकसान और लापता लोगों की सही संख्या सामने आ सकेगी।

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