Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

मेडल टैली में चौथा स्थान बरकरार, लेकिन Shooting और Athletics में गिरावट; Boxing, Wrestling और Hockey ने संभाली भारत की साख

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज के साथ कुल 85 मेडल जीते हैं और मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा। गोल्ड के मामले में भारत उज्बेकिस्तान के बराबर रहा, लेकिन सिल्वर मेडल ज्यादा होने की वजह से भारत उससे ऊपर रहा। चौथा स्थान देखने में भले ही संतोषजनक लगे, लेकिन क्या भारत का प्रदर्शन पिछली बार के मुकाबले बेहतर रहा है? इस सवाल का जवाब सिर्फ मेडल टैली देखने से नहीं मिलेगा। इसके लिए पिछले कुछ एशियन गेम्स और अलग-अलग खेलों में भारत के प्रदर्शन को समझना होगा।

पिछले तीन एशियन गेम्स में भारत कहां खड़ा है?

भारत के पिछले तीन एशियन गेम्स के प्रदर्शन पर नजर डालें तो तस्वीर काफी दिलचस्प है। 2018 के जकार्ता-पालेमबांग एशियन गेम्स में भारत ने 69 मेडल जीते थे और मेडल टैली में आठवें स्थान पर रहा था। इसके बाद हांगझोऊ एशियन गेम्स हुए, जो 2022 के नाम से आयोजित होकर 2023 में खेले गए। वहां भारत ने 28 गोल्ड समेत रिकॉर्ड 107 मेडल जीते और चौथा स्थान हासिल किया। अब 2026 में भारत ने 21 गोल्ड समेत 85 मेडल के साथ फिर चौथा स्थान हासिल किया है।

यानी 2018 से भारत की रैंकिंग में चार पायदान का सुधार हुआ है और पिछले एशियन गेम्स में हासिल चौथा स्थान बरकरार रहा है। लेकिन कुल मेडल की बात करें तो 2026 में भारत 2022/23 के रिकॉर्ड प्रदर्शन से 22 मेडल पीछे है। गोल्ड की संख्या भी 28 से घटकर 21 रह गई है।

इसलिए 2026 की कहानी को सिर्फ इस आधार पर सफलता नहीं कहा जा सकता कि भारत चौथे स्थान पर रहा। असली सवाल है कि 107 से 85 मेडल पर भारत क्यों आया और इस दौरान किन खेलों में सुधार हुआ और किन खेलों में गिरावट आई?

Shooting में सबसे बड़ी गिरावट

भारत की मेडल टैली में आई कमी की सबसे बड़ी वजहों में Shooting का कमजोर प्रदर्शन है। 2022/23 में Shooting भारत के सबसे सफल खेलों में शामिल था। भारत ने इस खेल में 7 गोल्ड, 9 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज यानी कुल 22 मेडल जीते थे।

2026 में Shooting से भारत को 3 गोल्ड, 8 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज समेत 15 मेडल मिले। यानी कुल मेडल सात कम हुए और गोल्ड की संख्या चार घट गई। यह गिरावट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शूटिंग पिछले एशियन गेम्स में भारत की कुल मेडल टैली के सबसे बड़े हिस्सों में से एक थी। इस बार कुछ शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन जरूर हुए, लेकिन 2022/23 जैसी सामूहिक सफलता नहीं मिल सकी।

Athletics में मेडल रहे, लेकिन गोल्ड गायब हो गए

Athletics की कहानी थोड़ी अलग है। 2022/23 में भारत ने Athletics से 29 मेडल जीते थे, जिसमें छह गोल्ड, 14 सिल्वर और नौ ब्रॉन्ज शामिल थे। 2026 में भारत को Athletics से 24 मेडल मिले। यानी कुल मेडल में सिर्फ पांच की कमी आई। लेकिन चिंता वाली बात यह है कि छह गोल्ड की जगह इस बार सिर्फ एक गोल्ड आया।

इसका मतलब है कि भारतीय एथलीट पोडियम तक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन गोल्ड में बदलने की क्षमता कमजोर हुई है। मेडल टैली में इसका असर इसलिए ज्यादा पड़ता है क्योंकि देशों की रैंकिंग सबसे पहले गोल्ड मेडल से तय होती है।

Badminton, Tennis और Equestrian में भी गिरावट

कुछ दूसरे खेलों ने भी भारत की कुल टैली को नीचे खींचा। 2022/23 में Badminton से भारत को तीन मेडल मिले थे, जबकि इस बार सिर्फ एक मेडल आया। Tennis में पिछली बार भारत ने दो मेडल जीते थे, लेकिन 2026 में कोई मेडल नहीं मिला। Equestrian में भी 2022/23 के दो मेडल के मुकाबले इस बार भारत खाली हाथ रहा।

ये आंकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इन खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। इसलिए इनसे मेडल नहीं आना भारत की कुल संख्या पर असर डालता है।

