पड़ोसी देशों में घटते हिंदू: ‘बर्दाश्त’ वाले बयान से पाकिस्तान-बांग्लादेश में 70 साल में कितना बदला आंकड़ा? समझें पूरी कहानी

जरदारी के ‘बर्दाश्त’ वाले बयान से जनगणना तक: पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू आबादी के घटते प्रतिशत की पूरी पड़ताल

Hindu Population Pakistan Bangladesh Asif Ali Zardari

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के एक बयान ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जरदारी ने पाकिस्तान की 3-4% हिंदू आबादी के संदर्भ में कहा कि देश की मुस्लिम बहुसंख्यक आबादी उन्हें “tolerate” यानी बर्दाश्त करती है। इस टिप्पणी पर मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे बेहद असंवेदनशील करार दिया।

लेकिन इस विवाद से बड़ा सवाल यह है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू आबादी का प्रतिशत पिछले 70-75 वर्षों में कितना बदला है?सरकारी जनगणना और आर्थिक शोध के आंकड़ों को देखें तो तस्वीर काफी महत्वपूर्ण है।

EAC-PM की रिपोर्ट क्या कहती है?

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के शोध पत्र Share of Religious Minorities: A Cross-Country Analysis (1950–2015)” में 167 देशों के धार्मिक जनसांख्यिकी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 1950 से 2015 के बीच भारत में हिंदू आबादी की हिस्सेदारी 84.68% से घटकर 78.06% हुई। वहीं मुस्लिम आबादी की हिस्सेदारी 9.84% से बढ़कर 14.09% हो गई। यानी भारत में बहुसंख्यक हिंदू आबादी का अनुपात कम हुआ, जबकि मुस्लिम आबादी की हिस्सेदारी बढ़ी।

इसी रिपोर्ट में आकंड़े दिए गए थे कैसे भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में तस्वीर इसके उलट दिखाई देती है। वहां मुस्लिम बहुसंख्यक धार्मिक आबादी की हिस्सेदारी बढ़ी और कई धार्मिक अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं, की जनसंख्या हिस्सेदारी में बड़ी गिरावट दर्ज हुई।

पाकिस्तान में हिंदू आबादी कितनी रह गई?

पाकिस्तान के गठन के बाद पश्चिमी पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी पहले ही काफी कम हो गई थी। विभाजन के दौरान हिंसा और बड़े पैमाने पर पलायन ने इसका जनसांख्यिकीय स्वरूप बदल दिया था। मगर आजादी के बाद भी लगातार अल्पसंख्यकों खास तौर पर हिंदुओं की आबादी कम होती गई।

पाकिस्तान की 2023 की जनगणना के अनुसार देश की कुल आबादी करीब 24.14 करोड़ है। हिंदू आबादी की हिस्सेदारी लगभग 2.17% बताई गई है, जिसमें सामान्य हिंदू और अनुसूचित जाति की अलग-अलग श्रेणियां शामिल हैं। पाकिस्तान में हिंदू आबादी के प्रतिशत का सफर मोटे तौर पर इस तरह देखा जा सकता है:

पाकिस्तान में हिंदू कहां रहते हैं?

पाकिस्तान की हिंदू आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा करीब 80 % से ज्याद सिंध में केंद्रित है। थारपारकर, उमरकोट और मीरपुरखास जैसे इलाके हिंदू आबादी के प्रमुख केंद्र हैं।इसके मुकाबले पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के कई हिस्सों में हिंदू आबादी बहुत छोटी संख्या में रह गई है। यानी पाकिस्तान में हिंदू समुदाय सिर्फ संख्या में छोटा नहीं है, बल्कि उसका भौगोलिक वितरण भी बेहद असमान है।

बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी में सबसे ज्यादा गिरावट

अगर दक्षिण एशिया में हिंदू आबादी के प्रतिशत में गिरावट की बात करें तो बांग्लादेश का आंकड़ा सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है। बांग्लादेश सांख्यिकी ब्यूरो (BBS) की 2022 की जनगणना के अनुसार, देश की कुल 16.51 करोड़ आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी घटकर 7.95% (करीब 1.31 करोड़) रह गई है। 1947 के विभाजन के समय पूर्वी पाकिस्तान में हिंदू आबादी की हिस्सेदारी काफी बड़ी थी।

इसका मतलब है कि सात दशकों में हिंदू आबादी का प्रतिशत लगभग एक-तिहाई से भी कम होकर 8% के आसपास पहुंच गया।  विभाजन के बाद पलायन, 1971 का युद्ध, सांप्रदायिक हिंसा, संपत्ति संबंधी विवाद, मुसलमानों और हिंदुओं की जन्मदर में अंतर और लगातार दमन ने लोगों को भारत की ओर पलायन करने के लिए मजबूर किया।

दोनो देशों में हिंदू आबादी घटने के पीछे कारण क्या ?

यहां सबसे जरूरी सवाल यही है कि आखिर आबादी का प्रतिशत लगातार क्यों घटता चला गया ? दरअसल 1947 के विभाजन ने पूरे भारतीय उपमहाद्वीप का धार्मिक भूगोल बदल दिया। पश्चिमी पाकिस्तान में हिंदू और सिख आबादी का बड़ा हिस्सा भारत चला आया। पूर्वी पाकिस्तान में भी हिंदुओं का भारत की ओर पलायन जारी रहा।

बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। हिंदू समुदाय भी इसका प्रमुख शिकार बना और बड़ी संख्या में लोग भारत पहुंचे। वहीं पाकिस्तान में ईशनिंदा कानूनों के दुरुपयोग के आरोप, जबरन धर्मांतरण और जबरन विवाह जैसे मुद्दे लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। बांग्लादेश में भी अलग-अलग राजनीतिक और हिंसक घटनाओं के दौरान हिंदू मंदिरों, घरों और कारोबारों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं।

 

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