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एसएलवी-3 to world-class GSLV Mk III

भारत की SLV-3 से विश्व स्तरीय GSLV Mk III तक सफल यात्रा की कहानी

20 नवंबर 1967 को भारत में विकसित पहला रॉकेट, RH-75(ROHINI-75), थुम्बा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन (TERLS) से लॉन्च किया गया। थुम्बा को इसलिए चुना गया क्योंकि यह चुंबकीय भूमध्य रेखा के करीब है इसलिए हमारे वैज्ञानिकों को इस कार्यक्रम के लिए एक आदर्श स्थान लगा। किन्तु, गर्व तो इस बात ...

Space

भारत अपना खुद का ‘स्पेस-एक्स’ बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद के बोपाल में भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) के मुख्यालय का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी थे। इस कार्यक्रम में IN-SPACe और अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों और सेवाओं के क्षेत्र में काम ...

‘सस्ता, सुंदर, टिकाऊ’, ISRO बना रहा है भारत का अपना स्पेस शटल

‘सस्ता, सुंदर, टिकाऊ’, ISRO बना रहा है भारत का अपना स्पेस शटल

अपनी उड़ान और ऊँची करने के उद्देश्य से अब भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी अपनी उड़ान में नए पंख जोड़ने की तैयारी कर रही है. जल्द ही इसरो स्वदेशी स्पेस शटल का परीक्षण करने वाली है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो इसे जल्द ही कर्नाटक के चल्लकेरे की साइंस सिटी के ...

ISRO

ISRO ने हासिल की वर्ष 2022 की पहली सबसे बड़ी उपलब्धि, यहां वह सब कुछ है जो आपको जानना चाहिए

वर्ष 2022 के पहले सफल प्रक्षेपण में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सोमवार को पीएसएलवी रॉकेट के माध्यम से एक ऑल-वेदर अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-04 और दो अन्य उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा। इस लॉन्च के साथ ही भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के लिए एक व्यस्त कैलेंडर की शुरुआत हो ...

Satish Dhawan

सतीश धवन- एक ऐसे वैज्ञानिक, जिनकी वजह से जमीन से छलांग मारकर आसमान तक पहुंचा भारत

अगर आपसे यह पूछा जाए कि अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े सबसे बड़े वैज्ञानिक का नाम क्या है तो आपका उत्तर क्या होगा? संभवत: आप भारत के वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम का नाम लेंगे, लेकिन क्या आपको मालूम है कि डॉ कलाम के भी एक गुरु हुए हैं, ...

सैटेलाइट

भारत के स्पेस पॉवर का कभी NYT ने मजाक बनाया था, आज वही भारत दूसरे देशों के सैटेलाइट स्पेस में भेज रहा है

पिछले कई वर्षों में अगर कुछ निरंतर बढ़ता रहा है, तो वह है भारत का स्पेस प्रोग्राम। चाहे एंटी सैटेलाइट मिसाइल विकसित करना हो, या फिर चांद के दक्षिणी छोर पर लैंड रोवर भेजने का जोखिम उठाना, ISRO ने भारतीय स्पेस प्रोग्राम में चार चांद लगाए हैं। अब भारत दूसरे ...

बाइडेन

1992 में जब Joe Biden ने यह सुनिश्चित किया था कि भारत को Cryogenic तकनीक नहीं मिलनी चाहिए

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रेट्स की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन चाहते हैं कि दुनिया और भारत यह मान ले कि वह भारत के करीबी मित्र हैं। पर क्या ये सच है? इतिहास तो कुछ और ही कहता है। वर्ष 1992 की Los Angeles Times (लॉस ...

इसरो

ISRO ने शुरू किया प्रोजेक्ट ‘नेत्र’, अब अंतरिक्ष में उपग्रहों को डेब्रीज से नहीं पहुंचेगा नुकसान

भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक के बाद एक नए आयाम स्थापित करते जा रहा है। हाल ही में इसरो द्वारा चंद्रयान 2 के सफल प्रक्षेपण और चांद की कक्षा में ऑर्बिटर स्थापित करवाने के बाद अब स्पेस के खतरों से भी निपटने के लिए कमर कस ली है। चंद्रयान ...

इसरो चंद्रयान 2

मंगलयान से लेकर चंद्रयान 2, ये हैं इसरो की उपलब्धियां, जिन पर देश को गर्व है

गुरुवार रात चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) का लैंडर स्पेस चाँद पर उतरने वाला ही था कि 2.1 किलोमीटर पहले ही इसरो के वैज्ञानिकों का उससे संपर्क टूट गया। इसे देखने के लिए देश के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक उत्सुक थे। भले ही विक्रम से संपर्क टूट गया हो लेकिन ...

चंद्रयान 2 लॉंच: इसरो ने एक बार फिर देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया

चंद्रयान 2 लॉंच: इसरो ने एक बार फिर देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया

चंद्रयान 2 आज 2:43 मिनट पर लॉंच हो गया। इस बहुप्रतीक्षित मिशन को आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया। इससे पहले इसरो ने शनिवार को चंद्रयान-2 की लॉन्च रिहर्सल पूरी की थी। बता दें कि चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग 15 जुलाई की रात 2 बजकर ...

आरआईसैट-2 बी भारत

अंतरिक्ष में भारत की ‘तीसरी आंख’ की तरह काम करेगा आरआईसैट-2 बी

भारत की उपलब्धियों में एक और उपलब्धि जुड़ गयी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को रडार इमेजिंग निगरानी उपग्रह “आरआईसैट-2 बी” का पृथ्वी की निचली कक्षा में सफल प्रक्षेपण कर दिया। आरआईसैट-2 बी के सफल प्रक्षेपण के साथ ही भारत अब बेहद खराब मौसम में भी देश ...

इसरो नंबी नारायणन

भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में नंबी नारायणन के योगदान को आखिरकार मोदी सरकार ने दी मान्यता

इसरो के रिटायर वैज्ञानिक एस. नंबी नारायणन के लिए शुक्रवार का दिन बहुत अहम था। ये वो दिन था जब उन्हें भारतीय अन्तरिक्ष क्षेत्र में उनके द्वारा दिए गये योगदान को आखिरकार मान्यता मिली। उन्हें इस बार गणतंत्र दिवस पर प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसरो के रिटायर ...

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