दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां लड़कों के छात्रावास के रूप में इस्तेमाल की जा रही करीब 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई। हादसा इतना तेज था कि कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत मलबे में बदल गई। इस हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
हादसे के तुरंत बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और बचाव दल को सूचना दी। इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। बचाव दल मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए अभियान सावधानी से चलाया जा रहा है।
हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और बचावकर्मी पहुंच गए। मलबे को हटाने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है। बचावकर्मी लगातार यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इमारत के गिरने के समय उसके अंदर कितने लोग मौजूद थे। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि इमारत अचानक गिर जाती है। कुछ ही पलों में पूरी सड़क धूल के गुबार से भर जाती है। इमारत गिरने की आवाज और धूल का गुबार देखकर आसपास मौजूद लोग घबरा जाते हैं।
बताया जा रहा है कि यह इमारत काफी पुरानी थी और इसका इस्तेमाल छात्रों के रहने के लिए किया जा रहा था। हालांकि, इमारत गिरने की सही वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जाएगा कि इमारत की स्थिति कैसी थी और क्या इसमें सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को जल्द से जल्द इलाज उपलब्ध कराना है। हादसे के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
