निजी क्षेत्र की भागीदारी से टीकाकरण में तेजी आएगी : गोवा आईएमए

पणजी, 23 फरवरी (आईएएनएस)। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के गोवा चैप्टर ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान के रोलआउट में निजी स्वास्थ्य सेवाओं को तवज्जो देते हुए निजी स्वास्थ्य संबंधी कार्यो के लिए एक बड़ी भूमिका की मांग की है।

स्वास्थ्य निकाय का कहना है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी तेजी से टीकाकरण कवरेज और प्रभावी वितरण को कारगर बनाने में मदद करेगी।

आईएमए-गोवा के अध्यक्ष डॉ. विनायक बुवाजी ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि लाभार्थी को अनुमोदित करने के लिए स्थानीय मेडिकल एसोसिएशन को अधिकृत करें और उन्हें प्रमाणित आईडी प्रूफ के साथ निकटतम कोविड टीकाकरण बूथ पर वैक्सीन के प्रशासन के लिए निर्देशित करें।

बुवाजी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले कोविन प्लेटफॉर्म पर हेल्थकेयर वर्कर्स के अनिवार्य पंजीकरण के वर्तमान दृष्टिकोण की अपनी सीमाएं हैं।

उन्होंने कहा, यह देखा गया है कि सभी स्वास्थ्य पेशेवरों और सहायक फ्रंटलाइन वर्कर्स को कई व्यावहारिक कारणों के कारण पंजीकृत नहीं किया जाता है, जिस कारण कोविन पोर्टल पर लाभार्थियों के नाम अपलोड नहीं हो पाते हैं। ऐसे कई उदाहरण हैं, जिनमें हेल्थकेयर वर्कर्स ने उचित चैनलों के माध्यम से आंकड़े प्रस्तुत किए हैं, लेकिन उन्हें लाभार्थियों के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है।

टीकाकरण पोर्टल पर पंजीकृत लगभग 18,000 स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं, जिनमें से लगभग 10,000 का टीकाकरण हो चुका है। ऐसे फ्रंटलाइन वर्कर्स के मामले में टर्नआउट रेट कम है, जो टीकाकरण के लिए पात्र हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, टीकाकरण के दूसरे दौर की प्रतिक्रिया भी अच्छी नहीं रही है।

बुवाजी ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि वे पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थानों से अधिकृत पहचान और प्रमाणन के साथ, हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए टीकाकरण बूथों पर ऑन द स्पॉट एंट्री के लिए अनुमति दें।

उन्होंने कहा, रोजमर्रा के आधार पर डेटा संग्रह के लिए पोर्टल पर ऑफलाइन एंट्री बाद में अपलोड की जा सकती है।

–आईएएनएस

एकेके/एसजीके


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