जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग इलाके में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया है। सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान के दौरान उसका शव और युद्ध जैसी सामग्री बरामद की। यह कार्रवाई ऑपरेशन कोराग के तहत की गई।
खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
सुरक्षाबलों को यूसमर्ग के कोराग इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की विशेष सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना की चिनार कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।
अभियान के दौरान जवानों को संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी। सुरक्षाबलों ने जब आतंकियों को चुनौती दी तो उनकी ओर से गोलीबारी शुरू कर दी गई। इसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी हुई, जिसमें एक आतंकी मारा गया। बाद में तलाशी के दौरान उसकी पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के रूप में हुई।
चिनार कोर ने बताया कि बुधवार सुबह पालमेदन इलाके में तलाशी के दौरान मूसा का शव बरामद किया गया। उसके पास से युद्ध जैसी सामग्री भी मिली। इलाके में सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान जारी रहा।
पहलगाम आतंकी हमले में भी आया था नाम
हाशिम मूसा का नाम 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन इलाके में हुए आतंकी हमले की जांच में भी सामने आया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हमले के बाद हाशिम मूसा समेत तीन आतंकियों की पहचान जारी की थी और उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए प्रत्येक पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में भी पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसके कथित सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पहलगाम हमले के मामले में NIA ने सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
कई हमलों में शामिल होने का आरोप
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, मूसा पर जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में हुए कई आतंकी हमलों से जुड़े होने का आरोप था। उसके नेटवर्क का संबंध पीर पंजाल क्षेत्र और पुंछ-राजौरी इलाके में हुई आतंकी घटनाओं से भी बताया गया है। हालांकि, इन मामलों में उसकी भूमिका के बारे में कई जानकारियां सुरक्षा अधिकारियों के दावों और जांच रिपोर्टों पर आधारित हैं।
मूसा इससे पहले भी सुरक्षाबलों के अभियान से बच निकलने में कामयाब रहा था। सितंबर की शुरुआत में यूसमर्ग के जंगलों में हुई एक कार्रवाई में उसका सहयोगी यासिर मारा गया था, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने मूसा की तलाश और तेज कर दी थी।
ऑपरेशन के बाद भी तलाशी जारी
घने जंगल और पहाड़ी इलाकों के कारण यूसमर्ग और पीर पंजाल क्षेत्र में आतंकियों की तलाश सुरक्षाबलों के लिए चुनौतीपूर्ण रहती है। मूसा के मारे जाने के बाद भी सुरक्षाबलों ने आसपास के इलाकों में तलाशी जारी रखी, ताकि किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी या हथियारों से जुड़ी सामग्री का पता लगाया जा सके।
मूसा के शव और बरामद सामग्री की जांच से सुरक्षा एजेंसियों को उसके नेटवर्क, संपर्कों और आवाजाही से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी मिलने की उम्मीद है।