Archery ने पुराना प्रदर्शन दोहराया

जहां कुछ खेलों में गिरावट आई, वहीं Archery ने भारत को निराश नहीं किया। 2022/23 में भारत ने Archery में पांच गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज समेत नौ मेडल जीते थे। 2026 में भी भारत ने बिल्कुल यही आंकड़ा दोहराया। पांच गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज यानी कुल नौ मेडल।

इसका मतलब है कि Shooting और Athletics जैसे बड़े खेलों में गिरावट के बावजूद Archery ने अपनी स्थिति पूरी तरह बरकरार रखी। यही वजह है कि Archery इस बार भारत की सबसे भरोसेमंद मेडल फैक्ट्री में से एक रही।

Boxing और Wrestling में कमाल सिर्फ मेडल की संख्या का नहीं है

Boxing और Wrestling में भारत के प्रदर्शन को सिर्फ कुल मेडल के आधार पर नहीं देखना चाहिए। यहां मेडल के रंग में बदलाव ज्यादा महत्वपूर्ण है। 2022/23 में Wrestling से भारत को छह मेडल मिले थे। इनमें सिर्फ एक सिल्वर था, जबकि पांच ब्रॉन्ज थे। 2026 में भी कुल छह मेडल मिले, लेकिन इस बार दो गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज आए। यानी कुल संख्या नहीं बढ़ी, लेकिन भारत ने ब्रॉन्ज को गोल्ड और सिल्वर में बदलने की क्षमता दिखाई।

Boxing में सुधार और ज्यादा स्पष्ट है। पिछली बार भारत को चार मेडल मिले थे, जिसमें एक सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज थे। इस बार छह मेडल मिले, जिनमें तीन गोल्ड शामिल हैं। यानी Boxing इस बार भारत की सबसे बड़ी सकारात्मक कहानियों में शामिल रहा।

Hockey में ऐतिहासिक डबल

Team Sports में भारत की सबसे बड़ी सफलता Hockey रही। 2022/23 में पुरुष Hockey टीम ने गोल्ड जीता था और 2026 में भी उसने अपना खिताब बरकरार रखा। लेकिन इस बार महिला Hockey टीम ने भी इतिहास रचा। भारतीय महिला टीम ने 44 साल बाद Asian Games Gold जीता।

इस तरह भारत को Hockey में पुरुष और महिला दोनों वर्गों से गोल्ड मिला। पुरुष टीम की जीत के साथ भारत ने Los Angeles 2028 Olympics के लिए भी क्वालिफिकेशन हासिल किया। इसलिए कुल मेडल भले ही 2022/23 से कम हों, लेकिन Hockey में भारत की स्थिति मजबूत हुई है।

क्या 2022/23 के कुछ मेडल इस बार जीतने का मौका ही नहीं था?

यह सवाल भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2022/23 और 2026 का Asian Games  बिल्कुल एक जैसा नहीं था। हांगझोऊ में Chess, Bridge और Roller Sports जैसे खेल शामिल थे, लेकिन 2026 के कार्यक्रम में ये खेल नहीं हैं। भारत ने इन खेलों में पिछली बार मेडल भी जीते थे। Chess से भारत को दो सिल्वर, Bridge से एक सिल्वर और Roller Sports से दो ब्रॉन्ज मिले थे। इस तरह कम से कम पांच मेडल ऐसे थे जिन्हें भारत 2026 में दोहरा ही नहीं सकता था, क्योंकि संबंधित खेल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थे।

इसके उलट 2026 में MMA, Padel, Surfing, Teqball और Virtual Taekwondo जैसे नए खेल शामिल किए गए। भारत ने इन नए या बदले हुए खेलों में भी कुछ नए पदक हासिल किए। इसलिए 107 से 85 की पूरी गिरावट को केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन की कमी नहीं कहा जा सकता। Asian Games के खेलों और इवेंट्स का ढांचा भी बदला है।

तो क्या भारत बेहतर हुआ या कमजोर?

अगर सिर्फ कुल मेडल और गोल्ड को आधार बनाएं तो भारत का प्रदर्शन 2022/23 के मुकाबले कमजोर हुआ है। 107 मेडल से संख्या घटकर 85 हुई है और गोल्ड 28 से घटकर 21 रह गए हैं। लेकिन दूसरी तरफ भारत ने चौथा स्थान बरकरार रखा है। Archery ने अपना प्रदर्शन दोहराया है। Boxing में स्पष्ट सुधार हुआ है। Wrestling में मेडल का रंग बेहतर हुआ है। पुरुष और महिला दोनों Hockey टीमों ने गोल्ड जीता है और कुछ नए खेलों में भारत ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

इसलिए 2026 Asian Games की सबसे सटीक तस्वीर यह है कि भारत की रैंकिंग चौथी बनी रही, लेकिन मेडल की ताकत 2022/23 के मुकाबले कम हुई है।

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब यह है कि Shooting और Athletics जैसे पारंपरिक मजबूत खेलों में गिरावट को कैसे रोका जाए और Boxing, Wrestling, Hockey और Archery जैसी सफलताओं को आगे कैसे बढ़ाया जाए।

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